{"_id":"6266ee8afa437849b96034d4","slug":"tour-katra-news-jmu258550790","type":"story","status":"publish","title_hn":"सेना के खर्चे पर भारत दर्शन करने निकले बच्चे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सेना के खर्चे पर भारत दर्शन करने निकले बच्चे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कटड़ा। सीआरपीएफ की 6बटालियन ने सुखाल घाटी के 15 स्कूली बच्चों व दो शिक्षकों को सात दिवसीय भारत दर्शन टूर पर भेजा है। इस दल को मुख्यातिथि सीआरपीएफ के डीआईजी देवेंद्र यादव ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
डीआईजी ने बताया कि इस बार माता वैष्णो देवी भवन के पीछे की पहाड़ी पर मौजूद सुखाल घाटी के बच्चों को टूर के लिए चुना हैं, क्योंकि इसमें कुछ बच्चे ऐसे हैं, जो अभी तक बस में नहीं बैठे। ऐसे बच्चों को भी देश की जानकारी होनी चाहिए। इस सात दिवसीय टूर में इनको दिल्ली, जयपुर, और अजमेर घुमाया जाएगा। इनके लिए सीआरपीएफ के शिविरों में रुकने व खाने के इंतजाम किए गए हैं। बच्चों के साथ जवान भी मौजूद रहेंगे।
उन्होंने कहा कि बच्चों को सीआरपीएफ ने एक ही रंग के कपड़े सहित उपयोग की अन्य वस्तुएं दी हैं। मौके पर सेकेंड कमांडेंट केसी रमोला, एसपी कटड़ा अमित भसीन, एसडीपीओ कुलजीत सिंह, 6बटालियन के डिप्टी कमांडेंट आरएस शर्मा, आदि मौजूद रहे। गौरतलब हैं कि कोरोना महामारी से पहले दिशा हॉस्टल में रह रहे अनाथ बच्चों को भारत दर्शन के लिए भेजा गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
डीआईजी ने बताया कि इस बार माता वैष्णो देवी भवन के पीछे की पहाड़ी पर मौजूद सुखाल घाटी के बच्चों को टूर के लिए चुना हैं, क्योंकि इसमें कुछ बच्चे ऐसे हैं, जो अभी तक बस में नहीं बैठे। ऐसे बच्चों को भी देश की जानकारी होनी चाहिए। इस सात दिवसीय टूर में इनको दिल्ली, जयपुर, और अजमेर घुमाया जाएगा। इनके लिए सीआरपीएफ के शिविरों में रुकने व खाने के इंतजाम किए गए हैं। बच्चों के साथ जवान भी मौजूद रहेंगे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि बच्चों को सीआरपीएफ ने एक ही रंग के कपड़े सहित उपयोग की अन्य वस्तुएं दी हैं। मौके पर सेकेंड कमांडेंट केसी रमोला, एसपी कटड़ा अमित भसीन, एसडीपीओ कुलजीत सिंह, 6बटालियन के डिप्टी कमांडेंट आरएस शर्मा, आदि मौजूद रहे। गौरतलब हैं कि कोरोना महामारी से पहले दिशा हॉस्टल में रह रहे अनाथ बच्चों को भारत दर्शन के लिए भेजा गया था।
विज्ञापन