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Udhampur News: पुण्यतिथि पर कामरेड धनवंतरी को दी श्रद्धांजलि
Sun, 14 Jul 2024 03:16 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
Updated Sun, 14 Jul 2024 03:16 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। शहीद भगत सिंह यादगार कमेटी की ओर से मास्टर लूदर मनी के नेतृत्व में एक कार्यक्रम हुआ। इसमें कामरेड धनवंतरी को 71वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उनके चित्र पर फूल-मालाएं अर्पित कर कार्यों को याद किया गया।
कामरेड बंसी लाल खजूरिया ने बताया कि कामरेड धनवंतरी जम्मू-कश्मीर प्रदेश के एक होनहार सिपाही थे। शहीद भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव के साथ काम किया और देश को आजाद करवाने में भी काफी योगदान दिया। उन्हें अंग्रेजों ने कालापानी की सजा सुनाई और अंडमान निकोबार की जेल में रखा। यहां पर उन्हें काफी यातनाएं सहना पड़ी। जब देश आजाद हुआ तो जेल से रिहा कर दिया गया। इसके बाद वो कम्युनिस्ट पार्टी में शामिल हो गए। अपने अंतिम दिनों में जम्मू आ गए और मजदूरों, किसानों व गरीब वर्ग के अधिकारों के लिए संघर्ष किया। 13 जुलाई 1953 को उनकी मृत्यु हुई। इस अवसर पर गुलाम अहमद, हाजी गुलाम रसूल, रमेश कुमार, मदन लाल, चंद्र शेखर आदि उपस्थित थे।
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उधमपुर। शहीद भगत सिंह यादगार कमेटी की ओर से मास्टर लूदर मनी के नेतृत्व में एक कार्यक्रम हुआ। इसमें कामरेड धनवंतरी को 71वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उनके चित्र पर फूल-मालाएं अर्पित कर कार्यों को याद किया गया।
कामरेड बंसी लाल खजूरिया ने बताया कि कामरेड धनवंतरी जम्मू-कश्मीर प्रदेश के एक होनहार सिपाही थे। शहीद भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव के साथ काम किया और देश को आजाद करवाने में भी काफी योगदान दिया। उन्हें अंग्रेजों ने कालापानी की सजा सुनाई और अंडमान निकोबार की जेल में रखा। यहां पर उन्हें काफी यातनाएं सहना पड़ी। जब देश आजाद हुआ तो जेल से रिहा कर दिया गया। इसके बाद वो कम्युनिस्ट पार्टी में शामिल हो गए। अपने अंतिम दिनों में जम्मू आ गए और मजदूरों, किसानों व गरीब वर्ग के अधिकारों के लिए संघर्ष किया। 13 जुलाई 1953 को उनकी मृत्यु हुई। इस अवसर पर गुलाम अहमद, हाजी गुलाम रसूल, रमेश कुमार, मदन लाल, चंद्र शेखर आदि उपस्थित थे।
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