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सड़कों के किनारे से सूख गए पौधे
ब्यूरो/अमर उजाला, उध्ामपुर
Updated Sat, 15 Nov 2014 12:41 AM IST
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राजमार्ग
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व धार रोड पर पौधरोपण करके हजारों की संख्या में पौधे
लगाए गए थे, लेकिन रखरखाव के अभाव में सूख्ा गए।
शहर के दायरे से होकर गुजर रहे राष्ट्रीय राजमार्ग व धार रोड को हरा भरा बनाने के उद्देश्य से करीब डेढ़ वर्ष पहले जिला प्रशासन की तरफ से राजमार्ग व धार रोड के दोनों किनारों पर पौधरोपण करके हजारों की संख्या में पौधे लगाए गए थे, लेकिन रख रखाव के अभाव में वर्तमान समय में सभी पौधे खराब हो चुके हैं।
पौधरोपण का उद्घाटन करने वाले डीसी उधमपुर के कार्यालय के बाहर लगाए पौधे भी पूरी तरह से खराब हो चुके हैं। अगस्त 2013 में डीसी उधमपुर ने अपने कार्यालय के बाहर गुलमोहर का पौधा लगाकर इस अभियान का शुभारंभ किया था।
इसके बाद बारी बारी से स्कूल व कालेज के विद्यार्थियों ने पौधरोपण किया था। धार रोड व राजमार्ग के किनारे पर एक हजार से भी ज्यादा पौधे लगाए गए थे, लेकिन पौधे लगाने के बाद किसी ने भी इनकी सुध नहीं ली।
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योजना दस हजार पौधे लगाने की थी, लेकिन इसमें इसमें कामयाबी नहीं मिल सकी। डीसी कार्यालय के बाहर व धार के किनारों पर पौधों की मवेशियों से सुरक्षा के लिए लोहे के जंगले भी लगाए थे, लेकिन इसके बावजूद पौधों को सुरक्षित नहीं रखा जा सका।
डीसी कार्यालय के बाहर लगाए गए भी ज्यादातर पौधे पूरी तरह से खराब हो चुके हैं। लोहे के जंगले क्षतिग्रस्त होकर जमीन पर पड़े हुए हैं। वहीं शहरवासियों का कहना है कि प्रशासन को पौध रोपण करने के बाद इनके रख रखाव के लिए भी कुछ योजना बनानी चाहिए थी।
शहर के दायरे से होकर गुजर रहे राष्ट्रीय राजमार्ग व धार रोड को हरा भरा बनाने के उद्देश्य से करीब डेढ़ वर्ष पहले जिला प्रशासन की तरफ से राजमार्ग व धार रोड के दोनों किनारों पर पौधरोपण करके हजारों की संख्या में पौधे लगाए गए थे, लेकिन रख रखाव के अभाव में वर्तमान समय में सभी पौधे खराब हो चुके हैं।
पौधरोपण का उद्घाटन करने वाले डीसी उधमपुर के कार्यालय के बाहर लगाए पौधे भी पूरी तरह से खराब हो चुके हैं। अगस्त 2013 में डीसी उधमपुर ने अपने कार्यालय के बाहर गुलमोहर का पौधा लगाकर इस अभियान का शुभारंभ किया था।
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इसके बाद बारी बारी से स्कूल व कालेज के विद्यार्थियों ने पौधरोपण किया था। धार रोड व राजमार्ग के किनारे पर एक हजार से भी ज्यादा पौधे लगाए गए थे, लेकिन पौधे लगाने के बाद किसी ने भी इनकी सुध नहीं ली।
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योजना दस हजार पौधे लगाने की थी, लेकिन इसमें इसमें कामयाबी नहीं मिल सकी। डीसी कार्यालय के बाहर व धार के किनारों पर पौधों की मवेशियों से सुरक्षा के लिए लोहे के जंगले भी लगाए थे, लेकिन इसके बावजूद पौधों को सुरक्षित नहीं रखा जा सका।
डीसी कार्यालय के बाहर लगाए गए भी ज्यादातर पौधे पूरी तरह से खराब हो चुके हैं। लोहे के जंगले क्षतिग्रस्त होकर जमीन पर पड़े हुए हैं। वहीं शहरवासियों का कहना है कि प्रशासन को पौध रोपण करने के बाद इनके रख रखाव के लिए भी कुछ योजना बनानी चाहिए थी।