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हादसे की सूचना पर पूरे रामबन में कोहराम
Updated Tue, 09 Oct 2018 04:21 PM IST
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रामबन। बनिहाल से रामबन की ओर आ रही मेटाडोर के केलामोड़ इलाके में खाई में गिर जाने से 20 यात्रियों की मौत की खबर ने पूरे जिले में कोहराम मचा दिया। सुबह दफ्तर का वक्त था, लिहाजा बनिहाल और आसपास इलाके के काफी संख्या में लोग जिला मुख्यालय के लिए निकले थे। इसके चलते इलाके के हर परिवार में अपनों की कुशलक्षेम जानने की चिंता सताने लगी। लोग अपने-अपने साधनों से घटना स्थल की ओर दौड़ पड़े।
हादसे के कुछ ही देर बाद पूरा रामबन शहर और आसपास के अलाके एंबुलेंस की साइन से गूंजने लगे। इससे हर लोगों को किसी अनहोनी की चिंता सताने लगे। देखते ही देखते घटनास्थल से अस्पताल तक अफरातफरी मच गई। कोई घटनास्थलन पर राहत और बचाव कार्य में हाथ बंटाने लगा तो कोई घायलों और मृतकों में अपनों की तलाश करता रहा। वारदात स्थल से अस्पताल तक चीखपुकार और बदहवासी का माहौल बना रहा। इस दौरान घायलों को अस्पताल तक पहुंचाने में कुछ असुविधा भी हो रही थी। चार घंटों को कड़ी मशक्कत से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। इस बीच गंभीर रूप से घायल यात्रियाें सेना ने चॉपर से उधमपुर कमान अस्पताल भेजने का फैसला किया। इसके लिए घायलों को चंद्रकोट स्थित सेना के हेलीपैड तक घायलों को ले जाने के लिए हाईवे पर यातायात को रोक दिया गया था। यातायात रोके जाने से कुछ वैसे लोग बेचैन हो रहे थे, जिनके अपने या रिश्तेदार हादसे के शिकार हो चुके थे। उन्हें मौके पर पहुंचने में परेशानी भी आई।
इनसेट
राहत व बचाव कार्य पर केंद्रीय राज्यमंत्री व डिवकाम ने रखी थी नजर
दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद डिवकाम जम्मू और केंद्रीय राज्यमंत्री डा. जितेंद्र सिंह ने राहत व बचाव कार्य पूरी नजर रखी हु ई थी। दोनों पल पल की जानकारी प्रशासन से हासिल कर रहे थे और दिशा निर्देश भी जारी कर रहे थे।
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एसएसपी ने दिया जांच का आश्वासन
एसएसपी रामबन अनिता शर्मा ने दुर्घटना की जांच करवाने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि पता लगाया जाएगा कि किन परिस्थितियों में इतना दर्दनाक हादसा हुआ है। कैसे इस तरह के हादसों को रोका जा सकता है।
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हादसे के कुछ ही देर बाद पूरा रामबन शहर और आसपास के अलाके एंबुलेंस की साइन से गूंजने लगे। इससे हर लोगों को किसी अनहोनी की चिंता सताने लगे। देखते ही देखते घटनास्थल से अस्पताल तक अफरातफरी मच गई। कोई घटनास्थलन पर राहत और बचाव कार्य में हाथ बंटाने लगा तो कोई घायलों और मृतकों में अपनों की तलाश करता रहा। वारदात स्थल से अस्पताल तक चीखपुकार और बदहवासी का माहौल बना रहा। इस दौरान घायलों को अस्पताल तक पहुंचाने में कुछ असुविधा भी हो रही थी। चार घंटों को कड़ी मशक्कत से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। इस बीच गंभीर रूप से घायल यात्रियाें सेना ने चॉपर से उधमपुर कमान अस्पताल भेजने का फैसला किया। इसके लिए घायलों को चंद्रकोट स्थित सेना के हेलीपैड तक घायलों को ले जाने के लिए हाईवे पर यातायात को रोक दिया गया था। यातायात रोके जाने से कुछ वैसे लोग बेचैन हो रहे थे, जिनके अपने या रिश्तेदार हादसे के शिकार हो चुके थे। उन्हें मौके पर पहुंचने में परेशानी भी आई।
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राहत व बचाव कार्य पर केंद्रीय राज्यमंत्री व डिवकाम ने रखी थी नजर
दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद डिवकाम जम्मू और केंद्रीय राज्यमंत्री डा. जितेंद्र सिंह ने राहत व बचाव कार्य पूरी नजर रखी हु ई थी। दोनों पल पल की जानकारी प्रशासन से हासिल कर रहे थे और दिशा निर्देश भी जारी कर रहे थे।
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एसएसपी ने दिया जांच का आश्वासन
एसएसपी रामबन अनिता शर्मा ने दुर्घटना की जांच करवाने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि पता लगाया जाएगा कि किन परिस्थितियों में इतना दर्दनाक हादसा हुआ है। कैसे इस तरह के हादसों को रोका जा सकता है।
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