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Udhampur News: एनडीपीएस एक्ट के दो आरोपियों की अंतरिम जमानत बरकरार
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- शर्तों का उल्लंघन करने पर हो सकती है रद्द
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। एनडीपीएस अधिनियम के तहत दो आरोपियों की अंतिम जमानत की अवधि को जारी रखने की याचिका को प्रधान सत्र न्यायाधीश ने शनिवार को मंजूरी दे दी लेकिन जमानत से जुड़ी शर्तों पर किसी तरह की रियायत नहीं दी गई।
पूरन चंद और सुदेश दोनों ही एनडीपीएस अधिनियम के तहत रेहंबल पुलिस थाने में दर्ज मामले में आरोपी हैं। आवेदक दोनों अभियुक्तों को 31 मई को अंतरिम जमानत दी गई थी। वर्तमान में उनकी याचिका को लेकर स्थिति की समीक्षा की गई जिसमें पाया गया कि जमानत अवधि के दौरान अभियुक्तों ने किसी भी तरह की प्रतिकूल कार्रवाई नहीं की। आरोपियों ने अंतरिम जमानत की शर्तों का पालन किया है।
अभियोजन पक्ष ने भी अंतरिम जमानत समाप्त करने के लिए कोई नया कारण प्रस्तुत नहीं किया। अदालत ने 31 मई 2025 के आदेश के समान ही मुचलकों और शर्तों के आधार पर पूरन चंद और सुदेश सिंह दोनों के लिए अंतरिम जमानत को पूर्ण बनाते हुए आवेदनों को स्वीकार कर लिया। यदि आवेदक-आरोपी जमानत की शर्तों का उल्लंघन करते पाए जाते हैं तो अभियोजन पक्ष जमानत रद्द करने का अनुरोध करने का अधिकार रखता है।
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अदालत ने आरोपियों को पूर्व में दी गई अंतरिम जमानत को रद्द करने का कोई कारण नहीं पाया, क्योंकि उन्होंने जमानत की शर्तों का पालन किया था और अभियोजन पक्ष की ओर से कोई प्रतिकूल रिपोर्ट नहीं आई थी। यह आदेश मौजूदा जमानत शर्तों के तहत उनकी रिहाई को पुष्ट करता है। इस शर्त के साथ कि इन शर्तों का कोई भी उल्लंघन अभियोजन पक्ष की ओर से जमानत रद्द करने का अनुरोध कर सकता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। एनडीपीएस अधिनियम के तहत दो आरोपियों की अंतिम जमानत की अवधि को जारी रखने की याचिका को प्रधान सत्र न्यायाधीश ने शनिवार को मंजूरी दे दी लेकिन जमानत से जुड़ी शर्तों पर किसी तरह की रियायत नहीं दी गई।
पूरन चंद और सुदेश दोनों ही एनडीपीएस अधिनियम के तहत रेहंबल पुलिस थाने में दर्ज मामले में आरोपी हैं। आवेदक दोनों अभियुक्तों को 31 मई को अंतरिम जमानत दी गई थी। वर्तमान में उनकी याचिका को लेकर स्थिति की समीक्षा की गई जिसमें पाया गया कि जमानत अवधि के दौरान अभियुक्तों ने किसी भी तरह की प्रतिकूल कार्रवाई नहीं की। आरोपियों ने अंतरिम जमानत की शर्तों का पालन किया है।
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अभियोजन पक्ष ने भी अंतरिम जमानत समाप्त करने के लिए कोई नया कारण प्रस्तुत नहीं किया। अदालत ने 31 मई 2025 के आदेश के समान ही मुचलकों और शर्तों के आधार पर पूरन चंद और सुदेश सिंह दोनों के लिए अंतरिम जमानत को पूर्ण बनाते हुए आवेदनों को स्वीकार कर लिया। यदि आवेदक-आरोपी जमानत की शर्तों का उल्लंघन करते पाए जाते हैं तो अभियोजन पक्ष जमानत रद्द करने का अनुरोध करने का अधिकार रखता है।
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अदालत ने आरोपियों को पूर्व में दी गई अंतरिम जमानत को रद्द करने का कोई कारण नहीं पाया, क्योंकि उन्होंने जमानत की शर्तों का पालन किया था और अभियोजन पक्ष की ओर से कोई प्रतिकूल रिपोर्ट नहीं आई थी। यह आदेश मौजूदा जमानत शर्तों के तहत उनकी रिहाई को पुष्ट करता है। इस शर्त के साथ कि इन शर्तों का कोई भी उल्लंघन अभियोजन पक्ष की ओर से जमानत रद्द करने का अनुरोध कर सकता है।