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अस्थायी कर्मियों के समर्थन में आए पंच-सरपंच
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उधमपुर/जिब। जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मचारियों की काम छोड़ हड़ताल से ग्रामीण क्षेत्रों में उपजे जलसंकट को देखते हुए जिब क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने सरकार से आग्रह किया है कि वह जल्द कदम उठाएं, ताकि समस्या दूर हो सके। वहीं, सुध नहीं लेने पर हड़ताली कर्मियों के समर्थन में सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर हो जाएंगे।
लोअर रैंबल के सरपंच शमशेर सिंह, कैंबल डंगा के सरपंच शशिपॉल, चोपड़ा शॉप के सरपंच प्रीतपॉल सिंह और गढ़ी रैंबल की सरपंच सुषमा देवी आदि ने कहा कि जल शक्ति विभाग के कर्मचारियों की कामछोड़ हड़ताल का सबसे अधिक प्रभाव ग्रामीण इलाकों में पड़ रहा है। गत आठ दिन से जारी हड़ताल की वजह से ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की गंभीर किल्लत पैदा हो गई है। लोगों को पीने के लिए भी पानी के लिए भी कई-कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ रहा है। जबकि सरकार हड़ताल को खत्म करवाने को लेकर कोई कदम नहीं उठा रही है। इसलिए मांग है कि सरकार जल्द जलशक्ति विभाग के कर्मचारियों की जायज मांगों को पूरा कर समस्या का समाधान करे। क्योंकि सरकार हर बार इन कर्मियों को झूठे आश्वासन देकर गुमराह करती आई है। कर्मचारियों की हड़ताल का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
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लोअर रैंबल के सरपंच शमशेर सिंह, कैंबल डंगा के सरपंच शशिपॉल, चोपड़ा शॉप के सरपंच प्रीतपॉल सिंह और गढ़ी रैंबल की सरपंच सुषमा देवी आदि ने कहा कि जल शक्ति विभाग के कर्मचारियों की कामछोड़ हड़ताल का सबसे अधिक प्रभाव ग्रामीण इलाकों में पड़ रहा है। गत आठ दिन से जारी हड़ताल की वजह से ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की गंभीर किल्लत पैदा हो गई है। लोगों को पीने के लिए भी पानी के लिए भी कई-कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ रहा है। जबकि सरकार हड़ताल को खत्म करवाने को लेकर कोई कदम नहीं उठा रही है। इसलिए मांग है कि सरकार जल्द जलशक्ति विभाग के कर्मचारियों की जायज मांगों को पूरा कर समस्या का समाधान करे। क्योंकि सरकार हर बार इन कर्मियों को झूठे आश्वासन देकर गुमराह करती आई है। कर्मचारियों की हड़ताल का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
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