अस्पतालों की सफाई में लगीं पुलिस की 12 कंपनियां
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बाढ़ के बाद घाटी में हर तरफ तबाही के निशान दिख रहे हैं। श्रीनगर के करीब सभी बड़े अस्पताल सेवा प्रदान करने में फिलहाल असफल हैं। स्वास्थ्य उपकरणों का लगभग 300 से 400 करोड़ का नुकसान पहुंचा है। जम्मू-कश्मीर पुलिस की 12 कंपनियां अस्पतालों के सफाई अभियान में जुट गई हैं।
कश्मीर में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह शुरू होने में काफी वक्त लग जाएंगे। घाटी का सबसे बड़ा अस्पताल श्री महाराजा हरि सिंह भीषण बाढ़ के कारण बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सुपर स्पेशलिटी वाला यह अस्पताल पूरी तरह बह गया है, यह अस्पताल आज पूरी तरह से खाली है।
अस्पताल की पहली मंजिल आठ दिनों तक पानी में डूबी रही, जिसके कारण इस मंजिल में पड़े सभी उपकरण नष्ट हो गए। अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डा. नज़ीर हुसैन के अनुसार इस अस्पताल में करीब 100 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ है।
एमआरआई, आक्सीजन प्लांट, एक्स-रे, सीटी स्कैन मशीन आदि उपकरण नष्ट हो गए। उनके अनुसार फिलहाल अस्थाई रूप से ओपीडी सेवाएं शुरू की गई हैं, लेकिन अस्पताल में कोई भी जांच करना संभव नहीं।
श्रीनगर के हर बड़े अस्पताल की हालात गंभीर
अस्पतालों की हालत ऐसी है की हर वार्ड, हर जांच केंद्र से काफी मलबा निकल रहा है। हालात की गंभीरता और अस्पतालों की जरूरत को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की सहायता के लिए जम्मू कश्मीर पुलिस सामने आई है। श्रीनगर के सभी बड़े अस्पताल, जिनमें एसएमएचएस जनरल अस्पताल, ललदेद अस्पताल, जीबी पंत अस्पताल शामिल हैं, में जम्मू कश्मीर आर्म्ड पुलिस की 12 कंपनियां लगाई गई हैं।
जम्मू कश्मीर आर्म्ड पुलिस के एडीजी एसएम सहाय के अनुसार स्वास्थ्य विभाग को सफाई कार्य में आने वाली मुश्किलों को ध्यान में रखते हुए उन्होंने पुलिस के जवानों को विभाग की सहायता करने के आदेश जारी किए हैं ताकि स्वास्थ सेवाएं जल्दी बहाल की जाएं। इसके अलावा सफाई अभियान में उनके साथ एसडीआरएफ के जवान भी लगे हुए हैं। श्रीनगर के अस्पतालों में दिन-रात सफाई अभियान जारी है।