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चोटियों पर दिन भर गिरते रहे बर्फ के फाहे
ब्यूरो/अमर उजाला, उधमपुर/चिनैनी
Updated Sat, 30 Jan 2016 01:00 AM IST
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आखिरकार काफी शिद्दत के बाद एक बार फिर मौसम मेहरबान हुआ। शुक्रवार को पर्वतीय चोटियों पर दिन भर बर्फ के फाहे गिरते रहे।
जबकि मैदानी इलाकों में बारिश का सिलसिला भी जारी रहा। मौसम के बदले मिजाज से लोगों ने राहत महसूस की। इस बीच बारिश और बर्फबारी के कारण कड़ाके की ठंड पड़ने लगी। लोग अलाव जलाकर ठंड से बचाव करने में जुटे थे।
पूर्वानुमान के मुताबिक मौसम का मिजाज शुक्रवार को बिगड़ गया। हालांकि वीरवार की देर शाम से ही मौसम का रुख बदलने लगा था।
शुक्रवार की सुबह जब लोग सोकर जागे तो जर्रा-जर्रा बारिश की फुहार से सराबोर हो रहा था। उधमपुर, चिनैनी, रामबन, किश्तवाड़, डोडा और अन्य इलाकों में बारिश लगातार हो रही थी।
पहाड़ों पर बर्फ गिरने से ठंड में भारी इजाफा हो गया था। पूरे क्षेत्र में बर्फीली हवाएं चल रही थी। मौसम के बदलते रंग के चलते नत्थाटाप की चोटी सफेद चादर में लिपट गई।
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साथ ही जुगधार, शिवगढ़ धार, देरा टाप, लाटी की चोटियों और स्योजधार पर बर्फ के फाहे गिरने का दौर दिन भर चलता रहा। दुकानदार भी दुकानें जल्दी बंद कर घरों में दुबक गए थे।
उधमपुर में वीरवार आधी रात के बाद शुरू हुुई हल्की बूंदाबांदी ने सुबह मौसम का मिजाज एक दम से बिगाड़ दिया। दिनभर रुक-रुक कर बारिश होती रही।
अधिकतम तापमान में करीब छह डिग्री की कमी पाई गई। जबकि न्यूूनतम तापमान भी दो डिग्री तक कम हुआ। हालांकि कई दिनों से सूखे की मार झेल रहे किसानों के चेहरे खिल गए हैं।
पहाड़ों पर ताजा हिमपात से सूख रही नदियों में पानी का बहाव आने से लोगों की उम्मीदें जगीं हैं। काफी समय से बारिश का इंतजार किया जा रहा था।
जनवरी में बारिश व हिमपात कम होने के कारण किसान भी परेशान थे। हालांकि अनुमान के मुताबिक बारिश कम हुई। छात्र व छात्राओं को छाता लेकर घरों से निकलना पड़ा। दोपहिया वाहन भी सड़क पर कम देखे गए।
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जबकि मैदानी इलाकों में बारिश का सिलसिला भी जारी रहा। मौसम के बदले मिजाज से लोगों ने राहत महसूस की। इस बीच बारिश और बर्फबारी के कारण कड़ाके की ठंड पड़ने लगी। लोग अलाव जलाकर ठंड से बचाव करने में जुटे थे।
पूर्वानुमान के मुताबिक मौसम का मिजाज शुक्रवार को बिगड़ गया। हालांकि वीरवार की देर शाम से ही मौसम का रुख बदलने लगा था।
शुक्रवार की सुबह जब लोग सोकर जागे तो जर्रा-जर्रा बारिश की फुहार से सराबोर हो रहा था। उधमपुर, चिनैनी, रामबन, किश्तवाड़, डोडा और अन्य इलाकों में बारिश लगातार हो रही थी।
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पहाड़ों पर बर्फ गिरने से ठंड में भारी इजाफा हो गया था। पूरे क्षेत्र में बर्फीली हवाएं चल रही थी। मौसम के बदलते रंग के चलते नत्थाटाप की चोटी सफेद चादर में लिपट गई।
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साथ ही जुगधार, शिवगढ़ धार, देरा टाप, लाटी की चोटियों और स्योजधार पर बर्फ के फाहे गिरने का दौर दिन भर चलता रहा। दुकानदार भी दुकानें जल्दी बंद कर घरों में दुबक गए थे।
उधमपुर में वीरवार आधी रात के बाद शुरू हुुई हल्की बूंदाबांदी ने सुबह मौसम का मिजाज एक दम से बिगाड़ दिया। दिनभर रुक-रुक कर बारिश होती रही।
अधिकतम तापमान में करीब छह डिग्री की कमी पाई गई। जबकि न्यूूनतम तापमान भी दो डिग्री तक कम हुआ। हालांकि कई दिनों से सूखे की मार झेल रहे किसानों के चेहरे खिल गए हैं।
पहाड़ों पर ताजा हिमपात से सूख रही नदियों में पानी का बहाव आने से लोगों की उम्मीदें जगीं हैं। काफी समय से बारिश का इंतजार किया जा रहा था।
जनवरी में बारिश व हिमपात कम होने के कारण किसान भी परेशान थे। हालांकि अनुमान के मुताबिक बारिश कम हुई। छात्र व छात्राओं को छाता लेकर घरों से निकलना पड़ा। दोपहिया वाहन भी सड़क पर कम देखे गए।