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अरनिया में बारिश से जीवन अस्त-व्यस्त
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अरनिया। सीमावर्ती क्षेत्र में सुबह शुरू हुई बारिश दिनभर जारी रही, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। वहीं, किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें खिंचना शुरू हो गई हैं।
किसान बाबू राम, सौदागर मल, हरभजन सिंह व दीप सिंह ने बताया कि गेहूं बीजाई के शुरुआती तीन-चार हफ्तों तक बारिश नहीं होने पर अंकुर नहीं फूटे थे। इससे सभी लोग चिंतित थे। मगर अब चार-पांच दिन से जारी बारिश ने फिर से परेशानी बढ़ा दी है। हालांकि, अभी तक बारिश से फसल को मामूली नुकसान हुआ है। अगर आगे भी ऐसा ही क्रम जारी रहा तो येलो रस्ट की बीमारी लग सकती है।
फिलहाल चिंता की जरूरत नहीं
किसानों को फिलहाल चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। इस बारिश से पत्तों को लगे येलो रेस्ट नामक कीटाणु धुल जाएंगे। इससे बीमारी के लगने की आंशका भी कम हो जाएगी बशर्ते खेतों में पानी रुकना नहीं चाहिए। अगर खेतों में पानी रुक जाए तो किसान उसे बाहर निकाल दें।
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-विकास कौशल, ईओ, अरनिया
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किसान बाबू राम, सौदागर मल, हरभजन सिंह व दीप सिंह ने बताया कि गेहूं बीजाई के शुरुआती तीन-चार हफ्तों तक बारिश नहीं होने पर अंकुर नहीं फूटे थे। इससे सभी लोग चिंतित थे। मगर अब चार-पांच दिन से जारी बारिश ने फिर से परेशानी बढ़ा दी है। हालांकि, अभी तक बारिश से फसल को मामूली नुकसान हुआ है। अगर आगे भी ऐसा ही क्रम जारी रहा तो येलो रस्ट की बीमारी लग सकती है।
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फिलहाल चिंता की जरूरत नहीं
किसानों को फिलहाल चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। इस बारिश से पत्तों को लगे येलो रेस्ट नामक कीटाणु धुल जाएंगे। इससे बीमारी के लगने की आंशका भी कम हो जाएगी बशर्ते खेतों में पानी रुकना नहीं चाहिए। अगर खेतों में पानी रुक जाए तो किसान उसे बाहर निकाल दें।
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-विकास कौशल, ईओ, अरनिया