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Udhampur News: रोपवे परियोजना विवाद गरमाया, समिति का आरोप-ज्ञापन के जरिये लोगों की आवाज को दबाया गया
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कटड़ा। धर्मनगरी में रोपवे परियोजना का मामला गरमा गया है। श्री माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति के सदस्यों ने प्रेस वार्ता में कहा कि शहर की जनता की वास्तविक आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में हाई पावर कमेटी के समक्ष कुछ चुनिंदा लोगों द्वारा ज्ञापन दिया गया था न कि कटड़ा की जनता की ओर से। लोग रोपवे परियोजना के खिलाफ हैं, लेकिन जानबूझकर मुद्दे को नजरअंदाज किया जा रहा है। जब हाई पावर कमेटी पहुंची तो सदस्यों को बस स्टैंड से नीचे जाने नहीं दिया गया। कई लोगों को जबरन रोका गया। किसी तरह कुछ सदस्य पहुंच पाए और कमेटी के सामने बात रखी।
समिति ने दो टूक कहा कि वे पहले भी रोपवे के पक्ष में नहीं थे और आज भी फैसले पर अडिग हैं। परियोजना से न केवल स्थानीय लोगों की आस्था को ठेस पहुंचेगी, बल्कि घोड़ा, पिट्ठू, पालकी और अन्य व्यवसायों पर बुरा असर पड़ेगा। जब ताराकोट रोड बना था उस समय श्राइन बोर्ड के अधिकारियों का कहना था कि यहां पर घोड़ा-पिट्ठू चलाया जाएगा। इसके लिए विधायक को लिखित में दिया गया था। मगर आज तक उस रास्ते पर सुविधा नहीं मिली। समिति ने स्पष्ट किया कि जब तक रोपवे परियोजना को पूरी तरह से रद्द नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। यहां अध्यक्ष बलिराम राणा, राजेश, करण सिंह, मानव, ऋषि, जगदीश राज वर्मा, वरुण मगोत्रा मौजूद रहे।
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उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में हाई पावर कमेटी के समक्ष कुछ चुनिंदा लोगों द्वारा ज्ञापन दिया गया था न कि कटड़ा की जनता की ओर से। लोग रोपवे परियोजना के खिलाफ हैं, लेकिन जानबूझकर मुद्दे को नजरअंदाज किया जा रहा है। जब हाई पावर कमेटी पहुंची तो सदस्यों को बस स्टैंड से नीचे जाने नहीं दिया गया। कई लोगों को जबरन रोका गया। किसी तरह कुछ सदस्य पहुंच पाए और कमेटी के सामने बात रखी।
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समिति ने दो टूक कहा कि वे पहले भी रोपवे के पक्ष में नहीं थे और आज भी फैसले पर अडिग हैं। परियोजना से न केवल स्थानीय लोगों की आस्था को ठेस पहुंचेगी, बल्कि घोड़ा, पिट्ठू, पालकी और अन्य व्यवसायों पर बुरा असर पड़ेगा। जब ताराकोट रोड बना था उस समय श्राइन बोर्ड के अधिकारियों का कहना था कि यहां पर घोड़ा-पिट्ठू चलाया जाएगा। इसके लिए विधायक को लिखित में दिया गया था। मगर आज तक उस रास्ते पर सुविधा नहीं मिली। समिति ने स्पष्ट किया कि जब तक रोपवे परियोजना को पूरी तरह से रद्द नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। यहां अध्यक्ष बलिराम राणा, राजेश, करण सिंह, मानव, ऋषि, जगदीश राज वर्मा, वरुण मगोत्रा मौजूद रहे।
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