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उफनते नदी-नाले भी पस्त नहीं कर सके हौसले
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उधमपुर/पंचैरी। मंगलवार व बुधवार को हुई भारी बारिश व ओलावृष्टि के कारण तापमान में हुई गिरावट के कारण न केवल इन ग्रामीण क्षेत्रों में ठंड का असर व्याप्त रहा बल्कि इसके कारण यहां के नदी नालों का जलस्तर भी उफान पर रहा। वीरवार को उधमपुर-डोडा संसदीय सीट के लिए जारी मतदान प्रक्रिया में पंचैरी के लोगों ने भी जमकर मतदान किया। वहीं पंचैरी के आसपास के क्षेत्रों से मतदान करने के पोलिंग स्टेशन पर आने के लिए कई ग्रामीणों को नदी नालों में बढ़े जलस्तर के कारण काफी दुविधाओं का भी समाना करना पड़ा।
मजबूत लोकतंत्र की चाह रखने वाले ग्रामीण जान हथेली पर रखकर भी पोलिंग स्टेशनों तक पहुंचे व देश के सबसे बडे़ लोकतंत्र के पर्व में अपनी जिम्मेदारी निभाई। हालांकि जिला प्रशासन द्वारा मतदाताओं की सुविधाओं के लिए पर्याप्त प्रबंध किये थे। लेकिन सड़क मार्ग की पहुंच से दूर ग्रामीण पहाड़ी क्षेत्रों के उंचे क्षेत्रों में रहने वाले मतदाता आज भी पैदल ही पोलिंग स्टेशनों तक अपने मतदान के अधिकार का खुशी से इस्तेमाल किया। तथा ऐसी सरकार बनाने की चाह रखते है, जो पहाड़ी क्षेत्रों के विकास के लिए भी कार्य करे। वहीं वीरवार चुनाव से ठीक दो दिन पहले से जारी भारी बारिश व ओलावृष्टि के कारण उफान पर रहे उनके रास्ते में आने वाले नदी-नालों के जलस्तर ने उनकी मुश्किलें तो बढ़ाई, लेकिन उनके हौसलों को पस्त नही कर पाएं। ग्रामीण महिला मतदाताओं ने भी नदी नालों के उफनते जलस्तर को जान हथेली पर रखकर पार किया व देश के लोकतंत्र की मजबूत नीवं बनाने में अपना कर्तव्य निभाया।
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मजबूत लोकतंत्र की चाह रखने वाले ग्रामीण जान हथेली पर रखकर भी पोलिंग स्टेशनों तक पहुंचे व देश के सबसे बडे़ लोकतंत्र के पर्व में अपनी जिम्मेदारी निभाई। हालांकि जिला प्रशासन द्वारा मतदाताओं की सुविधाओं के लिए पर्याप्त प्रबंध किये थे। लेकिन सड़क मार्ग की पहुंच से दूर ग्रामीण पहाड़ी क्षेत्रों के उंचे क्षेत्रों में रहने वाले मतदाता आज भी पैदल ही पोलिंग स्टेशनों तक अपने मतदान के अधिकार का खुशी से इस्तेमाल किया। तथा ऐसी सरकार बनाने की चाह रखते है, जो पहाड़ी क्षेत्रों के विकास के लिए भी कार्य करे। वहीं वीरवार चुनाव से ठीक दो दिन पहले से जारी भारी बारिश व ओलावृष्टि के कारण उफान पर रहे उनके रास्ते में आने वाले नदी-नालों के जलस्तर ने उनकी मुश्किलें तो बढ़ाई, लेकिन उनके हौसलों को पस्त नही कर पाएं। ग्रामीण महिला मतदाताओं ने भी नदी नालों के उफनते जलस्तर को जान हथेली पर रखकर पार किया व देश के लोकतंत्र की मजबूत नीवं बनाने में अपना कर्तव्य निभाया।
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