फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   नए सत्र से राजोरी के सरकारी स्कूलों को भवन का तोहफा

नए सत्र से राजोरी के सरकारी स्कूलों को भवन का तोहफा

Tue, 20 Feb 2018 01:28 AM IST
Updated Tue, 20 Feb 2018 01:28 AM IST
विज्ञापन
नए सत्र से राजोरी के सरकारी स्कूलों को भवन का तोहफा
रवि वर्मा
विज्ञापन

राजोरी। जिले के दूरदराज के इलाकों में दर्जनों ऐसे सरकारी स्कूल हैं, जहां बच्चे खुले आसमान के नीचे शिक्षा ग्रहण करते हैं। बारिश हो जाने पर इन स्कूलों में छुट्टी कर देनी पड़ती है, क्योंकि इन स्कूलों के पास अपने भवन नहीं हैं या हैं भी तो वे खंडहर बन गए हैं। राजोरी में ऐसे 100 स्कूलों के लिए एक साल से भवन बनाने का काम चल रहा था। अब ये भवन बन कर तैयार हो गए हैं। उम्मीद है कि नए सत्र से बच्चे इन्हीं इमारतों में शिक्षा ग्रहण कर पाएंगे। इसके बाद जिला प्रशासन राजोरी के बाकी 63 स्कूलों के लिए भवन निर्माण का काम शुरू करवाएगा।
जानकारी के मुताबिक, पिछले साल जब डॉ. शाहिद इकबाल चौधरी ने राजोरी के डीसी का पदभार ग्रहण किया था, तो उन्होंने स्कूलों की हालत सुधारने का काम शुरू किया था। उन्हें पता चला कि राजोरी करीब 163 सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जिनके पास भवन नहीं हैं या हैं तो वे खंडहर बन गए हैं, जिसमें बच्चों को नहीं पढ़ाया जा सकता है। इसके बाद डीसी ने सरकारी स्कूलों को भवन प्रदान करने के लिए ‘तामीर’ नामक प्रोजेक्ट शुरू किया। ‘तामीर’ प्रोजेक्ट के तहत पहले चरण में 100 सरकारी स्कूलों के लिए पक्के भवन का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। ये सभी 100 भवन अब करीब-करीब बन कर तैयार हो गए हैं।
विज्ञापन

डीसी ने बताया कि स्कूलों के सभी 100 नए भवन नए सत्र से पहले पूरी तरह तैयार हो जाएंगे, जिसके बाद उसमें शिक्षण कार्य शुरू किया जा सकेगा। पहले चरण में दरहाल और राजोरी विधानसभा क्षेत्र में 40, कालाकोट क्षेत्र में 14, नौशेरा में 6 पक्के स्कूल बनाए जा रहे हैं। अन्य स्कूलों के भवन बुद्धल, मंजाकोट, थन्नामंडी आदि दूरदराज इलाकों में बनाए जा रहे हैं। इन 100 सरकारी स्कूलों में वर्तमान समय में 3,181 विद्यार्थी शिक्षा ले रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि स्कूलों को भवन मिल जाने से नए सत्र में विद्यार्थियों की संख्या भी दोगुनी होने की संभावना है। डॉ. शाहिद इकबाल चौधरी ने बताया कि पहले स्कूलों के पास पक्के भवन नहीं थे, तो स्कूल छोड़ने वालों में सबसे ज्यादा संख्या लड़कियों की होती थी। इसलिए पक्के भवन बन जाने से इन स्कूलों में लड़कियों की संख्या में भी इजाफा होगा। डीसी ने बताया कि इस वर्ष प्रोजेक्ट ‘तामीर’ के तहत अन्य 63 स्कूलों का निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed