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केंद्रीय मंत्री पर लगे आरोपों की होनी चाहिए निष्पक्ष जांच
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उधमपुर। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व एमएलसी विक्रम रंधावा ने केंद्रीय राज्यमंत्री एवं सांसद डॉ. जितेंद्र सिंह पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उधमपुर में तीन साल से चल रहे देविका परियोजना के काम में भी कई कमियां सामने आ रही हैं। इसलिए उनकी भी जांच करवाई जानी चाहिए, क्योंकि यह सारा काम सांसद के आदेश के अनुसार ही चल रहा है। यह मांग कांग्रेस नेता सुमित मगोत्रा ने प्रेसवार्ता में उठाई।
मगोत्रा ने कहा कि केंद्रीय मंत्री पर खनन माफिया से मिलीभगत होने का आरोप काफी गंभीर है। प्रदेश के लोग यह सोचते थे कि स्टोन क्रशर के मालिक लोगों को लूट रहे हैं, लेकिन पूर्व एमएलसी के आरोपों से यह लगता है कि क्रशर वालों से मोटा पैसा मंत्रालय तक पहुंचता है। यह आरोप किसी विपक्षी नेता ने नहीं बल्कि भाजपा के ही वरिष्ठ नेता ने लगाए हैं। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में दो वर्ष से अगर कोई गरीब आदमी मकान बनाने की नहीं सोचता है। क्योंकि जो रेत बजरी की ट्रॉली 1000 की आती थी वह अब चार से पांच हजार तक मिलती है।
मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। कांग्रेस की मांग है कि मंत्री पर लगाए गए आरोपों को देखते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह को तुरंत मंत्री के पद से हटना चाहिए। साथ ही देविका परियोजना के कार्य की भी जांच करने की मांग करते हैं। देविका परियोजना के लिए केंद्र सरकार ने 187 करोड़ रुपये दिए हैं, लेकिन इसका ज्यादातर पैसा सीवरेज प्रोजेक्ट पर लगाया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री छह माह में एक बार उधमपुर आते हैं और देविका नदी के तट पर फोटो खिंचवा कर चले जाते हैं। सीवरेज पाइप लाइन के कार्य के चलते शहर की ज्यादातर सड़कें व गलियां बदहाल हो चुकी हैं। जांच के लिए कोई कमेटी गठित नहीं की गई है।
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मगोत्रा ने कहा कि केंद्रीय मंत्री पर खनन माफिया से मिलीभगत होने का आरोप काफी गंभीर है। प्रदेश के लोग यह सोचते थे कि स्टोन क्रशर के मालिक लोगों को लूट रहे हैं, लेकिन पूर्व एमएलसी के आरोपों से यह लगता है कि क्रशर वालों से मोटा पैसा मंत्रालय तक पहुंचता है। यह आरोप किसी विपक्षी नेता ने नहीं बल्कि भाजपा के ही वरिष्ठ नेता ने लगाए हैं। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में दो वर्ष से अगर कोई गरीब आदमी मकान बनाने की नहीं सोचता है। क्योंकि जो रेत बजरी की ट्रॉली 1000 की आती थी वह अब चार से पांच हजार तक मिलती है।
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मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। कांग्रेस की मांग है कि मंत्री पर लगाए गए आरोपों को देखते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह को तुरंत मंत्री के पद से हटना चाहिए। साथ ही देविका परियोजना के कार्य की भी जांच करने की मांग करते हैं। देविका परियोजना के लिए केंद्र सरकार ने 187 करोड़ रुपये दिए हैं, लेकिन इसका ज्यादातर पैसा सीवरेज प्रोजेक्ट पर लगाया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री छह माह में एक बार उधमपुर आते हैं और देविका नदी के तट पर फोटो खिंचवा कर चले जाते हैं। सीवरेज पाइप लाइन के कार्य के चलते शहर की ज्यादातर सड़कें व गलियां बदहाल हो चुकी हैं। जांच के लिए कोई कमेटी गठित नहीं की गई है।
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