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गोलाबारी
Updated Sat, 02 Jun 2018 01:40 AM IST
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श्रीनगर। आपदा प्रबंधन, राहत पुनर्वास व पुनर्निर्माण मंत्री जावेद मुस्तफ ा मीर ने भूकंपीय क्षेत्र पर राज्य की स्थिति को ध्यान में रखते हुए प्रभावी आपदा न्यूनीकरण योजना पर बल दिया है।
मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) को इस संबंध में विशेष तौर पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और किसी भी स्थिति को पूरा करने के लिए व्यापक आपदा शमन नीति तैयार करनी चाहिए।
मंत्री ने यह बात एनडीएमए के सदस्य लेफ्टिनेंट जनरल एनसी मारवाह, जिन्होंने शुक्रवार को उनसे मुलाकात की, के साथ बातचीत के दौरान कही। उन्होंनेे एनडीएमए सदस्य को सितंबर 2014 के बाढ़ के बाद राज्य सरकार द्वारा उठाए गए उपायों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने राज्य में किसी भी स्थिति के दौरान एनडीआरएफ के हस्तक्षेप की मांग की।
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मंत्री ने एसडीआरएफ के दायरे में सीमावर्ती गोलाबारी के पीड़ितों को लाने की भी वकालत की ताकि उनके प्रभावी बचाव और पुनर्वास अच्छी तरह से योजनाबद्ध तरीके से और समय पर किया जा सके।
प्राकृतिक आपदाओं के दौरान हर संभव सहायता का आश्वासन देते हुए लेफ्टिनेंट जनरल ने कहा कि राज्य में विभाग को और मजबूत करने के लिए किए गए विभिन्न उपायों के माध्यम से पिछले तीन वर्ष के दौरान आपदा तैयारी के संबंध में जम्मू कश्मीर ने एक सराहनीय काम किया है। उन्होंने घटनाओं के दौरान आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण के लिए विभाग की भी सराहना की।
उन्होंने मीडिया के माध्यम से अधिकतम जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने और कमजोर इलाकों में जागरूकता शिविर आयोजित करने पर जोर दिया। मौसम रिपोर्ट की भविष्यवाणी के लिए राज्य में अधिक डोप्लर की स्थापना के लिए मंत्री की मांग के जवाब में सदस्य ने कहा कि राज्य में तीन नए डोप्लर स्थापित किए जाएंगे।
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मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) को इस संबंध में विशेष तौर पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और किसी भी स्थिति को पूरा करने के लिए व्यापक आपदा शमन नीति तैयार करनी चाहिए।
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मंत्री ने यह बात एनडीएमए के सदस्य लेफ्टिनेंट जनरल एनसी मारवाह, जिन्होंने शुक्रवार को उनसे मुलाकात की, के साथ बातचीत के दौरान कही। उन्होंनेे एनडीएमए सदस्य को सितंबर 2014 के बाढ़ के बाद राज्य सरकार द्वारा उठाए गए उपायों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने राज्य में किसी भी स्थिति के दौरान एनडीआरएफ के हस्तक्षेप की मांग की।
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मंत्री ने एसडीआरएफ के दायरे में सीमावर्ती गोलाबारी के पीड़ितों को लाने की भी वकालत की ताकि उनके प्रभावी बचाव और पुनर्वास अच्छी तरह से योजनाबद्ध तरीके से और समय पर किया जा सके।
प्राकृतिक आपदाओं के दौरान हर संभव सहायता का आश्वासन देते हुए लेफ्टिनेंट जनरल ने कहा कि राज्य में विभाग को और मजबूत करने के लिए किए गए विभिन्न उपायों के माध्यम से पिछले तीन वर्ष के दौरान आपदा तैयारी के संबंध में जम्मू कश्मीर ने एक सराहनीय काम किया है। उन्होंने घटनाओं के दौरान आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण के लिए विभाग की भी सराहना की।
उन्होंने मीडिया के माध्यम से अधिकतम जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने और कमजोर इलाकों में जागरूकता शिविर आयोजित करने पर जोर दिया। मौसम रिपोर्ट की भविष्यवाणी के लिए राज्य में अधिक डोप्लर की स्थापना के लिए मंत्री की मांग के जवाब में सदस्य ने कहा कि राज्य में तीन नए डोप्लर स्थापित किए जाएंगे।