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सड़क जाम कर किया प्रदर्शन
Updated Fri, 07 Dec 2018 01:48 AM IST
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दोमाना। पंचायत करलूप में सरपंच चुनाव में वोटों की गिनती को लेकर धांधली के आरोपों को लेकर वीरवार को मढ़ चौक में प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने मढ़ से विधायक चौधरी सुखनंदन के विरुद्घ नारेबाजी की। साथ ही उन्होंने मढ़ के पूर्व तहसीलदार जो पंचायत चुनाव में मजिस्ट्रेट के तौर पर तैनात थे के विरुद्घ भी नारेबाजी की और धांधली का आरोप लगाया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम दफ्तर की ओेर कूच कर एसडीएम मढ़ तारिक मलिक से मिले और उन्हें अपनी शिकायत बताई।
प्रदर्शनकारियों में एडवोकेट अभिनव शर्मा ने कहा कि वोटों की गिनती में धांधली की गई। क्षेत्र से पूर्व विधायक के इशारे पर प्रशासन ने करलूप पंचायत से हरजीत सिंह को जिताने में पूरा साथ दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि एआरओ के पास हैंडबुक तक नहीं थी। आरोपों को सुनने के बाद एसडीएम ने कहा कि उन्होंने पंचायत चुनाव साफ सुथरे कराए हैं। किसी भी स्थान पर कोई धांधली नहीं हुई है। लोकतंत्र में अपनी बात रखने का सब को अधिकार है। अगर लोग प्रदर्शन कर रहे हैं तो यह उनका हक बनता है।
गौरतलब है कि करलूप पंचायत में सरपंच चुनाव में चार प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे थे। चुनाव में कुल 2553 वोट डाले गए। इनमें से 85 वोट अवैध निकले, जीतने वाले प्रत्याशी हरजीत सिंह को 1275 वोट मिले। अपनी जीत का दावा करने वाले प्रत्याशी बिंदा को 1126 वोट मिले थे। जबकि दो अन्य प्रत्याशियाें को भी वोट मिले थे।
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प्रदर्शन में हारे सरपंच देवेंद्र कुमार (बिंदा) के अलावा गलवड्डे पंचायत से हारे सरपंच संतोष चिब (सोनू) के अलावा बड़ी संख्या में करलूप के लोग शामिल रहे। जिनमें स्कूल जाने बाले बच्चे भी शामिल रहे।
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मैं मजिस्ट्रेट के तौर पर तैनात था। मेरा काम कानून व्यवस्था बनाए रखना था न कि वोट डलवाना या गिनना। परिणाम तक रिटर्निंग अफसर निकालता है। मुझ पर झूठे आरोप लगाए गए हैं।
-बाबू राम चौधरी, पूर्व तहसीलदार मढ़
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प्रदर्शनकारियों में एडवोकेट अभिनव शर्मा ने कहा कि वोटों की गिनती में धांधली की गई। क्षेत्र से पूर्व विधायक के इशारे पर प्रशासन ने करलूप पंचायत से हरजीत सिंह को जिताने में पूरा साथ दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि एआरओ के पास हैंडबुक तक नहीं थी। आरोपों को सुनने के बाद एसडीएम ने कहा कि उन्होंने पंचायत चुनाव साफ सुथरे कराए हैं। किसी भी स्थान पर कोई धांधली नहीं हुई है। लोकतंत्र में अपनी बात रखने का सब को अधिकार है। अगर लोग प्रदर्शन कर रहे हैं तो यह उनका हक बनता है।
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गौरतलब है कि करलूप पंचायत में सरपंच चुनाव में चार प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे थे। चुनाव में कुल 2553 वोट डाले गए। इनमें से 85 वोट अवैध निकले, जीतने वाले प्रत्याशी हरजीत सिंह को 1275 वोट मिले। अपनी जीत का दावा करने वाले प्रत्याशी बिंदा को 1126 वोट मिले थे। जबकि दो अन्य प्रत्याशियाें को भी वोट मिले थे।
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प्रदर्शन में हारे सरपंच देवेंद्र कुमार (बिंदा) के अलावा गलवड्डे पंचायत से हारे सरपंच संतोष चिब (सोनू) के अलावा बड़ी संख्या में करलूप के लोग शामिल रहे। जिनमें स्कूल जाने बाले बच्चे भी शामिल रहे।
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मैं मजिस्ट्रेट के तौर पर तैनात था। मेरा काम कानून व्यवस्था बनाए रखना था न कि वोट डलवाना या गिनना। परिणाम तक रिटर्निंग अफसर निकालता है। मुझ पर झूठे आरोप लगाए गए हैं।
-बाबू राम चौधरी, पूर्व तहसीलदार मढ़