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मेडिकल आफिसर्स के बर्खास्त और त्यागपत्र देने का सिलसिला जारी
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जम्मू। रियासत में नवनियुक्त मेडिकल आफिसर (डाक्टरों) के त्यागपत्र देने और बर्खास्त करने का सिलसिला जारी है। सरकार ने ड्यूटी पर न पहुंचने वाले 91 और डाक्टरों को बर्खास्त कर दिया है, जबकि नौ अन्य ने त्यागपत्र दिए हैं।
ताजा मामले में 30 डाक्टर आखिर नोटिस की तिथि तक अपनी ड्यूटी पर नहीं पहुंचे, जबकि अन्य डाक्टर ज्वाइन करने के बाद जमीनी स्तर पर अपने पदों पर नहीं पहुंचे। स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से फिजिकली गैरहाजिर रहने वाले 24 मेडिकल आफिसर को अंतिम मौका देते हुए नोटिस जारी किया गया था। बर्खास्त किए गए डाक्टरों के बाद करीब एक हजार नए मेडिकल आफिसर्स में से 393 की संख्या गिर गई है। सूत्रों को अनुसार 528 मेडिकल आफिसर्स को पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री और रेजीडेंसी के लिए चयन हुआ है। जनवरी 2019 में सरकार की ओर से 921 मेडिकल आफिसर्स की सूची जारी की गई थी। इन डाक्टरों को खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के लिए नियुक्त किया गया था। लेकिन इस बीच बड़ी संख्या में डाक्टरों का पोस्ट ग्रेजुएट के लिए चयन हो गया। जिसमें सैकड़ों डाक्टर अब तक अपने त्यागपत्र दे चुके हैं। सरकार की ओर से खाली हो रहे पदों पर वेटिंग सूची में शामिल डाक्टरों को प्राथमिकता दी जा रही है। पिछले माह 437 मेडिकल आफिसर अपने पोस्टिंग पदों पर नहीं पहुंच पाए थे। खाली पदों को भरने के लिए वेटिंग सूची पर काम किया जा रहा है।
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ताजा मामले में 30 डाक्टर आखिर नोटिस की तिथि तक अपनी ड्यूटी पर नहीं पहुंचे, जबकि अन्य डाक्टर ज्वाइन करने के बाद जमीनी स्तर पर अपने पदों पर नहीं पहुंचे। स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से फिजिकली गैरहाजिर रहने वाले 24 मेडिकल आफिसर को अंतिम मौका देते हुए नोटिस जारी किया गया था। बर्खास्त किए गए डाक्टरों के बाद करीब एक हजार नए मेडिकल आफिसर्स में से 393 की संख्या गिर गई है। सूत्रों को अनुसार 528 मेडिकल आफिसर्स को पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री और रेजीडेंसी के लिए चयन हुआ है। जनवरी 2019 में सरकार की ओर से 921 मेडिकल आफिसर्स की सूची जारी की गई थी। इन डाक्टरों को खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के लिए नियुक्त किया गया था। लेकिन इस बीच बड़ी संख्या में डाक्टरों का पोस्ट ग्रेजुएट के लिए चयन हो गया। जिसमें सैकड़ों डाक्टर अब तक अपने त्यागपत्र दे चुके हैं। सरकार की ओर से खाली हो रहे पदों पर वेटिंग सूची में शामिल डाक्टरों को प्राथमिकता दी जा रही है। पिछले माह 437 मेडिकल आफिसर अपने पोस्टिंग पदों पर नहीं पहुंच पाए थे। खाली पदों को भरने के लिए वेटिंग सूची पर काम किया जा रहा है।
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