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Udhampur News: खेल मैदान की सुविधा से वंचित सरकारी मिडिल स्कूल जखैनी
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उधमपुर। सरकारी मिडिल स्कूल जखैनी :संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। शहर के वार्ड नंबर एक में आते सरकारी मिडिल स्कूल जखैनी में खेल मैदान नहीं होने के कारण छात्र खेलकूद गतिविधियों से वंचित हैं। साल 1945 में स्थापित यह स्कूल पहले जखैन पंचायत के अधीन था जो बाद में नगर परिषद के क्षेत्राधिकार में आने पर यह वार्ड नंबर एक का हिस्सा बन गया।
अब तक स्कूल में खेल मैदान की सुविधा छात्रों को नहीं मिल पाई है। वहीं इसको लेकर स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों के अभिभावक भी परेशान हैं। उनका कहना है कि शारीरिक शिक्षा और खेलकूद आज के समय की खास जरूरत बन चुकी है। सरकार भी खेलों को लगातार बढ़ावा दे रही है लेकिन स्कूल में जब खेल मैदान ही नहीं होंगे तो बच्चे खेलकूद गतिविधियों में आगे कैसे बढ़ पाएंगे।
स्थानीय निवासी अंकित शर्मा, नीरज वर्मा, संजय कुमार, विक्रम सिंह व अन्य ने कहा कि एक तरफ सरकार स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता पर ध्यान दे रही है और दूसरी तरफ स्कूलाें में खेल मैदान जैसी सुविधाएं नहीं होने से छात्र चाहकर भी आगे नहीं बढ़ पा रहें हैं। सरकारी मिडिल स्कूल (बाॅयज) जखैनी में खेल मैदान की कमी चिंताजनक हैं। स्कूल में हर साल 100 के करीब विद्यार्थी पढ़ते हैं, जो खेल गतिविधियों को लेकर परेशान होते हैं।
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मजबूरन स्कूल के आंगन में ही खेलकूद होती है लेकिन यहां क्रिकेट, फुटबाॅल, वॉलीबाॅल जैसे खेलों के लिए जगह बहुत ज्यादा कम है। इसलिए शिक्षा विभाग को जल्द से जल्द स्कूल में खेल मैदान का उचित प्रबंध करना चाहिए ताकि बच्चों की शारीरिक शिक्षा प्रभावित न हो।
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यह स्कूल काफी पुराना है और काफी कम जगह पर स्थापित है। इसी कारण से अब तक स्कूल में खेल मैदान नहीं बन पाया है। जगह मिलने पर ही खेल मैदान बन सकता है। इसके लिए प्रयास लगातार जारी है।
-कल्पना जसरोटिया, डिप्टी सीईओ उधमपुर
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उधमपुर। शहर के वार्ड नंबर एक में आते सरकारी मिडिल स्कूल जखैनी में खेल मैदान नहीं होने के कारण छात्र खेलकूद गतिविधियों से वंचित हैं। साल 1945 में स्थापित यह स्कूल पहले जखैन पंचायत के अधीन था जो बाद में नगर परिषद के क्षेत्राधिकार में आने पर यह वार्ड नंबर एक का हिस्सा बन गया।
अब तक स्कूल में खेल मैदान की सुविधा छात्रों को नहीं मिल पाई है। वहीं इसको लेकर स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों के अभिभावक भी परेशान हैं। उनका कहना है कि शारीरिक शिक्षा और खेलकूद आज के समय की खास जरूरत बन चुकी है। सरकार भी खेलों को लगातार बढ़ावा दे रही है लेकिन स्कूल में जब खेल मैदान ही नहीं होंगे तो बच्चे खेलकूद गतिविधियों में आगे कैसे बढ़ पाएंगे।
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स्थानीय निवासी अंकित शर्मा, नीरज वर्मा, संजय कुमार, विक्रम सिंह व अन्य ने कहा कि एक तरफ सरकार स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता पर ध्यान दे रही है और दूसरी तरफ स्कूलाें में खेल मैदान जैसी सुविधाएं नहीं होने से छात्र चाहकर भी आगे नहीं बढ़ पा रहें हैं। सरकारी मिडिल स्कूल (बाॅयज) जखैनी में खेल मैदान की कमी चिंताजनक हैं। स्कूल में हर साल 100 के करीब विद्यार्थी पढ़ते हैं, जो खेल गतिविधियों को लेकर परेशान होते हैं।
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मजबूरन स्कूल के आंगन में ही खेलकूद होती है लेकिन यहां क्रिकेट, फुटबाॅल, वॉलीबाॅल जैसे खेलों के लिए जगह बहुत ज्यादा कम है। इसलिए शिक्षा विभाग को जल्द से जल्द स्कूल में खेल मैदान का उचित प्रबंध करना चाहिए ताकि बच्चों की शारीरिक शिक्षा प्रभावित न हो।
यह स्कूल काफी पुराना है और काफी कम जगह पर स्थापित है। इसी कारण से अब तक स्कूल में खेल मैदान नहीं बन पाया है। जगह मिलने पर ही खेल मैदान बन सकता है। इसके लिए प्रयास लगातार जारी है।
-कल्पना जसरोटिया, डिप्टी सीईओ उधमपुर