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Udhampur News: अदालत ने दावे की समय अवधि समाप्त होने पर याचिका खारिज की

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Udhampur, Court Verdict, Petition Cancel, Motor Inusurance Claim
- सड़क हादसे में घायल व्यक्ति ने किया था छह माह बाद दावा, बीमा कंपनी ने दी चुनौती
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अदालत से ...का लोगो लगाएं..
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण से करनैल चंद द्वारा सड़क दुर्घटना में लगी चोटों के लिए मुआवजे की मांग की गई लेकिन संशोधित मोटर वाहन अधिनियम की धारा 166 (3) के तहत दावे की निर्धारित सीमा अवधि समाप्त होने पर दावे को खारिज कर दिया गया।
मामला करनैल चंद द्वारा दायर एक दावा याचिका एमएसीपी/123/2024 से संबंधित है जिसमें मुआवजे की मांग की। 21 अप्रैल, 2024 को दुर्घटना में लगी चोटों के लिए मुआवजा और दावा मोटर वाहन अधिनियम की धारा 164 के तहत दायर किया गया जिसके विपरित आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड ने सीपीसी के आदेश 7 नियम 11 के तहत एक आवेदन दायर किया। इसमें तर्क दिया गया कि दावा याचिका की समय-सीमा समाप्त हो चुकी है क्योंकि यह दुर्घटना के छह महीने से अधिक समय बाद 6 नवंबर, 2024 को दायर की गई। जिसमें सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का हवाला भी दिया गया कि समय-सीमा समाप्त होने के बाद दावों पर विचार नहीं किया जाना चाहिए।
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बताते चलें कि मोटर वाहन अधिनियम की धारा 166(3) यह निर्धारित करती है कि दुर्घटना के छह महीने के भीतर किए गए किसी भी मुआवजे के आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा। संशोधित मोटर वाहन अधिनियम जो 1 अप्रैल 2022 से प्रभावी है। धारा 166(3) के अनुसार दुर्घटना के छह महीने के भीतर सभी दावा याचिकाएं दायर करने का आदेश देता है। धारा 165(1) के साथ धारा 166(3) की व्याख्या स्पष्ट करती है कि यह सीमा सभी दावों पर लागू होती है जिनमें धारा 164 के अंतर्गत आने वाले दावे भी शामिल हैं। फैसले में समय-बाधित दावों को खारिज करने के समर्थन में सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालयों हिमाचल प्रदेश और दिल्ली के निर्णयों का हवाला दिया गया।
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याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि धारा 166(3) के तहत सीमा अवधि धारा 164 के तहत दायर दावों पर लागू नहीं होती, जिनमें बिना किसी गलती के मुआवजे का प्रावधान है। आदेश में यह उल्लेख किया गया कि धारा 166(3) दावे दायर करने के लिए एक सख्त सीमा निर्धारित है और इसमें देरी को माफ करने का कोई प्रावधान नहीं है।

चूंकि दुर्घटना 21 अप्रैल, 2024 को हुई और दावा याचिका 6 नवंबर, 2024 को दायर की गई इसलिए यह समय-सीमा समाप्त हो चुकी है। अदालत ने आईसीआईसीआई लोम्बार्ड द्वारा दायर आवेदन स्वीकार किया और दावा याचिका समय-सीमा समाप्त होने और विचारणीय न होने के कारण खारिज कर दिया।
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