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Udhampur News: शहर की सड़कें बदहाल, लोगों को लग रहीं टेंडरिंग और प्रस्ताव की मंजूरी के इंतजार से ठोकरें
Sat, 27 Apr 2024 05:52 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
Updated Sat, 27 Apr 2024 05:52 AM IST
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सीवरेज बिछाने के चलते बिगड़ी अधिकतर सड़कों की हालत, यूईईडी ने पीडब्ल्यूडी को 4.38 करोड़ जारी कर दी है सुध लेने की जिम्मेदारी
अब आचार संहिता के चलते बढ़ा रखरखाव करने का इंतजार
अब आचार संहिता के चलते करना पड़ सकता ओर इंतजार
सौरभ सागर
उधमपुर। जिला मुख्यालय होने के बावजूद शहर की मुख्य सड़कों की दयनीय हालत की वजह से लोग ठोकरें खाने पर मजबूर हैं। काफी समय से मरम्मत न होने के कारण कई स्थानों पर उखड़ी सड़कें एवं गड्ढे हादसों को न्योता दे रहे हैं। इससे शहर व संपर्क मार्गों से लगते इलाकों की करीब एक लाख आबादी प्रभावित हो रही है। कुछ सड़कों की हालत अर्वन एनवायरनमेंट इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट (यूईईडी) विभाग के सीवरेज निर्माण कार्य और कुछ ही पीडब्ल्यूडी की अनदेखी के कारण हुई है। हालांकि, यूईईडी ने लोक निर्माण विभाग को 4.38 करोड़ रुपये की राशि जारी कर दी है। वहीं, लोक निर्माण विभाग ने भी करीब 20 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है। आचार संहिता के चलते जनता को अभी कुछ और इंतजार करना पड़ेगा।
जिला मुख्यालय एवं उधमपुर शहर के बीचोबीच स्थित धार रोड से नेशनल हाईवे को जोड़ने वाली वार्ड एक की वीआईपी रोड की हालत बहुत ही खराब है। यहां से रोजाना सैकड़ों वाहन हिचकोले खाते गुजरते हैं। दोपहिया वाहन चालकों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है। दोमेल से जखैनी के रास्ते राजमार्ग तक तीन किलोमीटर के सफर को मात्र 500 मीटर पूरा करती शार्टकट रोड से शहरवासियों सहित कई वीआईपी भी गुजरते हैं। क्योंकि नेशनल हाईवे से अधिकतर वीआईपी की शहर में इंट्री इसी रोड से होती है। संवाद
चार किमी सड़क में 100 मीटर हिस्सा भी दुरुस्त नहीं
शहर के वार्ड 21, 17 एवं 16 में सैलां तालाब चौक से बट्टल वालियां तक करीब चार किमी लंबी सड़क पर 100 मीटर हिस्सा भी सही नहीं हैं। इस रोड से नगरोटा, रठियान, दंदयाल, गर्ल्स डिग्री कॉलेज, मुख्य शिक्षा अधिकारी का कार्यालय और औद्योगिक क्षेत्र पड़ता है। इस कारण रोजाना बड़ी संख्या में यात्री वाहन, दोपहिया एवं निजी वाहन और ट्रक आदि गुजरते हैं। स्कूल, कॉलेज एवं सरकारी कार्यालयों की मौजूदगी के चलते हर रोज सैकड़ों छात्र एवं राहगीर भी पैदल सफर करते हैं। लेकिन, सड़क की दयनीय हालत की वजह से उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई चालक नई गाड़ी को इस रोड से ले जाने में भी परहेज करने लगे हैं।
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मुख्य बस स्टैंड, सिटी पुलिस थाना रोड भी बेहाल
जखैनी चौक से रेलवे स्टेशन करीब दो किलोमीटर, वार्ड 11 में लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबी जेल रोड, वार्ड 12 व 17 में 500 मीटर लंबी त्रिकुटा नगर आइस फैक्टरी रोड, जखैनी चौक से लेकर ओमाड़ा एवं सलमेय तक चार किलोमीटर लंबी रोड, बीएसएनएल कॉलोनी से संगूर चौक करीब ढाई किमी लंबी रोड, एमएच चौक से पुलिस स्टेशन और मुख्य बस स्टैंड को जाने वाली 750 मीटर रोड आदि सड़कों की हालत खराब है। काफी समय से मरम्मत नहीं हुई है। कई सड़कों की 2020 के बाद से ब्लैक टाॅपिंग नहीं हुई है। खासकर सीवरेज निर्माण के चलते बदहाल हुई सड़कों की आजतक मुरम्मत नहीं हुई है।
करोना काल में शुरू हुआ सड़कों बदहाली का दौर
2020 में करोना काल के दौरान शुरू हुए सीवरेज निर्माण कार्य के दौरान शहर की कई अहम सड़कों को उखाड़ा गया था, जिनकी आजतक सही ढंग से मरम्मत नहीं हुई है। इसे लेकर शहर में रोष भी देखने को मिलता है। यूईईडी ने कुछ सड़कों की मरम्मत भी करवाई, लेकिन मात्र पैच वर्क तक ही काम सीमित रहा है। यूईईडी ने पीडब्ल्यूडी को जिम्मा सौंपते हुए सड़क की मरम्मत के लिए 4.38 करोड़ की राशि जारी की, लेकिन सड़कें दुरुस्त नहीं हो पाई। अब पीडब्ल्यूडी की ओर से लगभग 20 करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया है, जिसे मंजूरी का इंतजार है।
टेंडरिंग प्रकिया का इंतजार
यूईईडी की ओर से सड़कों की मरम्मत के लिए जारी की गई राशि के तहत टेंडर प्रक्रिया शेष है। कुछ सड़कों की पहले फेज में ब्लैक टाॅपिंग करवाई गई थी। लेकिन अन्य सड़कों की दूसरे फेज में मरम्मत होनी है। इसके लिए भी लगभग 20 करोड़ का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। अब मंजूरी का इंतजार है। आचार संहिता के बाद ही मरम्मत संभव हो पाएगी।
- सरवर महमूद, कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
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सीवरेज निर्माण कार्य में बरती गई लापरवाही का खामियाजा चार सालों से जनता भुगत रही है। शहर की 90 प्रतिशत मुख्य सड़कें बदहाल हैं। आज तक उन्हें दुरुस्त नहीं किया गया है। अगर कुछ हुआ भी है तो वो भी मात्र कागजों तक ही सीमित है।
- अमन शर्मा, समाज सेवक
कुछ सालों से शहर की कई अहम सड़कों पर ब्लैक टाॅपिंग न होने की वजह से लोग परेशान हैं। कई इलाकों में यूईईडी विभाग द्वारा कराए गए सीवरेज निर्माण कार्य के बाद सड़कों की मरम्मत नहीं कराई गई है। इससे अब समस्या लगातार विकराल रूप कारण कर चुकी है।
- सुरेश खजूरिया, स्थानीय निवासी
2020 में सीवरेज का निर्माण कार्य शुरू किया गया था जो 2024 की शुरूआत में भी पूरा नहीं हो पाया है। आज भी कई स्थानों पर अनियमिताओं के चलते मरम्मत कार्य जारी है। जो सड़क उखाड़ी गई थी उन्हें संपूर्ण रूप से दुरुस्त नहीं किया गया। इस वजह से शहर सड़कों की दयनीय हालत है।
- महेश बनाथिया, सदस्य, टीम देविका
आदर्श कॉलोनी में लगभग एक साल से भी पहले बाबा लाल दयाल मंदिर वाली रोड पर सीवरेज निर्माण कार्य किया गया था। सड़क की मरम्मत में खानापूर्ति करते हुए पैच वर्क ही किया। इस सड़क जगह-जगह से बदहाल है। लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
- विशाल गुप्ता, आदर्श कॉलोनी
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अब आचार संहिता के चलते बढ़ा रखरखाव करने का इंतजार
अब आचार संहिता के चलते करना पड़ सकता ओर इंतजार
सौरभ सागर
उधमपुर। जिला मुख्यालय होने के बावजूद शहर की मुख्य सड़कों की दयनीय हालत की वजह से लोग ठोकरें खाने पर मजबूर हैं। काफी समय से मरम्मत न होने के कारण कई स्थानों पर उखड़ी सड़कें एवं गड्ढे हादसों को न्योता दे रहे हैं। इससे शहर व संपर्क मार्गों से लगते इलाकों की करीब एक लाख आबादी प्रभावित हो रही है। कुछ सड़कों की हालत अर्वन एनवायरनमेंट इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट (यूईईडी) विभाग के सीवरेज निर्माण कार्य और कुछ ही पीडब्ल्यूडी की अनदेखी के कारण हुई है। हालांकि, यूईईडी ने लोक निर्माण विभाग को 4.38 करोड़ रुपये की राशि जारी कर दी है। वहीं, लोक निर्माण विभाग ने भी करीब 20 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है। आचार संहिता के चलते जनता को अभी कुछ और इंतजार करना पड़ेगा।
जिला मुख्यालय एवं उधमपुर शहर के बीचोबीच स्थित धार रोड से नेशनल हाईवे को जोड़ने वाली वार्ड एक की वीआईपी रोड की हालत बहुत ही खराब है। यहां से रोजाना सैकड़ों वाहन हिचकोले खाते गुजरते हैं। दोपहिया वाहन चालकों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है। दोमेल से जखैनी के रास्ते राजमार्ग तक तीन किलोमीटर के सफर को मात्र 500 मीटर पूरा करती शार्टकट रोड से शहरवासियों सहित कई वीआईपी भी गुजरते हैं। क्योंकि नेशनल हाईवे से अधिकतर वीआईपी की शहर में इंट्री इसी रोड से होती है। संवाद
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चार किमी सड़क में 100 मीटर हिस्सा भी दुरुस्त नहीं
शहर के वार्ड 21, 17 एवं 16 में सैलां तालाब चौक से बट्टल वालियां तक करीब चार किमी लंबी सड़क पर 100 मीटर हिस्सा भी सही नहीं हैं। इस रोड से नगरोटा, रठियान, दंदयाल, गर्ल्स डिग्री कॉलेज, मुख्य शिक्षा अधिकारी का कार्यालय और औद्योगिक क्षेत्र पड़ता है। इस कारण रोजाना बड़ी संख्या में यात्री वाहन, दोपहिया एवं निजी वाहन और ट्रक आदि गुजरते हैं। स्कूल, कॉलेज एवं सरकारी कार्यालयों की मौजूदगी के चलते हर रोज सैकड़ों छात्र एवं राहगीर भी पैदल सफर करते हैं। लेकिन, सड़क की दयनीय हालत की वजह से उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई चालक नई गाड़ी को इस रोड से ले जाने में भी परहेज करने लगे हैं।
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मुख्य बस स्टैंड, सिटी पुलिस थाना रोड भी बेहाल
जखैनी चौक से रेलवे स्टेशन करीब दो किलोमीटर, वार्ड 11 में लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबी जेल रोड, वार्ड 12 व 17 में 500 मीटर लंबी त्रिकुटा नगर आइस फैक्टरी रोड, जखैनी चौक से लेकर ओमाड़ा एवं सलमेय तक चार किलोमीटर लंबी रोड, बीएसएनएल कॉलोनी से संगूर चौक करीब ढाई किमी लंबी रोड, एमएच चौक से पुलिस स्टेशन और मुख्य बस स्टैंड को जाने वाली 750 मीटर रोड आदि सड़कों की हालत खराब है। काफी समय से मरम्मत नहीं हुई है। कई सड़कों की 2020 के बाद से ब्लैक टाॅपिंग नहीं हुई है। खासकर सीवरेज निर्माण के चलते बदहाल हुई सड़कों की आजतक मुरम्मत नहीं हुई है।
करोना काल में शुरू हुआ सड़कों बदहाली का दौर
2020 में करोना काल के दौरान शुरू हुए सीवरेज निर्माण कार्य के दौरान शहर की कई अहम सड़कों को उखाड़ा गया था, जिनकी आजतक सही ढंग से मरम्मत नहीं हुई है। इसे लेकर शहर में रोष भी देखने को मिलता है। यूईईडी ने कुछ सड़कों की मरम्मत भी करवाई, लेकिन मात्र पैच वर्क तक ही काम सीमित रहा है। यूईईडी ने पीडब्ल्यूडी को जिम्मा सौंपते हुए सड़क की मरम्मत के लिए 4.38 करोड़ की राशि जारी की, लेकिन सड़कें दुरुस्त नहीं हो पाई। अब पीडब्ल्यूडी की ओर से लगभग 20 करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया है, जिसे मंजूरी का इंतजार है।
टेंडरिंग प्रकिया का इंतजार
यूईईडी की ओर से सड़कों की मरम्मत के लिए जारी की गई राशि के तहत टेंडर प्रक्रिया शेष है। कुछ सड़कों की पहले फेज में ब्लैक टाॅपिंग करवाई गई थी। लेकिन अन्य सड़कों की दूसरे फेज में मरम्मत होनी है। इसके लिए भी लगभग 20 करोड़ का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। अब मंजूरी का इंतजार है। आचार संहिता के बाद ही मरम्मत संभव हो पाएगी।
- सरवर महमूद, कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
सीवरेज निर्माण कार्य में बरती गई लापरवाही का खामियाजा चार सालों से जनता भुगत रही है। शहर की 90 प्रतिशत मुख्य सड़कें बदहाल हैं। आज तक उन्हें दुरुस्त नहीं किया गया है। अगर कुछ हुआ भी है तो वो भी मात्र कागजों तक ही सीमित है।
- अमन शर्मा, समाज सेवक
कुछ सालों से शहर की कई अहम सड़कों पर ब्लैक टाॅपिंग न होने की वजह से लोग परेशान हैं। कई इलाकों में यूईईडी विभाग द्वारा कराए गए सीवरेज निर्माण कार्य के बाद सड़कों की मरम्मत नहीं कराई गई है। इससे अब समस्या लगातार विकराल रूप कारण कर चुकी है।
- सुरेश खजूरिया, स्थानीय निवासी
2020 में सीवरेज का निर्माण कार्य शुरू किया गया था जो 2024 की शुरूआत में भी पूरा नहीं हो पाया है। आज भी कई स्थानों पर अनियमिताओं के चलते मरम्मत कार्य जारी है। जो सड़क उखाड़ी गई थी उन्हें संपूर्ण रूप से दुरुस्त नहीं किया गया। इस वजह से शहर सड़कों की दयनीय हालत है।
- महेश बनाथिया, सदस्य, टीम देविका
आदर्श कॉलोनी में लगभग एक साल से भी पहले बाबा लाल दयाल मंदिर वाली रोड पर सीवरेज निर्माण कार्य किया गया था। सड़क की मरम्मत में खानापूर्ति करते हुए पैच वर्क ही किया। इस सड़क जगह-जगह से बदहाल है। लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
- विशाल गुप्ता, आदर्श कॉलोनी