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सरकारी स्कूलों में शारीरिक अध्यापकों का टोटा
Updated Sun, 15 Apr 2018 01:27 AM IST
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जम्मू। रियासत में सरकारी स्कूलों में शारीरिक अध्यापकों के पद खाली चल रहे हैं। मौजूदा समय में सूबे में 15 हजार पद शारीरिक अध्यापकों के स्वीकृत हैं। इसमें से 6319 पद ही भरे हैं जबकि 8681 पद खाली हैं। इन पदों को भरने के लिए अभी तक कवायद शुरू नहीं हो पाई है। इससे छात्रों को स्कूलों में फिजिकल एजूकेशन विषय की पढ़ाई सही तरीके से नहीं हो पा रहे हैं।
स्कूलों में शारीरिक शिक्षा को लेकर जानकारी अन्य विषयों के अध्यापकों को ही देनी पड़ती है। स्कूलों में बच्चों को शारीरिक व्यायाम भी स्कूल में सेवाएं दे रहे स्टाफ को ही करवाना पड़ रहा है। स्कूलों में नौवीं से 12 कक्षा तक फिजिकल एजूकेशन विषय पढ़ाया जाता है। शिक्षा विभाग ने इन पदों को भरने के लिए उच्च अधिकारियों को भी अवगत करवाया था। अभी तक इन पदों को भरने की अनुमति प्रदेश सरकार ने नहीं दी है। अध्यापकों की कमी के कारण फिजिकल एजूकेशन विषय में बच्चों को कम अंक आ रहे हैं। विषय से संबंधित जानकारी छात्रों को स्कूलों में सही ढंग से नहीं मिल पा रही है। अब स्कूलों में रिक्त पदों को भरने के बाद ही फिजिकल एजूकेशन विषय की पढ़ाई सही तरीके से कर सकेंगे।
शिक्षा निदेशक राकेश सारंगल ने कहा कि शारीरिक अध्यापकों के खाली पदों को भरा जाएगा। इसके लिए लिखित रूप में अधिकारियों को अवगत करवाया गया है। स्कूलों में फिजिकल एजूकेशन विषय की पढ़ाई करवाई जा रही है।
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स्कूलों में शारीरिक शिक्षा को लेकर जानकारी अन्य विषयों के अध्यापकों को ही देनी पड़ती है। स्कूलों में बच्चों को शारीरिक व्यायाम भी स्कूल में सेवाएं दे रहे स्टाफ को ही करवाना पड़ रहा है। स्कूलों में नौवीं से 12 कक्षा तक फिजिकल एजूकेशन विषय पढ़ाया जाता है। शिक्षा विभाग ने इन पदों को भरने के लिए उच्च अधिकारियों को भी अवगत करवाया था। अभी तक इन पदों को भरने की अनुमति प्रदेश सरकार ने नहीं दी है। अध्यापकों की कमी के कारण फिजिकल एजूकेशन विषय में बच्चों को कम अंक आ रहे हैं। विषय से संबंधित जानकारी छात्रों को स्कूलों में सही ढंग से नहीं मिल पा रही है। अब स्कूलों में रिक्त पदों को भरने के बाद ही फिजिकल एजूकेशन विषय की पढ़ाई सही तरीके से कर सकेंगे।
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शिक्षा निदेशक राकेश सारंगल ने कहा कि शारीरिक अध्यापकों के खाली पदों को भरा जाएगा। इसके लिए लिखित रूप में अधिकारियों को अवगत करवाया गया है। स्कूलों में फिजिकल एजूकेशन विषय की पढ़ाई करवाई जा रही है।
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