फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   सरकारी भूमि पर गुज्जरों को छूट देने का विरोध

सरकारी भूमि पर गुज्जरों को रहने की छूट देने का शिव सेना ने किया सरकार का विरोध

Mon, 12 Mar 2018 11:16 PM IST
Updated Mon, 12 Mar 2018 11:16 PM IST
विज्ञापन
सरकारी भूमि पर गुज्जरों को छूट देने का विरोध
CM Mehbooba Mufti - फोटो : ANI
कठुआ। गुज्जर समुदाय को सरकारी भूमि पर रहने की छूट पर रविवार को शिवसेना कार्यकर्ता भड़क गए। उन्होंने आदेश के विरोध में सरकार की शवयात्रा निकाली और पुतला जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि इस तरह का आदेश देने वाली सरकार को सत्ता में रहने का हक नहीं है और राज्य में राज्यपाल शासन लगा दिया जाना चाहिए।
विज्ञापन


शिव सेना जम्मू व कश्मीर के प्रधान नरेंद्र तांगड़ी ने कहा कि राज्य में सरकार संरक्षण के बहाने गुज्जरों को सरकारी भूमि पर रहने की छूट देने की बात कहती है, जिसे वह कभी नहीं मानेंगे। उन्होंने कहा कि इस समय सरकार सत्ता के मद में इतनी डूब चुकी है कि उसे अपने स्वार्थ के अलावा कुछ भी नजर नहीं आ रहा है।
विज्ञापन


एक तरफ न्यायालय सरकारी भूमि से कब्जे हटाने की बात करता है, तो सरकार कब्जे के लिए एक समुदाय विशेष को संरक्षण देने की बात कर रही है। उन्होंने कहा कि ऐसा क्या है कि सरकार केवल गुज्जर समुदाय के लोगों को ही संरक्षण देने की बात करती है। क्या बाकी लोग पूरी तरह से संपन्न हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्हें भूमि की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि साफ है कि सरकार धर्म के नाम पर अपने वोट बैंक केा बढ़ाने का काम कर रही है। रसाना मामले में भी सरकार ने राजनीति की और इसे भी धर्म विशेष के साथ जोड़ा।


उन्होंने कहा कि बच्ची की मौत की जांच सीबीआई से करवाने में सरकार को क्या हर्ज है, लेकिन सरकार इस समय धर्म के साथ हर मुद्दे को जोड़ रही है और अपने वोट बैंक को बनाने का काम कर रही है। सरकार को न तो लोगों की चिंता है और न ही राज्य के माहौल की। ऐसे में राज्य में अब राज्यपाल शासन लागू कर देना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed