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Udhampur News: बट्टल वालियां में बनेगा ट्रांसपोर्ट नगर, उधमपुर की दशकों पुरानी मांग होगी पूरी
Tue, 25 Feb 2025 12:12 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
Updated Tue, 25 Feb 2025 12:12 AM IST
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सीआरपीएफ कैंप होगा शिफ्ट; रामनगर, बसंतगढ़, चिनैनी, घोरड़ी, बरमीन, मजालता, पंचैरी, लांदर और मोंगरी तहसील का ट्रांसपोर्टर वर्ग जिला मुख्यालय पर निर्भर
उधमपुर। जिले में ट्रांसपोर्ट यार्ड का मुद्दा काफी पुराना है। लेकिन जमीनी स्तर पर अब तक यार्ड का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। लेकिन अब उधमपुर का यह सपना पूरा होने जा रहा है और जल्द बट्टल वालियां में ट्रांसपार्ट नगर को स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
वर्ष 2023 में रोंदोमेल में ट्रांसपोर्ट यार्ड को लेकर जगह चयनित करने के साथ ही डीपीआर भी बनाई गई। लेकिन, प्रक्रिया फाइलों तक ही सीमित रह गई। लेकिन अब जिला प्रशासन की ओर से बट्टल वालियां स्थित सीआरपीएफ की 187 बटालियन को शिफ्ट कर 100 कनाल भूमि पर ट्रांसपोर्ट यार्ड, एआरटओ आफिस और ड्राइविंग संस्थान स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। जिसको लेकर प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है।
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विभिन्न तहसीलों को भी मिलेगा लाभ
जिला उधमपुर के रामनगर, बसंतगढ़, चिनैनी, घोरड़ी, बरमीन, मजालता, पंचैरी, लांदर और मोंगरी तहसील का ट्रांसपोर्टर वर्ग भी जिला मुख्यालय पर निर्भर है। शहर के धार रोड व पुराने राजमार्ग के किनारे ही बनी अनगिनत वर्कशाप, सर्विस स्टेशन, स्पेयर्स पार्ट विक्रेताओं का कारोबार चल रहा है। पर्याप्त स्थान उपलब्ध न होने की वजह से कई कारोबारियों, चालकों, वाहन मालिकों को प्रशासनिक कार्रवाई का सामना भी करना पड़ता है। क्योंकि, शहर के बीचोबीच होने की वजह से कई बार यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होती है। ट्रांसपोर्ट वर्ग के पास कोई और विकल्प नहीं है। अगर, यार्ड का निर्माण होता है तो कारोबारियों सहित ट्रांसपोर्ट से जुड़े हर वर्ग को लाभ मिलेगा व साथ ही जाम की समस्या से भी काफी हद तक निजात मिल सकती है। संवाद
ट्रांसपोर्ट यार्ड की कमी से कारोबार काफी प्रभावित होता है। जिले के विभिन्न हिस्सों सहित साथ लगते जिले के लोग भी वाहनों की मरम्मत के लिए उधमपुर आते हैं। लेकिन, पर्याप्त स्थान न होने की वजह से कई ट्रांसपोर्टर जम्मू का रुख करने को मजबूर हो जाते हैं।
- जतिंद्र बरमानी, प्रधान व्यापार मंडल।
सड़क किनारे चल रही कई वर्कशाॅप को आए दिन प्रशासनिक कार्रवाई का सामना करना पड़ता है। यार्ड बनने से एक ही स्थान पर वर्कशाप, सर्विस स्टेशन, स्पेयर पार्ट्स की सुविधा मिलने से कारोबार में भी बढ़ोतरी होगी और जिले का राजस्व भी बढ़ेगा।
- समाज सेवक कमल गुप्ता
यह काफी पुरानी मांग है। कई बार सरकारों एवं प्रशासन को ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं, लेकिन आजतक कोई कदम नहीं उठाया गया है। हालांकि भूमि उपलब्ध होने के बावजूद भी परियोजना को अमल में लाने को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखाई गई।
- महेश बनाथिया, समाज सेवक।
ट्रांसपोर्ट यार्ड की वजह से जहां चालकों, ट्रांसपोर्ट्स और उससे जुड़े कारोबारियों को लाभ मिलेगा वहीं शहर में पैदा होने वाली यातायात अव्यवस्था से भी निजात मिलेगी। खासकर स्थान की कमी के कारण चालकों को जम्मू की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा।
- दर्शन कुमार, प्रधान मेटाडोर यूनियन।
बट्टल वालियां में सीआरपीएफ कैंप को शिफ्ट किया जाएगा और वहां 100 कनाल भूमि पर ट्रांसपोर्ट नगर स्थापित किया जाएगा। इससे शहर में यातायात व्यवस्था भी बेहतर हो पाएगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
सलोनी राय, डीसी
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उधमपुर। जिले में ट्रांसपोर्ट यार्ड का मुद्दा काफी पुराना है। लेकिन जमीनी स्तर पर अब तक यार्ड का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। लेकिन अब उधमपुर का यह सपना पूरा होने जा रहा है और जल्द बट्टल वालियां में ट्रांसपार्ट नगर को स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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वर्ष 2023 में रोंदोमेल में ट्रांसपोर्ट यार्ड को लेकर जगह चयनित करने के साथ ही डीपीआर भी बनाई गई। लेकिन, प्रक्रिया फाइलों तक ही सीमित रह गई। लेकिन अब जिला प्रशासन की ओर से बट्टल वालियां स्थित सीआरपीएफ की 187 बटालियन को शिफ्ट कर 100 कनाल भूमि पर ट्रांसपोर्ट यार्ड, एआरटओ आफिस और ड्राइविंग संस्थान स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। जिसको लेकर प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है।
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विभिन्न तहसीलों को भी मिलेगा लाभ
जिला उधमपुर के रामनगर, बसंतगढ़, चिनैनी, घोरड़ी, बरमीन, मजालता, पंचैरी, लांदर और मोंगरी तहसील का ट्रांसपोर्टर वर्ग भी जिला मुख्यालय पर निर्भर है। शहर के धार रोड व पुराने राजमार्ग के किनारे ही बनी अनगिनत वर्कशाप, सर्विस स्टेशन, स्पेयर्स पार्ट विक्रेताओं का कारोबार चल रहा है। पर्याप्त स्थान उपलब्ध न होने की वजह से कई कारोबारियों, चालकों, वाहन मालिकों को प्रशासनिक कार्रवाई का सामना भी करना पड़ता है। क्योंकि, शहर के बीचोबीच होने की वजह से कई बार यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होती है। ट्रांसपोर्ट वर्ग के पास कोई और विकल्प नहीं है। अगर, यार्ड का निर्माण होता है तो कारोबारियों सहित ट्रांसपोर्ट से जुड़े हर वर्ग को लाभ मिलेगा व साथ ही जाम की समस्या से भी काफी हद तक निजात मिल सकती है। संवाद
ट्रांसपोर्ट यार्ड की कमी से कारोबार काफी प्रभावित होता है। जिले के विभिन्न हिस्सों सहित साथ लगते जिले के लोग भी वाहनों की मरम्मत के लिए उधमपुर आते हैं। लेकिन, पर्याप्त स्थान न होने की वजह से कई ट्रांसपोर्टर जम्मू का रुख करने को मजबूर हो जाते हैं।
- जतिंद्र बरमानी, प्रधान व्यापार मंडल।
सड़क किनारे चल रही कई वर्कशाॅप को आए दिन प्रशासनिक कार्रवाई का सामना करना पड़ता है। यार्ड बनने से एक ही स्थान पर वर्कशाप, सर्विस स्टेशन, स्पेयर पार्ट्स की सुविधा मिलने से कारोबार में भी बढ़ोतरी होगी और जिले का राजस्व भी बढ़ेगा।
- समाज सेवक कमल गुप्ता
यह काफी पुरानी मांग है। कई बार सरकारों एवं प्रशासन को ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं, लेकिन आजतक कोई कदम नहीं उठाया गया है। हालांकि भूमि उपलब्ध होने के बावजूद भी परियोजना को अमल में लाने को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखाई गई।
- महेश बनाथिया, समाज सेवक।
ट्रांसपोर्ट यार्ड की वजह से जहां चालकों, ट्रांसपोर्ट्स और उससे जुड़े कारोबारियों को लाभ मिलेगा वहीं शहर में पैदा होने वाली यातायात अव्यवस्था से भी निजात मिलेगी। खासकर स्थान की कमी के कारण चालकों को जम्मू की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा।
- दर्शन कुमार, प्रधान मेटाडोर यूनियन।
बट्टल वालियां में सीआरपीएफ कैंप को शिफ्ट किया जाएगा और वहां 100 कनाल भूमि पर ट्रांसपोर्ट नगर स्थापित किया जाएगा। इससे शहर में यातायात व्यवस्था भी बेहतर हो पाएगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
सलोनी राय, डीसी