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135 परिवारों को मुआवजा मिलने का रास्ता साफ
Updated Thu, 01 Mar 2018 01:04 AM IST
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राजोरी। पाकिस्तानी गोलाबारी और आतंकवाद से प्रभावितों का मुआवजा और राहत के लिए जारी इंतजार खत्म हो गया है। डीसी राजोरी डॉ. शाहिद इकबाल चौधारी की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समन्वय और स्क्रीनिंग कमेटी ने 135 परिवारों की फायलों को मंजूरी दी है। बुधवार को डीसी की अध्यक्षता में कमेटी की बैठक हुई। इसमें एसएसपी जुगल मनहास, एसपी सीआईडी खालिद अमीन, बीएसएफ व सीआरपी के कमांडेंट, सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल, रोमियो फोर्स के मेजर, एसडीएम व तहसीलदारों ने हिस्सा लिया। बैठक में 135 परिवारों को मुआवजा देने के लिए फाइलों को मंजूरी दी।
डीसी ने बताया कि 135 में से 17 मामले ऐसे हैं, जो दो दशक से राहत व मुआवजा का इंतजार कर रहे थे। उधर, दो दशक बाद 17 में से 12 मामलों में मृतकों के परिवारों के सदस्य को सरकारी नौकरी देने, पांच परिवारों को चार-चार लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्णय लिया गया। 28 मामले ऐसे भी हैं जिनमें मृतकों के निकटतम परिजनों द्वारा मुआवजा लेने में अनिच्छा प्रकट करने के बाद उनको सरकारी नौकरियां देने के लिए फाइलों को जीएडी को सौंप दिया गया है। इसके अलावा पाकिस्तानी गोलाबारी से प्रभावित परिवरों को केंद्रीय योजना के तहत व राज्य आपदा प्रतिक्रिया निधी के अनुसार मुआवजा प्रदान करने को भी मंजूरी दी गई।
सरकारी कर्मियों को किया सम्मानित
पीड़ित परिवारों की फाइलें तैयार करने व समय पर मामलों को प्रशासन के सामने पेश करने के लिए रिलीफ सेक्शन अधिकारी व अन्य स्टाफ को 20-20 हजार रुपये की नकद राशि देकर सम्मानित किया गया।
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डीसी ने बताया कि 135 में से 17 मामले ऐसे हैं, जो दो दशक से राहत व मुआवजा का इंतजार कर रहे थे। उधर, दो दशक बाद 17 में से 12 मामलों में मृतकों के परिवारों के सदस्य को सरकारी नौकरी देने, पांच परिवारों को चार-चार लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्णय लिया गया। 28 मामले ऐसे भी हैं जिनमें मृतकों के निकटतम परिजनों द्वारा मुआवजा लेने में अनिच्छा प्रकट करने के बाद उनको सरकारी नौकरियां देने के लिए फाइलों को जीएडी को सौंप दिया गया है। इसके अलावा पाकिस्तानी गोलाबारी से प्रभावित परिवरों को केंद्रीय योजना के तहत व राज्य आपदा प्रतिक्रिया निधी के अनुसार मुआवजा प्रदान करने को भी मंजूरी दी गई।
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सरकारी कर्मियों को किया सम्मानित
पीड़ित परिवारों की फाइलें तैयार करने व समय पर मामलों को प्रशासन के सामने पेश करने के लिए रिलीफ सेक्शन अधिकारी व अन्य स्टाफ को 20-20 हजार रुपये की नकद राशि देकर सम्मानित किया गया।
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