{"_id":"66e210630b2935a23b088304","slug":"udhampur-culture-krishan-leela-udhampur-news-c-202-1-sjam1015-115279-2024-09-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Udhampur News: जय श्रीराधाकृष्ण और राधे-राधे से गूंजा कारगिल हनुमान मंदिर परिसर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Udhampur News: जय श्रीराधाकृष्ण और राधे-राधे से गूंजा कारगिल हनुमान मंदिर परिसर
Thu, 12 Sep 2024 03:19 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
Updated Thu, 12 Sep 2024 03:19 AM IST
विज्ञापन
राधा जन्मोत्सव के साथ श्रीकृष्ण लीला का समापन, राधा रानी के अवतरित होने के दृश्यों को देख रोमांचित हुए श्रद्धालु
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। राधा अष्टमी के उपलक्ष्य पर श्री संकट मोचन कारगिल हनुमान मंदिर के परिसर में चल रही श्रीकृष्ण लीला का बुधवार को राधा जन्मोत्सव के साथ समापन हो गया। अंतिम दिन श्री राधा रानी के अवतरित होने के दृश्य मंचित किए गए। श्रीराधा रानी का प्रकाट्य होते हुए पूरा पंडाल जय श्रीराधाकृष्ण और राधे-राधे के जयकारों से गूंज उठा।
मंदिर के पुजारी महंत राधा दास त्यागी ने बताया कि कथा के अनुसार श्रीकृष्ण प्रिया राधारानी का जन्म भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी को हुआ था। इस वजह से हर साल इस तिथि को राधारानी का जन्मदिन मनाते हैं, जिसे राधा अष्टमी कहते हैं। भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद कृष्ण अष्टमी को हुआ था और उनके जन्मदिन के 15 दिन बाद राधा अष्टमी मनाई जाती है।
श्री राधा रानी, कृष्ण की शाश्वत शक्तिस्वरूपा एवम प्राणों की अधिष्ठात्री देवी के रूप में वर्णित हैं। अतः राधा की पूजा के बिना श्रीकृष्ण की पूजा अधूरी मानी गई है। इसलिए श्रीराधा रानी की पूजा न की जाए तो मनुष्य श्रीकृष्ण की पूजा का अधिकार नहीं रखता है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि राधा अष्टमी के उपलक्ष्य में हर साल मंदिर परिसर में श्री कृष्ण लीला का मंचन किया जाता है। 10 दिन यह कृष्ण लीला चलती है और राधाष्टमी के दिन इसका समापन किया जाता है। उन्होंने कि इस बार भी वृंदावन से आए कलाकारों की तरफ से आयोजित इस कृष्ण लीला को देखने के लिए काफी संख्या में शहरवासी पहुंच रहे थे। कृष्ण लीला के समापन पर भक्तों में प्रसाद का वितरण किया।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। राधा अष्टमी के उपलक्ष्य पर श्री संकट मोचन कारगिल हनुमान मंदिर के परिसर में चल रही श्रीकृष्ण लीला का बुधवार को राधा जन्मोत्सव के साथ समापन हो गया। अंतिम दिन श्री राधा रानी के अवतरित होने के दृश्य मंचित किए गए। श्रीराधा रानी का प्रकाट्य होते हुए पूरा पंडाल जय श्रीराधाकृष्ण और राधे-राधे के जयकारों से गूंज उठा।
मंदिर के पुजारी महंत राधा दास त्यागी ने बताया कि कथा के अनुसार श्रीकृष्ण प्रिया राधारानी का जन्म भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी को हुआ था। इस वजह से हर साल इस तिथि को राधारानी का जन्मदिन मनाते हैं, जिसे राधा अष्टमी कहते हैं। भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद कृष्ण अष्टमी को हुआ था और उनके जन्मदिन के 15 दिन बाद राधा अष्टमी मनाई जाती है।
विज्ञापन
श्री राधा रानी, कृष्ण की शाश्वत शक्तिस्वरूपा एवम प्राणों की अधिष्ठात्री देवी के रूप में वर्णित हैं। अतः राधा की पूजा के बिना श्रीकृष्ण की पूजा अधूरी मानी गई है। इसलिए श्रीराधा रानी की पूजा न की जाए तो मनुष्य श्रीकृष्ण की पूजा का अधिकार नहीं रखता है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि राधा अष्टमी के उपलक्ष्य में हर साल मंदिर परिसर में श्री कृष्ण लीला का मंचन किया जाता है। 10 दिन यह कृष्ण लीला चलती है और राधाष्टमी के दिन इसका समापन किया जाता है। उन्होंने कि इस बार भी वृंदावन से आए कलाकारों की तरफ से आयोजित इस कृष्ण लीला को देखने के लिए काफी संख्या में शहरवासी पहुंच रहे थे। कृष्ण लीला के समापन पर भक्तों में प्रसाद का वितरण किया।