72 रसूखदारों के बकाये की कहानी, जानिए जम्मू-कश्मीर के किस नेता का कितना बकाया
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सरकारी बंगलों और कोठियों में रह रहे पूर्व मंत्रियों, विधायकों पर करोड़ों रुपये का बकाया हो चुका है। ऐसे 72 रसूखदारों पर किराया, मरम्मत, पानी और बिजली के 1.90 करोड़ रुपये की देनदारी हो चुकी है, जबकि अनधिकृत रूप से सरकार इन पूर्व माननीयों पर हर महीने 40 लाख रुपये से ज्यादा का खर्च उठा रही है।
हाईकोर्ट में जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल और जस्टिस संजय धर की खंडपीठ ने सारी जानकारी वेबसाइट पर अपलोड करने का आदेश जारी किया। खंडपीठ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के पूर्ववर्ती आदेशों के बावजूद पूर्व मंत्रियों और पूर्व विधायकों का अनधिकृत रूप से सरकारी भवनों पर कब्जा गंभीर मामला है।
कोर्ट ने कहा कि सुनवाई के दौरान केवल जम्मू और श्रीनगर शहरों में दी जा रही सुविधाओं की जानकारी दी गई है। अगली सुनवाई में सरकार यह भी बताए कि इन 72 पूर्व मंत्रियों, विधायकों को प्रदेश के अन्य शहरों में तो सरकारी आवास की सुविधा तो नहीं दी गई है।
कहां कितना बकाया
- पानी और बिजली - 56,89,524 रुपये
- किराया - 55,70,535 रुपये
- मरम्मत खर्च - 78,71,000 रुपये
मासिक खर्च
- सुरक्षा (केवल 9 मंत्री-विधायक) - 32,44,713 रुपये
- नौकर, माली, सुपरवाइजर इत्यादि - 7,93,049 रुपये
जानिए किसका कितना बकाया
- पूर्व मुख्यमंत्री जीएम शाह (दिवंगत) - 2,39,363 रुपये
- पूर्व मंत्री लाल सिंह - 1,81,155 रुपये
- पूर्व उपमुख्यमंत्री कवींद्र गुप्ता - 7,69,659 रुपये
- पूर्व मंत्री सुनील शर्मा - 3,73,463 रुपये
- पूर्व चेयरपर्सन केबी अग्रवाल - 4,31,906 रुपये
- पूर्व विधायक गुलाम नबी लोन हंजूरा - 2,60,790 रुपये
- पूर्व डिप्टी स्पीकर - 2,52,706 रुपये
- पूर्व विधायक पंडित पुरी - 1,04,324 रुपये
- पूर्व विधायक अब्दुल गनी वकील - 5,88,444 रुपये
- राजनीतिक व्यक्ति नजीर अहमद - 1,58,410 रुपये
- कांग्रेस जिला अध्यक्ष जाहिद हुसैन - 3,31,624 रुपये
- पूर्व विधायक एजाज अहमद मीर - 2,43,262 रुपये
- पूर्व विधायक बशीर अहमद डार - 1,03,926 रुपये
- पूर्व विधायक यासिर रेशी - 2,57,589 रुपये
- पूर्व विधायक रजा मंजूर - 3,67,441 रुपये
पूर्व सीएम के नाम श्रीनगर में अपना घर ऐसे में जम्मू में क्यों दिया बंगला
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि पूर्व मुख्यमंत्री जीएम शाह के नाम से श्रीनगर में निजी आवास है। सरकारी सुरक्षा के साथ परिवार भी श्रीनगर में रह रहा है। ऐसे में जम्मू में अलग से बंगला आवंटित करने का क्या मतलब है।
खंडपीठ ने कहा कि रिपोर्ट के अनुसार पूर्व मंत्री अब्दुल रहीम राथर को 43
हजार रुपये के मासिक किराए पर निजी आवास की सुविधा दी गई। बाद में इस आवास की सुविधा को आधिकारिक रूप से वापस लिया गया, लेकिन अभी भी इस मकान पर राथर का कब्जा है, जिसकी एवज में मकान मालिक को 15,48,000 रुपये का भुगतान लंबित है।