{"_id":"5cd33d01bdec22071e6d51d2","slug":"11557347585-jammu-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुरानी पाइपें हटाने को बजट मिलने का इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुरानी पाइपें हटाने को बजट मिलने का इंतजार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू। शहर में पुरानी पाइपों को हटाने के लिए पीएचई विभाग बजट मिलने का इंतजार कर रहा है। इसके लिए विभाग ने 300 करोड़ की मांग केंद्र से की है लेकिन, अभी तक बजट स्वीकृत नहीं हो पाया है।
इस कारण पुरानी पाइपों को नहीं बदला जा सका है। अब बजट मिलने के बाद ही पाइपों को बदलने का काम शुरू होगा। पाइपों के लीक होने के कारण पानी व्यर्थ बह जाता है। पीएचई विभाग के अनुसार हर रोज 1 से 2 लाख गैलेन पानी बहता है। पाइपों की लीकेज को रोकने के लिए पाइपों को बदला जाना है। कुछ जगहों में तो पाइपें लीक होने के कारण पानी गलियों और सड़कों में बहता है।
पाइपें बदलने और अन्य मरम्मत कार्यों के लिए प्रस्ताव जनवरी माह में केंद्र को भेजा गया है। पीएचई विभाग ने शहर में कम साइज की पाइपों की जगह पर बड़ी पाइप लाइनें भी बिछानी है। समय-समय पर विभाग पेयजल लाइनों की मरम्मत करवा रहा है मगर पूरी तरह से समस्या का निदान नहीं हो पा रहा है। अब बजट मिलने के बाद पुरानी पाइपों की जगह नई पाइपें बिछाई जाएंगी।
विज्ञापन
शहर में पुरानी पाइपों की जगह नई पाइपें डालने और अन्य मरम्मत कार्य के लिए बजट की डिमांड की गई है। बजट मिलने के बाद पाइपों को बदला जाएगा। इससे पेयजल आपूर्ति बाधित नहीं होगी।
- अशोक गंडोत्रा, मुख्य अभियंता, पीएचई
विज्ञापन
इस कारण पुरानी पाइपों को नहीं बदला जा सका है। अब बजट मिलने के बाद ही पाइपों को बदलने का काम शुरू होगा। पाइपों के लीक होने के कारण पानी व्यर्थ बह जाता है। पीएचई विभाग के अनुसार हर रोज 1 से 2 लाख गैलेन पानी बहता है। पाइपों की लीकेज को रोकने के लिए पाइपों को बदला जाना है। कुछ जगहों में तो पाइपें लीक होने के कारण पानी गलियों और सड़कों में बहता है।
विज्ञापन
पाइपें बदलने और अन्य मरम्मत कार्यों के लिए प्रस्ताव जनवरी माह में केंद्र को भेजा गया है। पीएचई विभाग ने शहर में कम साइज की पाइपों की जगह पर बड़ी पाइप लाइनें भी बिछानी है। समय-समय पर विभाग पेयजल लाइनों की मरम्मत करवा रहा है मगर पूरी तरह से समस्या का निदान नहीं हो पा रहा है। अब बजट मिलने के बाद पुरानी पाइपों की जगह नई पाइपें बिछाई जाएंगी।
विज्ञापन
शहर में पुरानी पाइपों की जगह नई पाइपें डालने और अन्य मरम्मत कार्य के लिए बजट की डिमांड की गई है। बजट मिलने के बाद पाइपों को बदला जाएगा। इससे पेयजल आपूर्ति बाधित नहीं होगी।
- अशोक गंडोत्रा, मुख्य अभियंता, पीएचई