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1971 युद्ध में पाक में कैद सुबेदार आसा सिंह की पत्नी ने पति की रिहाई की अपील
Updated Tue, 27 Nov 2018 01:36 AM IST
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जम्मू। करतारपुर साबिह कोरिडार खुलने से शहर के नानक नगर की रहने वाली निर्मल कौर खुश हैं। 1971 के युद्ध में बंदी बनाए गए सूबेदार आसा सिंह की पत्नी निर्मल में पति की रिहाई की आस जगी है। वह 47 साल से पाकिस्तान की जेल से पति के रिहा होने का इंतजार कर रही हैं। 1971 के युद्ध में पाक ने 54 जवानों को बंदी बना लिया था।
निर्मल ने बताया कि कोरिडार खुलने से वह खुश हैं। वह मानती हैं कि ऐसा होने से दोनों देश एक-दूसरे के नजदीक आएंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से भी अपील की है कि वे उनके पति आसा सिंह और अन्य बंदियों की रिहाई के लिए हस्तक्षेप करें। क्योंकि इनके परिवार करीब पांच दशक से इंतजार कर रहे हैं। बच्चे 47 साल से पिता के लौटने का इंतजार कर रहे हैं।
कौर 2008 में पाकिस्तान गई थीं। उस समय तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ से मुलाकात भी हुई, लेकिन मायूसी ही हाथ लगी। उन्होंने कहा- ‘अब मुझे उम्मीद है कि उनकी अपील का जल्द ही कोई जवाब आएगा।’ आसा सिंह की पांच बेटियां और दो बेटे हैं। पति की गैरमौजूदगी में इनकी परवरिश एक बड़ी चुनौती थी। इस दौरान उनकी नवजोत सिंह सिद्धू ने काफी मदद की। उन्हें उम्मीद है कि सिद्धू के इमरान के साथ इस मामले पर बात करने का कोई नतीजा निकलेगा। कौर के परिवार का कहना है कि उन्होंने अभी उम्मीद नहीं छोड़ी है। उनकी एक बेटी ने कहा कि मैं अपने पिता को अपनी आंखों से देखना चाहती हूं।
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निर्मल ने बताया कि कोरिडार खुलने से वह खुश हैं। वह मानती हैं कि ऐसा होने से दोनों देश एक-दूसरे के नजदीक आएंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से भी अपील की है कि वे उनके पति आसा सिंह और अन्य बंदियों की रिहाई के लिए हस्तक्षेप करें। क्योंकि इनके परिवार करीब पांच दशक से इंतजार कर रहे हैं। बच्चे 47 साल से पिता के लौटने का इंतजार कर रहे हैं।
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कौर 2008 में पाकिस्तान गई थीं। उस समय तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ से मुलाकात भी हुई, लेकिन मायूसी ही हाथ लगी। उन्होंने कहा- ‘अब मुझे उम्मीद है कि उनकी अपील का जल्द ही कोई जवाब आएगा।’ आसा सिंह की पांच बेटियां और दो बेटे हैं। पति की गैरमौजूदगी में इनकी परवरिश एक बड़ी चुनौती थी। इस दौरान उनकी नवजोत सिंह सिद्धू ने काफी मदद की। उन्हें उम्मीद है कि सिद्धू के इमरान के साथ इस मामले पर बात करने का कोई नतीजा निकलेगा। कौर के परिवार का कहना है कि उन्होंने अभी उम्मीद नहीं छोड़ी है। उनकी एक बेटी ने कहा कि मैं अपने पिता को अपनी आंखों से देखना चाहती हूं।
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