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Udhampur News: सफाई कर्मियों की हड़ताल को व्यापारियों का समर्थन, शहर बंद करने की चेतावनी
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नगर परिषद कार्यालय परिसर में लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन करते सफाई कर्मचारी:
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। लंबित मांगों को लेकर नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों ने मंगलवार को 10वें दिन भी काम छोड़ हड़ताल जारी रखी। कर्मियों ने कार्यालय परिसर में प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय सफाई कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष रवि रंधावा की अध्यक्षता में हुए प्रदर्शन में जम्मू-कश्मीर सरकार होश में आओ और हमारी मांगें पूरा करो के नारे लगाए गए।
कर्मियों ने कहा कि अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी बनाना, न्यूनतम मजदूरी अधिनियम को लागू करना, पुरानी पेंशन योजना को बहाल करना इत्यादि उनकी प्रमुख और वास्तविक मांगें हैं जिन्हें सरकार को बहुत समय पहले पूरा कर देना चाहिए था लेकिन सरकार अनदेखी कर रही है। इस बीच हड़ताली कर्मचारियों के बीच पहुंची उधमपुर व्यापार मंडल की टीम ने भी सफाई कर्मचारियों की मांगों का समर्थन करते हुए सरकार से इन्हें पूरा करने की मांग की। साथ ही चेतावनी भी दी कि अगर जल्द समस्या का समाधान न हुआ तो जरूरत पड़ने पर कारोबारी पूरा शहर बंद कर इनके साथ धरने पर बैठने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
व्यापार मंडल के अध्यक्ष जितेंद्र बरमानी ने कहा कि 10 दिन से चल रही हड़ताल से पूरा शहर गंदगी के ढेरों से भर गया है। लोगों का बदबू से बुरा हाल हो रहा है। गंदगी की वजह से शहर में कई तरह के संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा पैदा हो गया है। दुकानदारों का कामकाज बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। वे ठीक से काम नहीं कर पा रहे। उन्होंने कहा कि सरकार हर बार सफाई कर्मियों को आश्वासन देकर टाल देती है। इनकी मांगें पूरी तरह से जायज हैं। नए सफाई कर्मचारियों की भर्ती करना शहरवासियों की भी मांग है क्योंकि नगर परिषद उधमपुर पहले ही सफाई कर्मचारियों की कमी से जूझ रही है।
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वहीं रवि रंधावा ने कहा कि मुख्यमंत्री से हुई मुलाकात में हमने उन्हें अपनी वास्तविक मांगों से अवगत कराया था। बताया था कि सफाई कर्मचारी की मांग 61 हजार अस्थायी कर्मचारियों के मसले से अलग है। हमारी अपनी अलग बाॅडी है। अपने अलग नियम अलग सोर्सेज हैं और हमारे पास रिक्तियां भी हैं। फंड भी हैं लेकिन जरूरत सिर्फ मुख्यमंत्री के एक सिग्नेचर की है लेकिन मुख्यमंत्री इसमें आनाकानी कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी बीते 36-36 साल से काम कर रहे हैं लेकिन उन्हें अभी तक स्थायी नहीं किया गया जबकि उन्हें सात साल की सेवा के बाद पक्का करने का नियम है। उन्होंने शहरों में इस तरह की गंदगी हम भी नहीं चाहते हैं लेकिन सरकार हमें बार बार इसके लिए मजबूर कर रही है। हर बार हमारी हड़ताल को सरकारी नुमाइंदे आश्वासन देकर खत्म करवा देते हैं लेकिन अब जम्मू कश्मीर में सभी 74 समितियां एकसाथ काम छोड़ हड़ताल पर हैं।
हमने ठाना है कि जब तक हमारी मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा, हम हड़ताल खत्म नहीं करेंगे। इस बीच हम सरकार को एक माह का समय देने को भी तैयार हैं लेकिन इसके लिए सरकार को पहले अप्रूवल देना पड़ेगा। उन्होंने शहरवासियों से भी अपील कि हमारी मांगों के समर्थन में हमारा साथ दें।
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उधमपुर। लंबित मांगों को लेकर नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों ने मंगलवार को 10वें दिन भी काम छोड़ हड़ताल जारी रखी। कर्मियों ने कार्यालय परिसर में प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय सफाई कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष रवि रंधावा की अध्यक्षता में हुए प्रदर्शन में जम्मू-कश्मीर सरकार होश में आओ और हमारी मांगें पूरा करो के नारे लगाए गए।
कर्मियों ने कहा कि अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी बनाना, न्यूनतम मजदूरी अधिनियम को लागू करना, पुरानी पेंशन योजना को बहाल करना इत्यादि उनकी प्रमुख और वास्तविक मांगें हैं जिन्हें सरकार को बहुत समय पहले पूरा कर देना चाहिए था लेकिन सरकार अनदेखी कर रही है। इस बीच हड़ताली कर्मचारियों के बीच पहुंची उधमपुर व्यापार मंडल की टीम ने भी सफाई कर्मचारियों की मांगों का समर्थन करते हुए सरकार से इन्हें पूरा करने की मांग की। साथ ही चेतावनी भी दी कि अगर जल्द समस्या का समाधान न हुआ तो जरूरत पड़ने पर कारोबारी पूरा शहर बंद कर इनके साथ धरने पर बैठने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
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व्यापार मंडल के अध्यक्ष जितेंद्र बरमानी ने कहा कि 10 दिन से चल रही हड़ताल से पूरा शहर गंदगी के ढेरों से भर गया है। लोगों का बदबू से बुरा हाल हो रहा है। गंदगी की वजह से शहर में कई तरह के संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा पैदा हो गया है। दुकानदारों का कामकाज बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। वे ठीक से काम नहीं कर पा रहे। उन्होंने कहा कि सरकार हर बार सफाई कर्मियों को आश्वासन देकर टाल देती है। इनकी मांगें पूरी तरह से जायज हैं। नए सफाई कर्मचारियों की भर्ती करना शहरवासियों की भी मांग है क्योंकि नगर परिषद उधमपुर पहले ही सफाई कर्मचारियों की कमी से जूझ रही है।
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वहीं रवि रंधावा ने कहा कि मुख्यमंत्री से हुई मुलाकात में हमने उन्हें अपनी वास्तविक मांगों से अवगत कराया था। बताया था कि सफाई कर्मचारी की मांग 61 हजार अस्थायी कर्मचारियों के मसले से अलग है। हमारी अपनी अलग बाॅडी है। अपने अलग नियम अलग सोर्सेज हैं और हमारे पास रिक्तियां भी हैं। फंड भी हैं लेकिन जरूरत सिर्फ मुख्यमंत्री के एक सिग्नेचर की है लेकिन मुख्यमंत्री इसमें आनाकानी कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी बीते 36-36 साल से काम कर रहे हैं लेकिन उन्हें अभी तक स्थायी नहीं किया गया जबकि उन्हें सात साल की सेवा के बाद पक्का करने का नियम है। उन्होंने शहरों में इस तरह की गंदगी हम भी नहीं चाहते हैं लेकिन सरकार हमें बार बार इसके लिए मजबूर कर रही है। हर बार हमारी हड़ताल को सरकारी नुमाइंदे आश्वासन देकर खत्म करवा देते हैं लेकिन अब जम्मू कश्मीर में सभी 74 समितियां एकसाथ काम छोड़ हड़ताल पर हैं।
हमने ठाना है कि जब तक हमारी मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा, हम हड़ताल खत्म नहीं करेंगे। इस बीच हम सरकार को एक माह का समय देने को भी तैयार हैं लेकिन इसके लिए सरकार को पहले अप्रूवल देना पड़ेगा। उन्होंने शहरवासियों से भी अपील कि हमारी मांगों के समर्थन में हमारा साथ दें।