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Udhampur News: हत्या के जुर्म में चालक और ट्रक मालिक को आजीवन कारावास
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- 14 जनवरी 2017 को जखैनी नाके पर सीनियर ग्रेड कांस्टेबल संजीव कुमार को ट्रक से कुचलने का मामला
अदालत से .. लोगो लगाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। प्रधान सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह भाऊ ने आठ साल पुराने हत्या के मामले में शनिवार को फैसला सुनाया। कोर्ट ने मोहम्मद मकबूल डार निवासी चेराकूट, लोलाब जिला कुपवाड़ा और रियाज अहमद मलिक निवासी गांव केहनुसा जिला बांदीपोरा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
अदालत में पेश किए गए आरोप पत्र के मुताबिक 14 जनवरी 2017 को जखैनी ट्रैफिक नाका पर चेकिंग के दौरान सब्जियों से भरे ट्रक को रुकने का इशारा किया गया। ट्रक जम्मू से श्रीनगर जा रहा था। चालक और साथ बैठे ट्रक के मालिक को वाहन सड़क किनारे खड़ा करने को कहा गया। ट्रक चालक आपा खो बैठा और जोर से बोला कि वह तो श्रीनगर जाएगा। उसने वाहन स्टार्ट किया और बैरिकेड से टक्कर मारने के बाद सीनियर ग्रेड कांस्टेबल संजीव कुमार को कुचल दिया। हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
जांच के समापन के बाद नौ मार्च 2017 को अदालत में आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया गया। न्यायालय ने पाया कि अभियुक्तों के जिद्दी रवैये, गुस्सैल व्यवहार और हठ के कारण एक अप्रिय और वीभत्स कृत्य हुआ जो कथित तौर पर अभियुक्तों द्वारा सामान्य आपराधिक इरादे से किया गया। परिणामस्वरूप संजीव कुमार की मृत्यु हो गई।
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अदालत ने शनिवार को दोनों आरोपियों को सजा सुनाई। दोषी मोहम्मद मकबूल डार और रियाज अहमद मलिक को आजीवन कठोर कारावास और 10,000 रुपये जुर्माना भरने की सजा दी गई। जुर्माना न भरने की स्थिति में दोषियों को छह महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। जांच और मुकदमे के दौरान पहले से बिताई गई हिरासत की अवधि को कारावास की मूल सजा से समायोजित किया जाएगा।
यदि जुर्माना वसूला जाता है तो उसे मृतक के कानूनी उत्तराधिकारियों को दिया जाएगा। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जम्मू-कश्मीर को सिफारिश की जाती है और अनुरोध किया जाता है कि वह पीड़ित मुआवजा योजना के अनुसार मृतक के कानूनी उत्तराधिकारियों को वैधानिक मुआवजा दे।
उपरोक्त सजाएं तब तक निष्पादित नहीं की जाएंगी जब तक कि जम्मू एवं कश्मीर तथा लद्दाख उच्च न्यायालय द्वारा इसकी पुष्टि नहीं कर दी जाती।
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अदालत से .. लोगो लगाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। प्रधान सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह भाऊ ने आठ साल पुराने हत्या के मामले में शनिवार को फैसला सुनाया। कोर्ट ने मोहम्मद मकबूल डार निवासी चेराकूट, लोलाब जिला कुपवाड़ा और रियाज अहमद मलिक निवासी गांव केहनुसा जिला बांदीपोरा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
अदालत में पेश किए गए आरोप पत्र के मुताबिक 14 जनवरी 2017 को जखैनी ट्रैफिक नाका पर चेकिंग के दौरान सब्जियों से भरे ट्रक को रुकने का इशारा किया गया। ट्रक जम्मू से श्रीनगर जा रहा था। चालक और साथ बैठे ट्रक के मालिक को वाहन सड़क किनारे खड़ा करने को कहा गया। ट्रक चालक आपा खो बैठा और जोर से बोला कि वह तो श्रीनगर जाएगा। उसने वाहन स्टार्ट किया और बैरिकेड से टक्कर मारने के बाद सीनियर ग्रेड कांस्टेबल संजीव कुमार को कुचल दिया। हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
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जांच के समापन के बाद नौ मार्च 2017 को अदालत में आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया गया। न्यायालय ने पाया कि अभियुक्तों के जिद्दी रवैये, गुस्सैल व्यवहार और हठ के कारण एक अप्रिय और वीभत्स कृत्य हुआ जो कथित तौर पर अभियुक्तों द्वारा सामान्य आपराधिक इरादे से किया गया। परिणामस्वरूप संजीव कुमार की मृत्यु हो गई।
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अदालत ने शनिवार को दोनों आरोपियों को सजा सुनाई। दोषी मोहम्मद मकबूल डार और रियाज अहमद मलिक को आजीवन कठोर कारावास और 10,000 रुपये जुर्माना भरने की सजा दी गई। जुर्माना न भरने की स्थिति में दोषियों को छह महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। जांच और मुकदमे के दौरान पहले से बिताई गई हिरासत की अवधि को कारावास की मूल सजा से समायोजित किया जाएगा।
यदि जुर्माना वसूला जाता है तो उसे मृतक के कानूनी उत्तराधिकारियों को दिया जाएगा। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जम्मू-कश्मीर को सिफारिश की जाती है और अनुरोध किया जाता है कि वह पीड़ित मुआवजा योजना के अनुसार मृतक के कानूनी उत्तराधिकारियों को वैधानिक मुआवजा दे।
उपरोक्त सजाएं तब तक निष्पादित नहीं की जाएंगी जब तक कि जम्मू एवं कश्मीर तथा लद्दाख उच्च न्यायालय द्वारा इसकी पुष्टि नहीं कर दी जाती।