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Udhampur News: जिले के बच्चे बनेंगे स्मार्ट, ब्लैक बोर्ड नहीं अब प्रोजेक्टर और कंप्यूटर से लेंगे ज्ञान
Sun, 11 Aug 2024 02:10 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
Updated Sun, 11 Aug 2024 02:10 AM IST
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पहले चरण में 11 जोन के 1427 सरकारी स्कूलों में 113 में शुरू होंगी स्मार्ट क्लासें, विभाग ने जारी की सूची
प्रति स्कूल ढाई से तीन लाख रुपये आएगा खर्च
सौरभ सागर
उधमपुर। समग्र शिक्षा योजना के तहत जिले के 113 सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को जल्द ही स्मार्ट कक्षाओं में पढ़ने की सुविधा मिलेगी। विभाग इन स्कूलों की सूची जारी कर दी है और छह माह में ई-कक्षाएं शुरू होने की संभावना है। इसके लिए प्रति स्कूल ढाई से तीन लाख रुपये का खर्च किया जाएगा।
जिले के 11 जोन में करीब 1427 सरकारी स्कूल हैं। इनमें से 113 स्कूलों को पहले चरण में स्मार्ट क्लास की सुविधा प्रदान करने की मंजूरी दे दी गई। पहली से 12 वीं कक्षा तक के 84 हजार छात्रों को लाभ मिलेगा और बच्चे स्मार्ट कक्षाओं में पढ़ाई कर सकेंगे।
इसके लिए प्रोजेक्टर, कंप्यूटर, साउंड एवं स्क्रीन या फिर एलईडी भी लगाई जाएंगी, जिसके जरिये आनलाइन एप या साफ्टवेयर के माध्यम से बच्चों को पढ़ाया जाएगा। सरकार की इस पहल से सरकारी स्कूलों के बच्चों को प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर बेहतर एवं आधुनिक शिक्षा हासिल करने का मौका मिलेगा। इससे सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर बेहतर होगा। (संवाद)
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इसके साथ ही जिले स्मार्ट स्कूलों की संख्या हो जाएगी 256
जिले में 1427 में से 143 स्कूलों में पिछले वार्षिक सत्र में स्मार्ट क्लासें शुरू कर दी गई हैं। मौजूदा वार्षिक 2024-25 सत्र में 113 और स्कूलों को मंजूरी दी गई है। इससे अब स्मार्ट क्लास शिक्षण प्रणाली से जुड़े स्कूलों की संख्या 256 हो जाएगी।
सीखने के अनुभव को बढ़ाती है स्मार्ट कक्षाएं
स्मार्ट कक्षाओं में डिजिटल प्रोजेक्टर, मल्टीमीडिया सामग्री और शैक्षिक सॉफ्टवेयर जैसे डिजिटल संसाधनों को शामिल करने से छात्रों के सीखने के अनुभव को ओर बेहतर व सरल किया जाता है। इस तकनीक का उद्देश्य छात्रों के लिए एक आकर्षक शैक्षिक वातावरण बनाना है। इससे नौनिहालों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बेहतर मौका मिलेगा। स्मार्ट क्लासेज से छात्रों को शिक्षकों के साथ अधिक जुड़ने और अवधारणाओं को आसानी से समझने में मदद मिलती है।
जिले में 113 स्कूलों में स्मार्ट कक्षाएं शुरू करने को मंजूरी दी गई है। इसके तहत यह सुविधा जल्द चयनित स्कूलों में शुरू कर दी जाएगी। इससे बच्चों को और बेहतर ढंग से शिक्षा हासिल करने का मौका मिलेगा।
- नरेंद्र मोहन सूनी, मुख्य शिक्षा अधिकारी, उधमपुर
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प्रति स्कूल ढाई से तीन लाख रुपये आएगा खर्च
सौरभ सागर
उधमपुर। समग्र शिक्षा योजना के तहत जिले के 113 सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को जल्द ही स्मार्ट कक्षाओं में पढ़ने की सुविधा मिलेगी। विभाग इन स्कूलों की सूची जारी कर दी है और छह माह में ई-कक्षाएं शुरू होने की संभावना है। इसके लिए प्रति स्कूल ढाई से तीन लाख रुपये का खर्च किया जाएगा।
जिले के 11 जोन में करीब 1427 सरकारी स्कूल हैं। इनमें से 113 स्कूलों को पहले चरण में स्मार्ट क्लास की सुविधा प्रदान करने की मंजूरी दे दी गई। पहली से 12 वीं कक्षा तक के 84 हजार छात्रों को लाभ मिलेगा और बच्चे स्मार्ट कक्षाओं में पढ़ाई कर सकेंगे।
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इसके लिए प्रोजेक्टर, कंप्यूटर, साउंड एवं स्क्रीन या फिर एलईडी भी लगाई जाएंगी, जिसके जरिये आनलाइन एप या साफ्टवेयर के माध्यम से बच्चों को पढ़ाया जाएगा। सरकार की इस पहल से सरकारी स्कूलों के बच्चों को प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर बेहतर एवं आधुनिक शिक्षा हासिल करने का मौका मिलेगा। इससे सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर बेहतर होगा। (संवाद)
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इसके साथ ही जिले स्मार्ट स्कूलों की संख्या हो जाएगी 256
जिले में 1427 में से 143 स्कूलों में पिछले वार्षिक सत्र में स्मार्ट क्लासें शुरू कर दी गई हैं। मौजूदा वार्षिक 2024-25 सत्र में 113 और स्कूलों को मंजूरी दी गई है। इससे अब स्मार्ट क्लास शिक्षण प्रणाली से जुड़े स्कूलों की संख्या 256 हो जाएगी।
सीखने के अनुभव को बढ़ाती है स्मार्ट कक्षाएं
स्मार्ट कक्षाओं में डिजिटल प्रोजेक्टर, मल्टीमीडिया सामग्री और शैक्षिक सॉफ्टवेयर जैसे डिजिटल संसाधनों को शामिल करने से छात्रों के सीखने के अनुभव को ओर बेहतर व सरल किया जाता है। इस तकनीक का उद्देश्य छात्रों के लिए एक आकर्षक शैक्षिक वातावरण बनाना है। इससे नौनिहालों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बेहतर मौका मिलेगा। स्मार्ट क्लासेज से छात्रों को शिक्षकों के साथ अधिक जुड़ने और अवधारणाओं को आसानी से समझने में मदद मिलती है।
जिले में 113 स्कूलों में स्मार्ट कक्षाएं शुरू करने को मंजूरी दी गई है। इसके तहत यह सुविधा जल्द चयनित स्कूलों में शुरू कर दी जाएगी। इससे बच्चों को और बेहतर ढंग से शिक्षा हासिल करने का मौका मिलेगा।
- नरेंद्र मोहन सूनी, मुख्य शिक्षा अधिकारी, उधमपुर