स्वाइन फ्लू: दो और पाजिटिव, अब तक 482 चपेट में
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घाटी में स्वाइन फ्लू के पाजिटिव मामले अभी थम नहीं रहे हैं। शुक्रवार को शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेज (स्किम्स) में दो नए पाजिटिव मामले आए।
इस बीच विधान परिषद में कई सदस्यों के सवालों पर सरकार की ओर से लिखित जानकारी में बताया गया कि राज्य में अब तक 482 लोग स्वाइन फ्लू के एच1एन1 वायरस से पीडि़त हो चुके हैं। राज्य के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों में 26 मौतें हो चुकी हैं। इसमें सात मौतें संदिग्ध थीं।
स्किम्स में गत जनवरी 27 को पहला स्वाइन फ्लू का मामला सामने आया था। इसके बाद अस्पताल में 32 बेड वाले आइसोलेशन वार्ड को स्थापित किया गया। इसके अलावा एसएमएचएस अस्पताल में चार बेड आईसीयू और दस आइसोलेशन रूम स्थापित किए गए।
इसी तरह दस बेड वाले आइसोलेशन वार्ड जीबी पंत अस्पताल और चेस्ट डिजीज अस्पताल श्रीनगर में भी स्थापित किए गए। जीएमसी के चोपड़ा नर्सिगिं होम में भी आइसोलेशन यूनिट तैयार किया गया। स्वास्थ्य निदेशालय श्रीनगर और जम्मू में राउंड द क्लाक स्वाइन फ्लू कंट्रोल रूम काम कर रहा है।
श्रीनगर में टेस्टिंग लेबोरेटरी के निर्माण को मंजूरी
स्वाइन फ्लू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए राज्य केबिनेट ने जीएमसी जम्मू और गवर्नमेंट चेस्ट डिजीज अस्पताल श्रीनगर में एक-एक टेस्टिंग लेबोरेटरी के निर्माण को मंजूरी दी है। जम्मू से कोई टेस्टिंग लैब न होने से सैंपलों को जांच के लिए दिल्ली स्थित लेबोरेटरी में भेजा जा रहा है।
स्किम्स की प्रवक्ता सना कुलसुम ने बताया कि शुक्रवार को स्वाइन फ्लू के दो संदिग्ध मरीजों को अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है। अस्पताल की विशेष ओपीडी में 37 मरीजों को जांचा गया, जिनमें से दो संदिग्ध मरीजों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।
हालांकि पिछले चौबीस घंटों में कोई मौत न होने से राहत है। इस बीच जम्मू में तीन संदिग्ध मरीजों के सैंपल जांच के लिए दिल्ली भेजे गए। स्वास्थ्य निदेशक डा. बलजीत सिंह पठानिया के अनुसार तापमान बढ़ने से विशेष ओपीडी में संदिग्ध मरीजों की संख्या में कमी आई है।