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Udhampur News: एसीबी ने बटोत के पटवारी को 40,000 रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा
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संवाद न्यूज एजेंसी
रामबन। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की एक टीम ने शुक्रवार को रामबन के बटोत इलाके में एक शिकायतकर्ता से 40,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए एक पटवारी को रंगेहाथ गिरफ्तार किया।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक एसीबी डोडा को शिकायत मिली थी। इसमें शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि पिता की मृत्यु के बाद पैतृक भूमि पर अपना नाम दर्ज कराना चाहता था। उसने विरासती इंतकाल के पंजीकरण के लिए आवेदन किया था। पटवारी अशोक कुमार ने पंजीकरण करने के एवज में 50,000 रुपये की रिश्वत की मांग की। बातचीत के बाद वह 40,000 पर सहमत हो गया। शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था। उसने कानूनी कार्रवाई करने के लिए एसीबी से संपर्क किया।
शिकायत मिलने पर एक गोपनीय सत्यापन किया गया जिससे संबंधित लोक सेवक द्वारा रिश्वत की मांग की पुष्टि हुई। तदनुसार आरोपी लोक सेवक के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (2018 में संशोधित) की धारा 7 के तहत एसीबी थाना डोडा में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
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जांच के दौरान राजपत्रित रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में टीम ने जाल बिछाया।आरोपी पटवारी को स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में शिकायतकर्ता से 40,000 की रिश्वत मांगते और स्वीकार करते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली गई। मामले में आगे की जांच जारी है।
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रामबन। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की एक टीम ने शुक्रवार को रामबन के बटोत इलाके में एक शिकायतकर्ता से 40,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए एक पटवारी को रंगेहाथ गिरफ्तार किया।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक एसीबी डोडा को शिकायत मिली थी। इसमें शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि पिता की मृत्यु के बाद पैतृक भूमि पर अपना नाम दर्ज कराना चाहता था। उसने विरासती इंतकाल के पंजीकरण के लिए आवेदन किया था। पटवारी अशोक कुमार ने पंजीकरण करने के एवज में 50,000 रुपये की रिश्वत की मांग की। बातचीत के बाद वह 40,000 पर सहमत हो गया। शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था। उसने कानूनी कार्रवाई करने के लिए एसीबी से संपर्क किया।
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शिकायत मिलने पर एक गोपनीय सत्यापन किया गया जिससे संबंधित लोक सेवक द्वारा रिश्वत की मांग की पुष्टि हुई। तदनुसार आरोपी लोक सेवक के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (2018 में संशोधित) की धारा 7 के तहत एसीबी थाना डोडा में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
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जांच के दौरान राजपत्रित रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में टीम ने जाल बिछाया।आरोपी पटवारी को स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में शिकायतकर्ता से 40,000 की रिश्वत मांगते और स्वीकार करते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली गई। मामले में आगे की जांच जारी है।