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फसल को जंगली घास से बचाएं
Updated Sun, 14 Jan 2018 01:29 AM IST
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राजोरी। कृषि विभाग के इन-सर्विस अधिकारियों को रबी सीजन की फसलों के विभिन्न प्रकार के जंगली घास की पहचान और उनके प्रबंधन के बारे में जागरुक करने के मकसद से प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा आयोजित शिविर में कई जानकारियां दी गईं।
वैज्ञानिक विशाल शर्मा ने बताया कि किस प्रकार से रबी सीजन की फसलों के साथ उगने वाले जंगली घास की पहचान करनी है और कैसे इससे किसानों को जागरूक करना है। उन्होंने बताया कि मुख्य फसल के साथ उगने वाली घास फसलों की पैदावार को करीब 33 प्रतिशत तक कम कर देता है। वहीं इस अवसर पर उन्होंने कीटनाशकों के सुरक्षित उपयोग और पर्यावरण पर प्रभाव डालती है। केवीके के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं हेड अरविंद इश्र ने बताया कि कृषि अधिकारियों में जंगली घास को लेकर जानकारी देना व किसानों तक उसेे पहुंचाने के लिए शिविर आयोजित किए जाते हैं ताकि नुकसान को कम किया जाए और फसलों की पैदावार को बढ़ा कर किसानों की आय में वृद्धि की जाए।
डॉ. अरविंद ने बताया कि दूर दराज के क्षेत्रों के किसानों तक लाभ पहुंचाने के लिए काम किया जाना चाहिए। शिविर में मुख्य कृषि अधिकरी यूनिस चौधरी, विकास शर्मा, सूरज प्रकाश, अभेय के. सिन्हा आदि उपस्थित रहे। ब्यूरो
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वैज्ञानिक विशाल शर्मा ने बताया कि किस प्रकार से रबी सीजन की फसलों के साथ उगने वाले जंगली घास की पहचान करनी है और कैसे इससे किसानों को जागरूक करना है। उन्होंने बताया कि मुख्य फसल के साथ उगने वाली घास फसलों की पैदावार को करीब 33 प्रतिशत तक कम कर देता है। वहीं इस अवसर पर उन्होंने कीटनाशकों के सुरक्षित उपयोग और पर्यावरण पर प्रभाव डालती है। केवीके के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं हेड अरविंद इश्र ने बताया कि कृषि अधिकारियों में जंगली घास को लेकर जानकारी देना व किसानों तक उसेे पहुंचाने के लिए शिविर आयोजित किए जाते हैं ताकि नुकसान को कम किया जाए और फसलों की पैदावार को बढ़ा कर किसानों की आय में वृद्धि की जाए।
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डॉ. अरविंद ने बताया कि दूर दराज के क्षेत्रों के किसानों तक लाभ पहुंचाने के लिए काम किया जाना चाहिए। शिविर में मुख्य कृषि अधिकरी यूनिस चौधरी, विकास शर्मा, सूरज प्रकाश, अभेय के. सिन्हा आदि उपस्थित रहे। ब्यूरो
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