फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   पोर्टरों ने केंद्र सरकार से मांगी नौकरी

पोर्टरों ने केंद्र सरकार से मांगी नौकरी

विज्ञापन
पोर्टरों ने केंद्र सरकार से मांगी नौकरी
उधमपुर। देश के दुश्मनों के साथ लड़ने वाली सेना का सहयोग करने वाले पोर्टरों को आज तक केंद्र सरकार ने सरकारी नौकरी नहीं दी है, जबकि कश्मीर में पत्थर बरसाने वालों पर केंद्र सरकार मेहरबान है। केंद्रीय राज्य मंत्री से निर्देश मिलने के बाद भी डीसी ने पोर्टरों की बैठक सेना के अधिकारियों के साथ नहीं करवाई है। यह बातें शुक्रवार को पोर्टर यूनियन के प्रधान रमेश कुमार ने प्रेस वार्ता में कही।
विज्ञापन

रमेश कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार की तरफ से पिछले कुछ वर्षों से लगातार आश्वासन दिए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 19 सितंबर 2018 को भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष पवन खजूरिया ने पोर्टर यूनियन की बैठक दिल्ली में केंद्रीय राज्य मंत्री डा. जितेंद्र सिंह से करवाई थी। केंद्रीय राज्य मंत्री ने डीसी उधमपुर को निर्देश दिए थे कि जल्द पोर्टरों की बैठक सेना के उच्च अधिकारियों के साथ करवाई जाए, लेकिन आज तक डीसी ने इस बैठक का आयोजन नहीं करवाया है। पांच नवंबर 2018 को डा. जितेंद्र सिंह ने फिर से डीसी उधमपुर को जल्द बैठक करवाने के निर्देश दिए, लेकिन फिर भी डीसी ने कोई बैठक नहीं करवाई। पोर्टर युवाओं की उम्र निकलती जा रही है और अभी तक किसी को भी सेना में नौकरी नहीं मिली है। देश की सेवा करने वाले पोर्टरों को केंद्र सरकार पूरी तरह से नजर अंदाज कर रही है और सरकार का पूरा ध्यान देश को नुकसान पहुंचाने वाले पत्थरबाजों की तरफ है। अगर 15 जनवरी तक पोर्टरों की बैठक सेना के अधिकारियों के साथ नहीं करवाई गई तो सभी परिवार सहित सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन करने को मजबूर हो जाएंगे। इस मौके पर उत्तर सिंह, गुरदीप सिंह व अन्य मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed