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स्थायी और तबादला नीति लागू नहीं करने पर साधा निशाना
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उधमपुर। जम्मू-कश्मीर टीचर्स ज्वाइंट एक्शन कमेटी की बैठक रविवार को प्रदेश प्रधान विनोद शर्मा और जिला प्रधान लेख राज परिहार की अध्यक्षता में हुई। इसमें लंबित मांगों को लेकर चर्चा की गई। वहीं, पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा करने वाले आरईटी शिक्षकों को स्थायी नहीं करने और तबादला नीति लागू नहीं करने पर शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर निशाना साधा गया।
लेख राज परिहार ने कहा कि कई बार मांग करने के बाद भी पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा करने के बाद भी कई आरईटी शिक्षकों को स्थायी नहीं किया जा रहा है। इतना ही नहीं इनको कई महीनों से वेतन भी जारी नहीं किया गया है। इस कारण शिक्षक परेशानियों का सामना कर रहे हैं। शिक्षा निदेशक के आश्वासन के बावजूद अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया है।
विभाग आरईटी शिक्षकों के लिए तबादला नीति को भी लागू नहीं कर पाया है। शिक्षकों की समस्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। कई जोन में जेडईओ, प्रिंसिपल, हेडमास्टर के पद रिक्त पड़े हैं, जिनको भरने के लिए विभाग कुछ नहीं कर रहा है। विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। कई बार शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को शिक्षा विभाग के सामने रख चुके हैं, लेकिन आज तक शिक्षा विभाग के अधिकारियों कुछ नहीं किया है। इस मौके पर सुखदेव सिंह, शाम शर्मा, सुकेश खजूरिया, अशोक सेठ, प्रीतम गोस्वामी और रविंद्र राठौर आदि मौजूद रहे।
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लेख राज परिहार ने कहा कि कई बार मांग करने के बाद भी पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा करने के बाद भी कई आरईटी शिक्षकों को स्थायी नहीं किया जा रहा है। इतना ही नहीं इनको कई महीनों से वेतन भी जारी नहीं किया गया है। इस कारण शिक्षक परेशानियों का सामना कर रहे हैं। शिक्षा निदेशक के आश्वासन के बावजूद अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया है।
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विभाग आरईटी शिक्षकों के लिए तबादला नीति को भी लागू नहीं कर पाया है। शिक्षकों की समस्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। कई जोन में जेडईओ, प्रिंसिपल, हेडमास्टर के पद रिक्त पड़े हैं, जिनको भरने के लिए विभाग कुछ नहीं कर रहा है। विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। कई बार शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को शिक्षा विभाग के सामने रख चुके हैं, लेकिन आज तक शिक्षा विभाग के अधिकारियों कुछ नहीं किया है। इस मौके पर सुखदेव सिंह, शाम शर्मा, सुकेश खजूरिया, अशोक सेठ, प्रीतम गोस्वामी और रविंद्र राठौर आदि मौजूद रहे।
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