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बैटरी कार, साइकिल से लेंगे जम्बू जू का मजा
Updated Sun, 11 Mar 2018 12:56 AM IST
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जम्मू। जम्मू से सटे नगरोटा (खानपुर) में निर्माणाधीन जम्बू जू (चिड़ियाघर) आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। जू में चरणबद्ध 35 वन्यजीव प्रजातियों के बसेरे बनाए जाएंगे। बैटरी कार और साइकिल से लोग जू की सैर कर सकेंगे। राज्य के किसी पहले जू में यहां सोलर फेंसिंग करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए निर्माण एजेंसी जेएकेईडीए से बात हुई है, जिसमें डीपीआर पर काम किया जाएगा। हालांकि निर्माण कार्यों के चलते मार्च के मध्य में प्रथम चरण में शुरू होने वाले जू का अप्रैल तक श्रीगणेश होना लटक गया है।
जम्बू जू का निर्माण करीब पांच हजार (229.5 हेक्टियर) कनाल जमीन पर किया जा रहा है। आधुनिक तकनीक में जू के चारों ओर सोलर फेंसिंग में एडमिजिएबल करंट पास होती है, जो बाहर से किसी जानवर को भीतर आने से रोकती है। इस करंट से मामूली झटका होता है, जिससे जानवर या इंसान को जानी नुकसान नहीं होता है। बैटरी ओपन कार की सुविधा में विदेशों की तरह राज्यवासी बैटरी कार में वन्यजीवों का करीब जाकर नजारा ले सकते हैं। पर्यटकों की यात्रा रोमांचक बनाने के लिए साइकिल यात्रा को भी जोड़ा गया है। इससे शारीरिक रूप से तंदरुस्त रहने के साथ जू का आनंद ले सकेंगे। पर्यावरण मंत्री चौधरी लाल सिंह ने बताया कि सेंटर जू अथारिटी आफ इंडिया की ओर से जम्बू जू के निर्माण के लिए 121 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। रियासत में यह अपनी तरह का पहला जू होगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के साधन बढ़ने के साथ देश विदेश से पर्यटकों को खींचा जाएगा।
यह पशु-पक्षी होंगे
बार्किंग डीयर, नीलगाय, अजगर, मोर, भूरा भालू, चीता, हिरण, शेर, तेंदुआ, जंगली बकरी, बारहसिंगा, लेपड़ केट, भेड़िया, फिशिंग, मगरमच्छ, घड़ियाल, सवन, जांघिल, नील सर, सारस सहित कई तरह के पशु-पक्षी शामिल हैं।
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जम्बू जू का निर्माण करीब पांच हजार (229.5 हेक्टियर) कनाल जमीन पर किया जा रहा है। आधुनिक तकनीक में जू के चारों ओर सोलर फेंसिंग में एडमिजिएबल करंट पास होती है, जो बाहर से किसी जानवर को भीतर आने से रोकती है। इस करंट से मामूली झटका होता है, जिससे जानवर या इंसान को जानी नुकसान नहीं होता है। बैटरी ओपन कार की सुविधा में विदेशों की तरह राज्यवासी बैटरी कार में वन्यजीवों का करीब जाकर नजारा ले सकते हैं। पर्यटकों की यात्रा रोमांचक बनाने के लिए साइकिल यात्रा को भी जोड़ा गया है। इससे शारीरिक रूप से तंदरुस्त रहने के साथ जू का आनंद ले सकेंगे। पर्यावरण मंत्री चौधरी लाल सिंह ने बताया कि सेंटर जू अथारिटी आफ इंडिया की ओर से जम्बू जू के निर्माण के लिए 121 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। रियासत में यह अपनी तरह का पहला जू होगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के साधन बढ़ने के साथ देश विदेश से पर्यटकों को खींचा जाएगा।
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यह पशु-पक्षी होंगे
बार्किंग डीयर, नीलगाय, अजगर, मोर, भूरा भालू, चीता, हिरण, शेर, तेंदुआ, जंगली बकरी, बारहसिंगा, लेपड़ केट, भेड़िया, फिशिंग, मगरमच्छ, घड़ियाल, सवन, जांघिल, नील सर, सारस सहित कई तरह के पशु-पक्षी शामिल हैं।
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