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Udhampur News: रामनगर-बसंतगढ़ मार्ग पूर्ण रूप से हुआ बहाल
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संवाद न्यूज एजेंसी
रामनगर। लगातार तेज बारिश के कारण पिछले चार दिन से बंद पड़ा रामनगर-बसंतगढ़ मार्ग शनिवार देर शाम बहाल हो गया। मार्ग पर पड़े मलबे को हटाकर इसे छोटे-बड़े यात्री वाहनों के लिए खोल दिया गया। इससे ग्रामीण लोगों तथा पहाड़ी इलाकों के दुकानदारों ने राहत की सांस ली।
बता दें कि मंगलवार देर रात को बारिश के कारण रामनगर-बसंतगढ़ मार्ग के बीच पडते कैथा, किया, छतराड़ी, गंदटॉप, शिव गली और अन्य जगहों पर भूस्खलन हुआ था। इस जह से भारी तादाद में पहाड़ से मार्ग पर मलबा गिरने से सड़क बंद हो गई थी। रविवार सुबह से ही अपने निर्धारित समय पर यात्री वाहन रामनगर से बसंतगढ़ की ओर रवाना हुए।
मार्ग बंद होने पर बसंतगढ़ के स्थानीय ग्रामीणों ने मार्ग से मलबा हटाने वाले ठेकेदारों पर लापरवाही का आरोप लगाया। स्थानीय ग्रामीण समाज सेवक संजय कुमार, पवन रासल, मोहम्मद परवेज, फारूक अहमद, रशीद अन्य ग्रामीणों ने बताया कि ठेकेदारों द्वारा हर वर्ष टेंडर लिया जाता है लेकिन जेसीबी मशीन वहां पर उपलब्ध नहीं होती। यहां पर पस्सियां गिरती रहती हैं। पस्सियां गिरने के बाद मार्ग बहाल करने का काम देरी से शुरू होता है। यातायात कई घंटे बंद रहता है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से मांग की जिस जगह पर पस्सियां गिरती हैं उस जगह के पास में ही जेसीबी मशीनें उपलब्ध होनी चाहिए ताकि समय पर पस्सियां उठाकर यातायात बहाल किया जा सके।
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लोक निर्माण विभाग के एईई शमी गुप्ता ने कहा कि मार्ग पर गिरे मलबे को समय-समय पर उठाया जाता है। पस्सियां गिरने वाले इलाकों के मध्य जगहों को देखकर जेसीबी मशीनें उपलब्ध करवाई जाती हैं। जैसे ही मार्ग बंद होने की सूचना मिलती है, जेसीबी मशीनें भेजकर काम शुरू कर दिया जाता है। इस बार बारिश होने के कारण मलबा उठाने में ज्यादा समय लग गया।
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रामनगर। लगातार तेज बारिश के कारण पिछले चार दिन से बंद पड़ा रामनगर-बसंतगढ़ मार्ग शनिवार देर शाम बहाल हो गया। मार्ग पर पड़े मलबे को हटाकर इसे छोटे-बड़े यात्री वाहनों के लिए खोल दिया गया। इससे ग्रामीण लोगों तथा पहाड़ी इलाकों के दुकानदारों ने राहत की सांस ली।
बता दें कि मंगलवार देर रात को बारिश के कारण रामनगर-बसंतगढ़ मार्ग के बीच पडते कैथा, किया, छतराड़ी, गंदटॉप, शिव गली और अन्य जगहों पर भूस्खलन हुआ था। इस जह से भारी तादाद में पहाड़ से मार्ग पर मलबा गिरने से सड़क बंद हो गई थी। रविवार सुबह से ही अपने निर्धारित समय पर यात्री वाहन रामनगर से बसंतगढ़ की ओर रवाना हुए।
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मार्ग बंद होने पर बसंतगढ़ के स्थानीय ग्रामीणों ने मार्ग से मलबा हटाने वाले ठेकेदारों पर लापरवाही का आरोप लगाया। स्थानीय ग्रामीण समाज सेवक संजय कुमार, पवन रासल, मोहम्मद परवेज, फारूक अहमद, रशीद अन्य ग्रामीणों ने बताया कि ठेकेदारों द्वारा हर वर्ष टेंडर लिया जाता है लेकिन जेसीबी मशीन वहां पर उपलब्ध नहीं होती। यहां पर पस्सियां गिरती रहती हैं। पस्सियां गिरने के बाद मार्ग बहाल करने का काम देरी से शुरू होता है। यातायात कई घंटे बंद रहता है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से मांग की जिस जगह पर पस्सियां गिरती हैं उस जगह के पास में ही जेसीबी मशीनें उपलब्ध होनी चाहिए ताकि समय पर पस्सियां उठाकर यातायात बहाल किया जा सके।
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लोक निर्माण विभाग के एईई शमी गुप्ता ने कहा कि मार्ग पर गिरे मलबे को समय-समय पर उठाया जाता है। पस्सियां गिरने वाले इलाकों के मध्य जगहों को देखकर जेसीबी मशीनें उपलब्ध करवाई जाती हैं। जैसे ही मार्ग बंद होने की सूचना मिलती है, जेसीबी मशीनें भेजकर काम शुरू कर दिया जाता है। इस बार बारिश होने के कारण मलबा उठाने में ज्यादा समय लग गया।