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जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के चुनाव के लिए साहनी ने भरा नामांकन

Wed, 10 Apr 2019 01:44 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: जम्मू और कश्मीर ब्यूरो Updated Wed, 10 Apr 2019 01:44 AM IST
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ak sahani filed nomination for jammu kashmir high court bar association
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल
जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के चुनाव के लिए मंगलवार को नामांकन भरने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पूर्व प्रधान और सीनियर एडवोकेट एके साहनी ने प्रधान पद के लिए नामांकन पत्र दायर कर दिया। बार एसोसिएशन के कार्यालय में रिटर्निंग आफिसर बीएस सलाथिया ने उनका नामांकन लिया। 12 अप्रैल तक नामांकन भरे जाने हैं। मंगलवार को सिर्फ साहनी की ओर से ही नामांकन भरा गया है।
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साहनी वर्ष 1989 में भी बार के प्रधान रहे हैं। करीब तीन दशक बाद एक बार फिर इसी पद के लिए नामांकन भरने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इतने साल बाद फिर से चुनाव जीत कर रियासत में बार काउंसिल का गठन कराना उनका उद्देश्य है। सिर्फ इसी मुद्दे को लेकर वह चुनाव लड़ रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर वोटरों के बीच जा रहे हैं। सिर्फ जम्मू कश्मीर ही एक मात्र ऐसा राज्य है, जहां पर स्टेट बार काउंसिल नहीं है। काउंसिल नहीं होने की वजह से किसी वकील का भला नहीं हो रहा है।
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वकीलों के पास अपनी लाइब्रेरी तक नहीं है। जब काउंसिल होगी तो हर तरह के फंड्स आएंगे। वकीलों के लिए स्टाइपेंड होगा, उनके लिए बीमा योजना होगी, रिटायर होने पर अन्य लाभ मिलेंगे। रियासत में किसी ने भी बार काउंसिल का चुनाव कराने की जरूरत नहीं समझी और न ही जोर लगाया। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि यदि वह प्रधान बने तो चुनाव होगा। अगर हाईकोर्ट ने इसका संज्ञान नहीं लिया तो वे लोग अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे।
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क्या है बार काउंसिल
इस काउंसिल के होने वाले चुनाव में पूरी रियासत के कोर्ट के अधीन काम करने वाले वकील वोट करते हैं। 25 सदस्यों को चुनकर काउंसिल का गठन किया जाता है। बाद में एक चेयरमैन नियुक्त होता है। काउंसिल को ही अधिकार होता है कि किस वकील को लाइसेंस देना है, किसका कैंसल करना है। वकीलों के वेलफेयर के लिए काउंसिल काम करता है। पूरे देश में काउंसिल बनी हुई है। सिर्फ जम्मू-कश्मीर में नहीं है। पांच साल के बाद काउंसिल का दोबारा से चुनाव होता है।
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