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जीएमसी विवाद : रैगिंग नहीं, रंजिश की सामने आई बात
Updated Tue, 27 Mar 2018 10:28 AM IST
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जम्मू। जीएमसी जम्मू के कैंपस में छात्रों के दो गुटों में तनातनी के मामले में शनिवार को एंटी रैगिंग सेल ने दोनों पक्षों के अलावा अभिभावकों सहित 25 लोगों के बयान दर्ज किए। एंटी रैगिंग सेल के कार्यालय में हुई बैठक में दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर यह मामला रैगिंग का न होकर रंजिश का पाया गया है।
रैगिंग सेल अपनी रिपोर्ट सोमवार को प्रिंसिपल को सौंपेगा। प्रिंसिपल के पास अंतिम कार्रवाई का प्रावधान रहेगा। इससे पहले शुक्रवार की रात कालेज हास्टल में रेजीडेंट डाक्टर एसोसिएशन जम्मू की अध्यक्षता में हुई बैठक में दोनों पक्षों में लिखित समझौता हो गया। सेल के चेयरमैन डॉ. एएस भाटिया ने बताया कि यह रैगिंग का मामला नहीं है। मामले की रिपोर्ट प्रिंसिपल को दी जाएगी।
एंटी रैगिंग सेल द्वारा इस मामले में मुख्य प्रथम और दूसरे वर्ष के दो छात्रों के अलावा अभिभावकों और अन्य सदस्यों के बयान लिए गए। इसमें प्रथम वर्ष के छात्र के अभिभावक ने बताया कि वह डिप्रेशन में है और इसके लिए मनोरोग की दवा ले रहा है। इसमें छात्र का मेडिकल रिकार्ड पेश किया गया।
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सूत्रों के अनुसार पहले रैगिंग सेल ने दोनों पक्षों के मुख्य दो छात्रों को तीन-तीन माह कैंपस से बाहर (रेस्टिगेट) करने की सहमति जताई। लेकिन अभिभावकों द्वारा मेडिकल रिपोर्ट पेश करने और छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस कार्रवाई की सिफारिश नहीं की गई है। इस कार्रवाई से दोनों पक्षों के छात्रों की परीक्षाएं प्रभावित हो रही थीं। इस मामले से जुड़े विद्यार्थियों की काउंसिलिंग की गई। उनके अभिभावकों ने भविष्य में ऐसी घटना न होने की जिम्मेवारी ली है।
एंटी रैगिंग सेल की ओर से चेयरमैन बायोकेमिस्ट्री विभाग से चेयरमैन डा. एएस भाटिया, फिजियोलाजी से डा. मृत्युंजय, फार्माकोलाजी से डा. सीमा गुप्ता, एडीएम आफिसर सत्य देवी, डा. रशवनी शर्मा, सर्जरी से डा. संजय वसीन, डा. मोनिका मन्हास, डा. शर्मिंदर कौर, डा. रितु गुप्ता के अलावा एसएचओ बख्शीनगर नरेश शर्मा, इंचार्ज पीपी जीएमसी ठाकुर दत्त मौजूद रहे।
गत दिवस स्टूडेंट कैंटीन में एमबीबीएस के प्रथम वर्ष के एक छात्र और सीनियर छात्रों (दूसरे वर्ष के छात्र) के बीच तनातनी से तनाव रहा था। इस प्रथम वर्ष के छात्र द्वारा बाहरी युवाओं को कैंपस में बुलाने पर अपने स्तर पर एंटी रैगिंग सेल ने कार्रवाई की थी।
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रैगिंग सेल अपनी रिपोर्ट सोमवार को प्रिंसिपल को सौंपेगा। प्रिंसिपल के पास अंतिम कार्रवाई का प्रावधान रहेगा। इससे पहले शुक्रवार की रात कालेज हास्टल में रेजीडेंट डाक्टर एसोसिएशन जम्मू की अध्यक्षता में हुई बैठक में दोनों पक्षों में लिखित समझौता हो गया। सेल के चेयरमैन डॉ. एएस भाटिया ने बताया कि यह रैगिंग का मामला नहीं है। मामले की रिपोर्ट प्रिंसिपल को दी जाएगी।
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एंटी रैगिंग सेल द्वारा इस मामले में मुख्य प्रथम और दूसरे वर्ष के दो छात्रों के अलावा अभिभावकों और अन्य सदस्यों के बयान लिए गए। इसमें प्रथम वर्ष के छात्र के अभिभावक ने बताया कि वह डिप्रेशन में है और इसके लिए मनोरोग की दवा ले रहा है। इसमें छात्र का मेडिकल रिकार्ड पेश किया गया।
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सूत्रों के अनुसार पहले रैगिंग सेल ने दोनों पक्षों के मुख्य दो छात्रों को तीन-तीन माह कैंपस से बाहर (रेस्टिगेट) करने की सहमति जताई। लेकिन अभिभावकों द्वारा मेडिकल रिपोर्ट पेश करने और छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस कार्रवाई की सिफारिश नहीं की गई है। इस कार्रवाई से दोनों पक्षों के छात्रों की परीक्षाएं प्रभावित हो रही थीं। इस मामले से जुड़े विद्यार्थियों की काउंसिलिंग की गई। उनके अभिभावकों ने भविष्य में ऐसी घटना न होने की जिम्मेवारी ली है।
एंटी रैगिंग सेल की ओर से चेयरमैन बायोकेमिस्ट्री विभाग से चेयरमैन डा. एएस भाटिया, फिजियोलाजी से डा. मृत्युंजय, फार्माकोलाजी से डा. सीमा गुप्ता, एडीएम आफिसर सत्य देवी, डा. रशवनी शर्मा, सर्जरी से डा. संजय वसीन, डा. मोनिका मन्हास, डा. शर्मिंदर कौर, डा. रितु गुप्ता के अलावा एसएचओ बख्शीनगर नरेश शर्मा, इंचार्ज पीपी जीएमसी ठाकुर दत्त मौजूद रहे।
गत दिवस स्टूडेंट कैंटीन में एमबीबीएस के प्रथम वर्ष के एक छात्र और सीनियर छात्रों (दूसरे वर्ष के छात्र) के बीच तनातनी से तनाव रहा था। इस प्रथम वर्ष के छात्र द्वारा बाहरी युवाओं को कैंपस में बुलाने पर अपने स्तर पर एंटी रैगिंग सेल ने कार्रवाई की थी।