राहत सामग्री वाले ट्रकों को क्यों किया जा रहा तंग?
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सोमवार को राहत सामग्री लेकर आने वाले ट्रकों को रियासत के प्रवेश द्वार लखनपुर में सुरक्षा जांच के लिए रोका लिया गया। देर शाम तक राहत सामग्री से लदे 25 ट्रकों का काफिला सुरक्षा जांच के चलते टोल प्लाजा पर ही रुका हुआ था। घंटों टोल प्लाजा पर फंसे रहने से ट्रक चालक और राहत सामग्री भेजने वाले भी खासे हलकान हुए।
गौरतलब है कि जिला प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए एक्सईएन और कामर्शियल टैक्स विभाग को नई औपचारिकताओं से संबंधित निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत बाहरी राज्यों से आने वाले राहत सामग्री से भरे वाहनों की न सिर्फ दस्तावेजों की जांच करवानी होगी, बल्कि वाहन में रखे सामान की भी जांच की जाए।
इतना ही नहीं रियासत में ट्रक दाखिल करने से पहले प्रवेश द्वार पर संबंधित जिले के जिला मजिस्ट्रेट का प्रमाणिकता पत्र भी दिखाना अनिवार्य होगा।
जिला मजिस्ट्रेट का प्रमाणिकता पत्र हुआ अनिवार्य
एक्साइज विभाग के डीसी मुश्ताक अहमद ने बताया कि कठुआ जिला मैजिस्ट्रेट का आदेश मिलने के बाद से ट्रकों को जांच के लिए रोका जा रहा है। उन्होंने बताया कि यदि कोई वाहन राहत सामग्री लेकर बाढ़ प्रभावितों के लिए जाना चाहता है, तो राज्य के संबंधित जिला मैजिस्ट्रेट की ओर से मिला प्रमाणिकता का पत्र भी दिखाना अनिवार्य होगा।
इसी तरह दूसरे विकल्प के अनुसार राहत सामग्री जहां भेजी जा रही है, उस जिले के जिला मजिस्ट्रेट द्वारा बाढ़ प्रभावितों के लिए सामान की जरूरत संबंधी पत्र की भी अनिवार्यता है। इन शर्तों को पूरा न कर पाने वाले वाहनों को आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा। इस नई औपचारिकता के चलते लखनपुर में फंसे ट्रक चालक बेबस नजर आए।
उन्होंने कहा कि कोई दिल्ली से आया है, तो कोई अमृतसर से। राहत सामग्री के सामान से भरे ट्रक वापस लेकर जाने से बेहतर है कि प्रशासन लखनपुर में ही सामान की अनलोडिंग करवाए और उन्हें वापस भेज दे। चाहे तो प्रशासन राहत सामग्री को अपने स्तर पर ही प्रभावितों तक पहुंचाए।