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बुरहान की बरसी पर बड़ा हमला कर सकते हैं आतंकी
Updated Fri, 06 Jul 2018 01:16 AM IST
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जम्मू। हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर रह चुके आतंकी बुरहान वानी की बरसी पर कश्मीर में बड़ा हमला हो सकता है। पिछले साल भी आतंकियों ने वानी की बरसी के तीसरे ही दिन अमरनाथ यात्रियों की बस पर हमला कर दिया था। इसमें सात यात्रियों की मौत हो गई थी। ऐसी सूचनाएं हैं कि आतंकी बुरहान की बरसी पर किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं।
सूत्रों का कहना है कि आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन बुरहान की बरसी पर हमला करेगा। इसके पीछे घाटी के युवाओं को हिजबुल से जोड़ने की साजिश है। हिजबुल कहीं न कहीं युवाओं के बीच यह संदेश देना चाहता है कि बुरहान की मौत बेकार नहीं गई। उसकी हर बरसी पर वह अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। ताकि घाटी के युवाओं को अधिक से अधिक हिजबुल के साथ जोड़ा जाए।
मध्य कश्मीर के डीआईजी विधि कुमार विरदी का कहना है कि अभी कोई विस्तारपूर्वक जानकारी तो नहीं है, लेकिन आशंका जरूर रहती है। इसे देखते हुए सुरक्षा के उचित प्रबंध किए जाएंगे। पुलवामा के त्राल के रहने वाले बुरहान की मौत के बाद कश्मीर में काफी हिंसा हुई थी।
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बुरहान का नाम जिंदा रखने की कोशिश
आतंकी बुरहान वानी की 2016 में एक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। इसमें वह 10 अन्य साथियों के साथ खड़ा दिखा था। इस ग्रुप के अब सभी आतंकी खत्म हो चुके हैं, लेकिन आतंकी संगठन बुरहान के नाम को जिंदा रखना चाहता है। इसलिए बुरहान का हवाला देकर युवाओं को अधिक से अधिक हिजबुल के साथ जोड़ रहा है। बुरहान के मरने के बाद हिजबुल से कश्मीर के 100 से अधिक युवक जुड़ चुके हैं। इनमें कई उच्च शिक्षा रखने वाले भी शामिल हैं।
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सूत्रों का कहना है कि आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन बुरहान की बरसी पर हमला करेगा। इसके पीछे घाटी के युवाओं को हिजबुल से जोड़ने की साजिश है। हिजबुल कहीं न कहीं युवाओं के बीच यह संदेश देना चाहता है कि बुरहान की मौत बेकार नहीं गई। उसकी हर बरसी पर वह अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। ताकि घाटी के युवाओं को अधिक से अधिक हिजबुल के साथ जोड़ा जाए।
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मध्य कश्मीर के डीआईजी विधि कुमार विरदी का कहना है कि अभी कोई विस्तारपूर्वक जानकारी तो नहीं है, लेकिन आशंका जरूर रहती है। इसे देखते हुए सुरक्षा के उचित प्रबंध किए जाएंगे। पुलवामा के त्राल के रहने वाले बुरहान की मौत के बाद कश्मीर में काफी हिंसा हुई थी।
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बुरहान का नाम जिंदा रखने की कोशिश
आतंकी बुरहान वानी की 2016 में एक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। इसमें वह 10 अन्य साथियों के साथ खड़ा दिखा था। इस ग्रुप के अब सभी आतंकी खत्म हो चुके हैं, लेकिन आतंकी संगठन बुरहान के नाम को जिंदा रखना चाहता है। इसलिए बुरहान का हवाला देकर युवाओं को अधिक से अधिक हिजबुल के साथ जोड़ रहा है। बुरहान के मरने के बाद हिजबुल से कश्मीर के 100 से अधिक युवक जुड़ चुके हैं। इनमें कई उच्च शिक्षा रखने वाले भी शामिल हैं।