फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   बासमती की उपेक्षा कर ड्राई फ्रूट बेच रही सरकार

बासमती की उपेक्षा कर ड्राई फ्रूट बेच रही सरकार

Mon, 19 Feb 2018 08:01 PM IST
Updated Mon, 19 Feb 2018 08:01 PM IST
विज्ञापन
बासमती की उपेक्षा कर ड्राई फ्रूट बेच रही सरकार
rice - फोटो : DEMO PHOTO
कठुआ। इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर्स कोआपरेटिव लिमिटेड द्वारा खोख्याल गांव में लगाए गए शिविर में विधान परिषद सदस्य ठाकुर बलवीर सिंह ने कहा कि पूरे देश के किसानों की तरह ही रियासत में भी अन्नदाता परेशान है, लेकिन सरकार यह नहीं मानती। साफ कहें तो राज्य की गठबंधन सरकार का मुख्य जोर सेब और ड्राई फ्रूट पर है। पूरी दुनिया में आरएस पुरा की बासमती भले ही प्रसिद्ध है, लेकिन उसके बारे में बात नहीं होती। बासमती की खेती करने वाले किसान परेशान हैं, लेकिन सरकार फल बेचने में लगी हुई है।
विज्ञापन

खोख्याल के हाई स्कूल में आयोजित शिविर के दौरान विधान परिषद सदस्य ठाकुर बलवीर सिंह मुख्य अतिथि थे। उन्होंने कहा कि कठुआ से लेकर कारगिल तक किसान बसता है और यह सीमावर्ती इलाका है। जब सीमा पर हालात ठीक नहीं, तो किसानों के हालात कहां से ठीक होंगे। पांच किलोमीटर तक तो फसलें हर साल प्रभावित हो रही हैं। युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं और किसान के लिए जद्दोजहद का समय चल रहा है। उन्होंने कहा कि आज तक किसानों का कर्जा माफ नहीं हुआ। बीज की जरूरत हो तो नहीं मिलता, खाद की जरूरत हो तो वह भी नहीं मिलती। इफको को लग रहा है कि बेहतर काम हुआ है। इसलिए मैं जो अच्छे काम हुए हैं उसकी जानकारी हासिल करने आया हूं, ताकि उसे किसानों तक पहुंचा सकूं। इसी उद्देश्य से कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचा हूं। उन्होंने कहा कि पूरे हिंदुस्तान में किसी भी रियासत की बात करें, किसान आत्महत्या करने को मजबूर हो रहा है। योजनाएं बनती हैं, लेकिन किसानों को उनका लाभ नहीं मिलता। देश की संपदा को मालिया और नीरव मोदी जैसे लोग लूट कर लेकर जा रहे हैं। राज्य की गठबंधन के भागीदारों के आपस में दिल नहीं मिलते, मतभेद हैं, ऐसे में वे भला गरीब किसान की क्या फिक्र करेंगे।
विज्ञापन

शिविर में सौ से ज्यादा किसानों को जमीन को उर्वर करने के टिप्स दिए गए। इस मौके पर चीफ मैनेजर एग्रीकल्चर सर्विसेज इफको, निर्मल सिंह ने बताया कि किसानों के लिए क्राप सेमिनार का आयोजन किया गया है। इसमें बैलेंस यूरिया फर्टिलाइजेशन पर किसानाें को जागरूक किया गया। किसान इन दिनों यूरिया का इस्तेमाल बहुत ज्यादा कर रहे हैं। ज्यादा इस्तेमाल न करें, इससे जमीन की सेहत खराब हो रही है। किसानों को जमीन के सुधार के लिए सागरिका, बायो फर्टिलाइजर आदि की ओर आकर्षित करने की कोशिश की गई। जमीन की उर्वरता डीएपी, यूरिया और स्प्रे दवाओं से खराब हो रही है। फायदेमंद कीड़े खत्म हो रहे हैं, जबकि नुकसान पहुंचाने वाले कीट बढ़ रहे हैं। इनके बारे में जागरूक करने के मकसद से ही इस शिविर को लगाया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed