पुलिस की सिफारिश पर कश्मीर में 10 हजार सोशल मीडिया एकाउंट बंद
कश्मीर में आतंकी हमलों के दौरान सक्रिय हो जाने वाले वाटसएप ग्रुप और फेसबुक अकाउंट पुलिस ने बंद करवा दिए हैं। इनकी जांच अब शुरू कर दी गई है। राज्य पुलिस ने आईटी विभाग से दस हजार एफबी और 300 वाटसएप ग्रुप को बंद करने की सिफारिश की थी।
राज्य पुलिस महानिदेशक एस पी वैद का कहना है कि इस मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। इस मामले से जुड़े लोगों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है।
जानकारी के अनुसार आतंकी हमलों के वक्त स्थानीय लोगों का एकदम से पहुंच जाना पुलिस के लिए सिरदर्दी बना हुआ था। पुलिस को यह समझ नहीं आता था कि एकदम से कैसे लोग पहुंच जाते हैं।
गृह मंत्रालय को भेजी गई रिपोर्ट
इसके बाद पता चला कि आतंक के आका सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक और वाट्सएप के जरिए युवाओं को घटनास्थल पर भेज देते हैं। हमला होने से ठीक पहले संदेश फ्लैश कर दिया जाता है।
जैसे हमला होता है तो आतंकियों को भागने में मदद करने के लिए स्थानीय युवकों को मौके पर भेज दिया जाता है। पिछले कई हमलों में ऐसा ही होता आ रहा है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास भी इसकी सूचना पहुंची थी।
इसके बाद केंद्र ने राज्य पुलिस से बात की और दोनों के निर्णय से यह अकाउंट बंद करवाए गए। यह नेटवर्क पाकिस्तान में बैठे आतंकियों के आकाओं और कश्मीर में बैठे देश विरोधी तत्वों की ओर से चलाया जा रहा था। डीजीपी वैद का कहना है कि बहुत से अकाउंट और भी बंद किए जाएंगे। इनकी सूची भी तैयार की जा रही है।