बड़ा नुकसान: 100 दिन की हिंसा में कई वर्षों पीछे चला गया कश्मीर का विकास
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हिंसा के तनावपूर्ण माहौल के कारण सबसे ज्यादा नुकसान कश्मीर के पर्यटन उद्योग को हुआ है । गर्मी की छुट्टियाें में हर साल सबसे पसंदीदा टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनने वाली जन्नत को हिंसा ने ऐसा टापू बना दिया जहां आने से सभी ने तौबा कर ली। बालीवुड स्टार सलमान खान की ट्यूबलाइट सहित आधा दर्जन फिल्मों की शूटिंग रद्द हो गई।
सलमान को हिमाचल या फिर विदेशों में जाकर फिल्म शूट करने से भी गुरेज नहीं। दूसरी ओर लाखों की तादाद में आने वाले सैलानियों की तादाद इस कदर कम हो गई कि घाटी में लोग मेहमाननवाजी को तरस गए। ऐसे हालात में जन्नत से मुंह फेरने वालों की फिर से वापसी के रास्ते भी लंबे समय के लिए बंद नजर आ रहे हैं।
पर्यटन और ट्रांसपोर्ट उद्योग को बड़ा नुकसान
हिंसा ने पूरा टूरिस्ट सीजन चौपट कर दिया। पर्यटन उद्योग को हिंसा के 100 दिनाें में 3 हजार करोड़ से अधिक का नुकसान झेलना पड़ा है। होटल, हाउसबोट और रेस्टोरेंट नहीं खुल पाए। शिकारा मालिक रजाक माली के अनुसार शिकारेवालों की जेबें खाली हैं।
सामान्य दिनों में 1500 से 2000 रुपये हर रोज कमाते थे। अभी तो दिन में 500 रुपये भी कमा लें तो गनीमत समझते हैं। 100 दिनों के बंद और हिंसा के दौर ने छिटपुट कारोबारियों को भले ही बीच बीच में कुछ राहत दी हो लेकिन ट्रांसपोर्टराें के लिए यह दौर सबसे बुरा रहा है।
निजी वाहनों से लेकर सार्वजनिक वाहनों की आवाजाही कभी पत्थरबाजों का शिकार बनी तो कभी सुरक्षा बलों की। कश्मीर इकोनॉमिक अलायंस के अध्यक्ष मोहम्मद यासीन खान के मुताबिक घाटी की ट्रांसपोर्ट इंडस्ट्री को 2 हजार करोड़ का नुकसान झेलना पड़ा है।