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हर बार सरकार से मिला धोखा, आजिज आकर कर रहे हड़ताल
Updated Sun, 10 Jun 2018 01:08 AM IST
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कठुआ। पे बैंड में इजाफे और पटवार हलकों में बढ़ोतरी की मांग कर रहे पटवारियों ने शनिवार को जिला स्तर का धरना दिया। विभिन्न तहसील कार्यालय से आए पटवारियों और गिरदावरों ने जिला सचिवालय में आयोजित धरने में शिरकत की। उन्होंने सरकार को दो टूक कहा कि हर बार सरकार से धोखा मिलता रहा, इसी वजह से आजिज आकर उन्हें हड़ताल पर जाना पड़ा। इस बार वे सरकार के आश्वासन से नहीं मानेंगे। यदि सरकार को हड़ताल खत्म करवानी है तो वह वह मौखिक के बजाय लिखित में दे कि वह मांगें पूरी कर रही है।
धरने का नेतृत्व कर रहे वरिष्ठ उप प्रधान मुश्ताक अहम गनई और प्रांतीय प्रधान फारूक मलिक ने कहा कि उन्होंने सरकार ने कुछ वर्ष पूर्व तो नियाबतें बनाईं और जो तहसीलें बनाईं उसके कारण एक पटवार पर काम का बोझ बढ़ गया है। एक पटवार के पास तीन पटवार हलके और पंद्रह गांव हैं। ऐसे में काम सही से नहीं हो रहा है। यह सरकार के लिए ठीक नहीं। अब सरकार को ही ठीक से काम नहीं करना तो वे क्या करें। उस पर सरकार ने नायब तहसीलदार की सीधी भर्ती को बंद करने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि नायब तहसीलदार लगाने हैं तो अनुभव वाले कर्मचारियों को ही नायब तहसीलदार लगाएं ताकि सही से काम हो। इसके साथ ही एक ग्रेेजुएट पटवार का पे बैंड बढ़ाने की मांग भी सरकार पूरी नहीं कर रही। उन्होंने कहा कि हर ग्रेजुएट कर्मचारी का पे बैंड 2800 है तो फिर पटवारी का 2400 क्यों। इन मांगों को लेकर सरकार ने कई दफा बात भी हुई, लेकिन हर बार मात्र आश्वासन ही मिला। फरवरी में भी आश्वासन मिला कि एक महीने में मांगें पूरी होंगी, लेकिन तीन महीने बीत गए मांगों को पूरा नहीं किया और अब वह तब तक हड़ताल वापस नहीं लेंगे। जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता। अगर सरकार चाहती है कि पटवारी गिरदावर काम करें तो मांगों को पूरा करें।
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धरने का नेतृत्व कर रहे वरिष्ठ उप प्रधान मुश्ताक अहम गनई और प्रांतीय प्रधान फारूक मलिक ने कहा कि उन्होंने सरकार ने कुछ वर्ष पूर्व तो नियाबतें बनाईं और जो तहसीलें बनाईं उसके कारण एक पटवार पर काम का बोझ बढ़ गया है। एक पटवार के पास तीन पटवार हलके और पंद्रह गांव हैं। ऐसे में काम सही से नहीं हो रहा है। यह सरकार के लिए ठीक नहीं। अब सरकार को ही ठीक से काम नहीं करना तो वे क्या करें। उस पर सरकार ने नायब तहसीलदार की सीधी भर्ती को बंद करने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि नायब तहसीलदार लगाने हैं तो अनुभव वाले कर्मचारियों को ही नायब तहसीलदार लगाएं ताकि सही से काम हो। इसके साथ ही एक ग्रेेजुएट पटवार का पे बैंड बढ़ाने की मांग भी सरकार पूरी नहीं कर रही। उन्होंने कहा कि हर ग्रेजुएट कर्मचारी का पे बैंड 2800 है तो फिर पटवारी का 2400 क्यों। इन मांगों को लेकर सरकार ने कई दफा बात भी हुई, लेकिन हर बार मात्र आश्वासन ही मिला। फरवरी में भी आश्वासन मिला कि एक महीने में मांगें पूरी होंगी, लेकिन तीन महीने बीत गए मांगों को पूरा नहीं किया और अब वह तब तक हड़ताल वापस नहीं लेंगे। जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता। अगर सरकार चाहती है कि पटवारी गिरदावर काम करें तो मांगों को पूरा करें।
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