{"_id":"5cc9fbe9bdec2207340732ec","slug":"131556741097-jammu-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मरीजों को 13 माह बाद मिला दूध और चीनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मरीजों को 13 माह बाद मिला दूध और चीनी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू। जीएमसी सहित अन्य एसोसिएटेड अस्पतालों में 13 माह बाद नाश्ते में आधा लीटर दूध और चीनी का पाउच देने की सप्लाई शुरू की गई है। इससे रोजाना करीब 1500 मरीजों को राहत मिलेगी। इससे पहले नाश्ते में चार ब्रेड पीस और एक सब्जी दी जा रही थी, जिसका मरीजों, तीमारदारों के साथ अन्य वर्ग के लोग विरोध कर रहे थे। फिलहाल दूध के लिए स्वास्थ्य विभाग पर लाखों रुपये की देनदारी बकाया है।
एक साल बंद रहने के बाद मई 2016 में डाइट में ब्रेकफास्ट सुविधा को शुरू किया गया था। लेकिन अप्रैल 2018 में नाश्ते में दूध और चीनी की सप्लाई को बंद कर दिया गया था। मरीजों को ब्रेकफास्ट में आधा लीटर दूध, चीनी का पाउच और चार ब्रेड पीस दिए जाते थे। यह सुविधा दोबारा शुरू की गई है। इससे एसोसिएटेड अस्पतालों में जीएमसी, एसएमजीएस, सीडी, साइक्रेटरी और सुपर स्पेशलिटी में रोजाना 1100-1200 मरीजों को लाभ मिलेगा।
नाश्ता मिलने से दूरदराज के मरीजों को ज्यादा राहत मिलती है। वार्डों में भर्ती मरीजों को सुबह नाश्ते में दूध की जरूरत पड़ती है, क्योंकि खासतौर पर दूरवर्ती इलाकों के मरीजों के लिए बाजार से महंगा दूध लाना संभव नहीं होता था। नाश्ते के बाद मरीजों को दोपहर की डाइट में एक दाल, सब्जी, चार चपाती, चावल तथा रात को चावल, चार चपाती और एक सब्जी दी जा रही है। इसमें औसतन प्रति मरीज पर एक दिन की डाइट पर साठ रुपये खर्च आता है। सूत्रों के अनुसार एसोसिएटेड अस्पतालों में सालाना डाइट पर दो करोड़ से कुछ ज्यादा का बजट है। लेकिन कई दशक से इसे बढ़ाने पर ध्यान नहीं दिया गया है, जबकि हर साल महंगाई बढ़ी है।
विज्ञापन
फोटो सहित
‘परचेज कमेटी में दिए थे निर्देश’
जीएमसी की प्रिंसिपल डा. सुनंदा रैना का कहना है कि डाइट के भुगतान के लिए विभिन्न स्रोतों से प्रयास किए जाते हैं। परचेज कमेटी में नाश्ते में दूध की सप्लाई देने के लिए निर्देश दिए गए थे।
फोटो सहित
48 घंटे बाद आमरण अनशन वापस लिया
जम्मू। जीएमसी अस्पताल के पार्किंग स्थल पर मरीजों को पर्याप्त डाइट देने की मांग के लिए पिछले दो दिन से आमरण अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोमनाथ डबगोत्रा ने बुधवार को अपना आमरण अनशन वापस ले लिया। इस दौरान एमएलसी रमेश अरोड़ा, आरटीआई कार्यकर्ता बलविंदर सिंह सहित अन्य लोग पहुंचे। उन्होंने जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। डबगोत्रा ने कहा कि वह मरीजों के कल्याण के लिए प्रयासरत रहे हैं। श्रीनगर के अस्पतालों की तुलना में जम्मू के मरीजों को कम डाइट दी जा रही थी। लेकिन अस्पतालों में नाश्ते में दूध की सप्लाई बहाल करने से मरीजों को राहत मिली है। इस बीच अस्पताल के पार्किंग स्थल में एंबुलेंस न लगाने की अनुमति देने के खिलाफ निजी एंबुलेंस चालकों ने विरोध जारी रखा। उन्होंने मांग की कि पेड पार्किंग में उनकी एंबुलेंस खड़ी करने दी जाए। जीएमसी प्रशासन के खिलाफ पर्याप्त एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हैं। ब्यूरो
विज्ञापन
एक साल बंद रहने के बाद मई 2016 में डाइट में ब्रेकफास्ट सुविधा को शुरू किया गया था। लेकिन अप्रैल 2018 में नाश्ते में दूध और चीनी की सप्लाई को बंद कर दिया गया था। मरीजों को ब्रेकफास्ट में आधा लीटर दूध, चीनी का पाउच और चार ब्रेड पीस दिए जाते थे। यह सुविधा दोबारा शुरू की गई है। इससे एसोसिएटेड अस्पतालों में जीएमसी, एसएमजीएस, सीडी, साइक्रेटरी और सुपर स्पेशलिटी में रोजाना 1100-1200 मरीजों को लाभ मिलेगा।
विज्ञापन
नाश्ता मिलने से दूरदराज के मरीजों को ज्यादा राहत मिलती है। वार्डों में भर्ती मरीजों को सुबह नाश्ते में दूध की जरूरत पड़ती है, क्योंकि खासतौर पर दूरवर्ती इलाकों के मरीजों के लिए बाजार से महंगा दूध लाना संभव नहीं होता था। नाश्ते के बाद मरीजों को दोपहर की डाइट में एक दाल, सब्जी, चार चपाती, चावल तथा रात को चावल, चार चपाती और एक सब्जी दी जा रही है। इसमें औसतन प्रति मरीज पर एक दिन की डाइट पर साठ रुपये खर्च आता है। सूत्रों के अनुसार एसोसिएटेड अस्पतालों में सालाना डाइट पर दो करोड़ से कुछ ज्यादा का बजट है। लेकिन कई दशक से इसे बढ़ाने पर ध्यान नहीं दिया गया है, जबकि हर साल महंगाई बढ़ी है।
विज्ञापन
फोटो सहित
‘परचेज कमेटी में दिए थे निर्देश’
जीएमसी की प्रिंसिपल डा. सुनंदा रैना का कहना है कि डाइट के भुगतान के लिए विभिन्न स्रोतों से प्रयास किए जाते हैं। परचेज कमेटी में नाश्ते में दूध की सप्लाई देने के लिए निर्देश दिए गए थे।
फोटो सहित
48 घंटे बाद आमरण अनशन वापस लिया
जम्मू। जीएमसी अस्पताल के पार्किंग स्थल पर मरीजों को पर्याप्त डाइट देने की मांग के लिए पिछले दो दिन से आमरण अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोमनाथ डबगोत्रा ने बुधवार को अपना आमरण अनशन वापस ले लिया। इस दौरान एमएलसी रमेश अरोड़ा, आरटीआई कार्यकर्ता बलविंदर सिंह सहित अन्य लोग पहुंचे। उन्होंने जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। डबगोत्रा ने कहा कि वह मरीजों के कल्याण के लिए प्रयासरत रहे हैं। श्रीनगर के अस्पतालों की तुलना में जम्मू के मरीजों को कम डाइट दी जा रही थी। लेकिन अस्पतालों में नाश्ते में दूध की सप्लाई बहाल करने से मरीजों को राहत मिली है। इस बीच अस्पताल के पार्किंग स्थल में एंबुलेंस न लगाने की अनुमति देने के खिलाफ निजी एंबुलेंस चालकों ने विरोध जारी रखा। उन्होंने मांग की कि पेड पार्किंग में उनकी एंबुलेंस खड़ी करने दी जाए। जीएमसी प्रशासन के खिलाफ पर्याप्त एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हैं। ब्यूरो