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Udhampur News: रोजगार के साथ प्रशिक्षण भी दे रहीं महिलाएं
Fri, 13 Jun 2025 01:29 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
Updated Fri, 13 Jun 2025 01:29 AM IST
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पंचायत लाड़ में लगाए गए अपने डिस्पोजल यूनिट के पास खड़ी रेखा देवी।
एनआरएलएम के तहत ग्राम पंचायत लाड़ में महिलाएं डिस्पोजेबल आइटम बनाकर बेच रहीं
डेढ़ लाख रुपये का बैंक ऋण चुकाने के बाद अब महिलाएं प्रति माह 30 से 50 हजार रुपये तक कमा रहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। ब्लॉक घोरड़ी में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत डेढ़ लाख रुपये का बैंक ऋण चुकाने के बाद अब महिलाएं प्रति माह 30 से 50 हजार रुपये तक कमा रहीं हैं। क्षेत्र की कई महिलाओं को प्रशिक्षण देने के साथ ही इसमें आठ महिलाओं को रोजगार भी मिल रहा है।
ब्लॉक घोरड़ी में स्थित पंचायत लाड़ में रहने वाली महिलाएं वर्ष 2022 से डिस्पोजेबल आइटम बनाकर बेच रहीं हैं। इस इकाई की संचालक रेखा देवी ने बताया कि पर्यावरण सरंक्षण को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने 2022 में दौने, पत्तल और डिस्पोजेबल प्लेट बनाने की इकाई लगाई थी।
इसके लिए उन्होंने एनआरएलएम के माध्यम से उन्होंने डेढ़ लाख रुपये का बैंक ऋण भी लिया। क्षेत्र की कई महिलाओं को दौने, पत्तल और डिस्पोजेबल प्लेट बनाने वाली मशीन चलाने का प्रशिक्षण भी दिया। ताकि क्षेत्र की अन्य महिलाएं भी स्वरोजगार कर आत्मनिर्भर बनने सकें।
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उन्होंने कहा कि इस इकाई में आठ महिलाएं काम करके अपने परिवार को पाल रहीं हैं। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई योजनाएं चला रही है। अन्य जरूरतमंद महिलाओं को भी स्वरोजगार का प्रशिक्षण देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आजकल महिलाएं पुरुषों से कम नहीं हैं। अगर महिला चाहे तो वह आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार को स्वयं पाल सकती है।
उन्होंने कहा कि उनकी इकाई को अब तीन साल हो गए हैं। इससे जुड़ी महिलाएं मेहनत कर मौजूदा समय में प्रति माह 30 से 50 हजार रुपये तक कमा रहीं हैं।
जब उन्होंने शुरू में यह इकाई लगाई तो उनका एक ही मकसद था कि वह क्षेत्र की अन्य महिलाओं को भी स्वावलंबी बनाने का प्रयास करेंगी। उन्होंने अन्य महिलाओं से भी सरकार की ओर संचालित निशुल्क व्यावसायिक प्रशिक्षण लेकर आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया है।
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डेढ़ लाख रुपये का बैंक ऋण चुकाने के बाद अब महिलाएं प्रति माह 30 से 50 हजार रुपये तक कमा रहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। ब्लॉक घोरड़ी में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत डेढ़ लाख रुपये का बैंक ऋण चुकाने के बाद अब महिलाएं प्रति माह 30 से 50 हजार रुपये तक कमा रहीं हैं। क्षेत्र की कई महिलाओं को प्रशिक्षण देने के साथ ही इसमें आठ महिलाओं को रोजगार भी मिल रहा है।
ब्लॉक घोरड़ी में स्थित पंचायत लाड़ में रहने वाली महिलाएं वर्ष 2022 से डिस्पोजेबल आइटम बनाकर बेच रहीं हैं। इस इकाई की संचालक रेखा देवी ने बताया कि पर्यावरण सरंक्षण को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने 2022 में दौने, पत्तल और डिस्पोजेबल प्लेट बनाने की इकाई लगाई थी।
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इसके लिए उन्होंने एनआरएलएम के माध्यम से उन्होंने डेढ़ लाख रुपये का बैंक ऋण भी लिया। क्षेत्र की कई महिलाओं को दौने, पत्तल और डिस्पोजेबल प्लेट बनाने वाली मशीन चलाने का प्रशिक्षण भी दिया। ताकि क्षेत्र की अन्य महिलाएं भी स्वरोजगार कर आत्मनिर्भर बनने सकें।
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उन्होंने कहा कि इस इकाई में आठ महिलाएं काम करके अपने परिवार को पाल रहीं हैं। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई योजनाएं चला रही है। अन्य जरूरतमंद महिलाओं को भी स्वरोजगार का प्रशिक्षण देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आजकल महिलाएं पुरुषों से कम नहीं हैं। अगर महिला चाहे तो वह आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार को स्वयं पाल सकती है।
उन्होंने कहा कि उनकी इकाई को अब तीन साल हो गए हैं। इससे जुड़ी महिलाएं मेहनत कर मौजूदा समय में प्रति माह 30 से 50 हजार रुपये तक कमा रहीं हैं।
जब उन्होंने शुरू में यह इकाई लगाई तो उनका एक ही मकसद था कि वह क्षेत्र की अन्य महिलाओं को भी स्वावलंबी बनाने का प्रयास करेंगी। उन्होंने अन्य महिलाओं से भी सरकार की ओर संचालित निशुल्क व्यावसायिक प्रशिक्षण लेकर आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया है।