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शोपियां मामले में सेना और सरकार के बीच बढ़ा विवाद
Updated Tue, 06 Mar 2018 01:36 AM IST
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जम्मू। घाटी में मेजर आदित्य के शहीद होने के बाद सेना और सरकार के बीच टकराव बढ़ गया है। शोपियां में सुरक्षा बलों से मुठभेड़ के दौरान मारे लोगों को सरकार आम नागरिक बता रही है। वहीं, सेना सभी मारे गए लोगों के तार आतंकी संगठन लश्कर ए तोइबा से जोड़ रही है।
मुख्यमंत्री और सेना की संयुक्त कमान की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने शोपियां आतंकी हमले के दौरान मारे गए लोगों के आम नागरिक बताया। मुख्यमंत्री ने कहा इस मुठभेड़ में दो आतंकी मारे गए। जबकि अन्य स्थानीय निवासी थे। क्षेत्र के लोगों ने भी आजादी के समर्थन में नारे लगाए और सरकार का विरोध जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह मारे गए लोगों के प्रति संवेदनाशील है। घटना से काफी गमगीन हैं। जबकि सेना का दावा है कि मारे गए सभी लोग ओवरग्राउंड वर्कर हो सकते हैं और उनके तार आतंकी संगठन से जुड़े हुए हैं। कश्मीर में हालात बिगड़ गए हैं। राजनीतिक और सैन्य स्तर पर दोनों के अलग अलग बयान आने से टकराव की स्थिति पैदा हो गई है। मृतकों की पहचान भी हो गई है। इसके बाद भी राजनीतिक बयानबाजी बढ़ गई है। जिन विपक्षी दलों का आधार कश्मीर है। वह भी इस मामले को लेकर सरकार पर दबाव बना रहे हैं। घटना को मात्र आतंकवाद से जोड़कर देखना की निंदा कर रहे हैैँ। वहीं, सेना के अधिकारी पत्रकार वार्ता व अन्य बयानों से कार्रवाई को सही बता रहे हैं।
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मुख्यमंत्री और सेना की संयुक्त कमान की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने शोपियां आतंकी हमले के दौरान मारे गए लोगों के आम नागरिक बताया। मुख्यमंत्री ने कहा इस मुठभेड़ में दो आतंकी मारे गए। जबकि अन्य स्थानीय निवासी थे। क्षेत्र के लोगों ने भी आजादी के समर्थन में नारे लगाए और सरकार का विरोध जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह मारे गए लोगों के प्रति संवेदनाशील है। घटना से काफी गमगीन हैं। जबकि सेना का दावा है कि मारे गए सभी लोग ओवरग्राउंड वर्कर हो सकते हैं और उनके तार आतंकी संगठन से जुड़े हुए हैं। कश्मीर में हालात बिगड़ गए हैं। राजनीतिक और सैन्य स्तर पर दोनों के अलग अलग बयान आने से टकराव की स्थिति पैदा हो गई है। मृतकों की पहचान भी हो गई है। इसके बाद भी राजनीतिक बयानबाजी बढ़ गई है। जिन विपक्षी दलों का आधार कश्मीर है। वह भी इस मामले को लेकर सरकार पर दबाव बना रहे हैं। घटना को मात्र आतंकवाद से जोड़कर देखना की निंदा कर रहे हैैँ। वहीं, सेना के अधिकारी पत्रकार वार्ता व अन्य बयानों से कार्रवाई को सही बता रहे हैं।
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