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नम आंखों से किया स्कूली बच्चों के अंतिम संस्कार
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रामबन। रामबन के करोल इलाके में मंगलवार को हुए टिप्पर हादसे में जान गंवाने वाले तीन स्कूली बच्चों का अंतिम संस्कार बुधवार सुबह करोल श्मशान घाट पर नम आंखों से किया गया। अंतिम संस्कार में सैकड़ों लोगों की मौजूदगी रही।
मंगलवार शाम हुए हादसे की खबर इलाके में आग की तरह फैली। जिसके बाद काफी संख्या में लोग पीड़ित परिवार के घर शोक प्रकट करने पहुंचे। दुख की इस घड़ी में शामिल होने वालों का यह सिलसिला बुधवार सुबह उनके अंतिम संस्कार के बाद भी जारी रहा। टिप्पर चालक मनमोहन सिंह जो इस हादसे घायल हुआ है और वह दो बेटों गौरव सिंह और अजय सिंह को खो चुका है। घायल हालत में अपने एक बेटे गोरव सिंह के संस्कार के लिए अस्पताल से छुट्टी ले कर आया था, जबकि उसका दूसरा बेटा चिनाब दरिया में बह गया है उसका शव हादसे के 24 घंटे बाद भी नहीं मिल पाया है।
बता दें कि चिनाब दरिया में गर्मी के मौसम में ग्लेशियर पिघलने से जल स्तर बढ़ा हुआ है, जिस वजह से दरिया में किसी किस्म का रेस्क्यू मुमकिन नहीं है। पुलिस ने दरिया चिनाब के आसपास के क्षेत्रों तथा पुलिस थानों को अजय सिंह के बह जाने की सूचना दी है। जिला अस्पताल में दो अन्य घायल बच्चे सरूपा देवी और कमलेश कुमारी को उनके परिजनों के अनुरोध पर विशेष उपचार के लिए जीएमसी रेफर किया गया है जबकि ज्योति देवी को मंगलवार को ही गंभीर हालत में इलाज के लिए जीएमसी ले जाया गया है। जहां वह जिंदगी और मौत से जंग लड़ रही है।
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एसएसपी रामबन अनिता शर्मा ने हादसे की जांच के लिए पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि हादसा किन परिस्थितियों में पेश आया।
जिला प्रशासन की तरफ से हादसे में मारे गए बच्चों के परिवारों को अभी तक किसी किस्म के मुआवजे की घोषणा नहीं की गई है।
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मंगलवार शाम हुए हादसे की खबर इलाके में आग की तरह फैली। जिसके बाद काफी संख्या में लोग पीड़ित परिवार के घर शोक प्रकट करने पहुंचे। दुख की इस घड़ी में शामिल होने वालों का यह सिलसिला बुधवार सुबह उनके अंतिम संस्कार के बाद भी जारी रहा। टिप्पर चालक मनमोहन सिंह जो इस हादसे घायल हुआ है और वह दो बेटों गौरव सिंह और अजय सिंह को खो चुका है। घायल हालत में अपने एक बेटे गोरव सिंह के संस्कार के लिए अस्पताल से छुट्टी ले कर आया था, जबकि उसका दूसरा बेटा चिनाब दरिया में बह गया है उसका शव हादसे के 24 घंटे बाद भी नहीं मिल पाया है।
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बता दें कि चिनाब दरिया में गर्मी के मौसम में ग्लेशियर पिघलने से जल स्तर बढ़ा हुआ है, जिस वजह से दरिया में किसी किस्म का रेस्क्यू मुमकिन नहीं है। पुलिस ने दरिया चिनाब के आसपास के क्षेत्रों तथा पुलिस थानों को अजय सिंह के बह जाने की सूचना दी है। जिला अस्पताल में दो अन्य घायल बच्चे सरूपा देवी और कमलेश कुमारी को उनके परिजनों के अनुरोध पर विशेष उपचार के लिए जीएमसी रेफर किया गया है जबकि ज्योति देवी को मंगलवार को ही गंभीर हालत में इलाज के लिए जीएमसी ले जाया गया है। जहां वह जिंदगी और मौत से जंग लड़ रही है।
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एसएसपी रामबन अनिता शर्मा ने हादसे की जांच के लिए पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि हादसा किन परिस्थितियों में पेश आया।
जिला प्रशासन की तरफ से हादसे में मारे गए बच्चों के परिवारों को अभी तक किसी किस्म के मुआवजे की घोषणा नहीं की गई है।