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Udhampur News: पंचायती फंड से सरकारी मिडिल स्कूल की इमारत की करवाई मरम्मत
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संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। ब्लॉक घोरड़ी में पड़ते मलाल में मौजूद सरकारी मिडिल स्कूल की खस्ताहाल इमारत की मरम्मत करवा दी गई है। इससे विद्यार्थियों और अभिभावकों ने राहत की सांस ली है।क्षेत्र के बच्चों को पढ़ाई के लिए दूर न जाना पड़े, इसलिए मिडिल स्कूल का निर्माण किया गया था।
पिछले सात सालों से स्कूल की हालत दयनीय बनी हुई थी। लोगों ने कई बार विभाग से स्कूल की जर्जर इमारत की मरम्मत की गुहार लगाई। लेकिन सिवाय आश्वासन के कुछ नहीं मिला। पूर्व सरपंच की ओर से इमारत की मरम्मत के लिए प्रस्ताव बनाकर ब्लॉक डेवलपमेंट आफिस भेजा जिसके बाद यह काम सफल हो पाया। स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या 70 से अधिक है। पूर्व सरपंच यशपाल ने बताया जर्जर इमारत के चलते विद्यार्थी काफी परेशान थे। अभिभावक भी कई बार स्कूल प्रशासन से इमारत की मरम्मत करवाने की गुहार लगा चुके थे।
जब विभाग ने मरम्मत कार्य नहीं करवाया तो उन्होंने प्रस्ताव बनाकर बीडीओ कार्यालय भेजा ताकि पंचायती फंड से मरम्मत करवाई जा सके। पंचायत के 2024-25 के बजट में 2 लाख 50 हजार रुपये मरम्मत कार्य के लिए मंजूर हुए। इसके बाद काम करवाया गया। हालांकि यह कार्य विभाग की ओर से किया जाना चाहिए था।
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कोट... इस वित्त वर्ष प्लान में जिले के 300 स्कूलों की मरम्मत व नई इमारतों के लिए सूची बनाकर भेजी गई है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है कि अन्य स्कूलों की इमारत की मरम्मत का कार्य कब तक करवाया जा सकता है।
-कमल किशोर बडयाल, मुख्य शिक्षा अधिकारी
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उधमपुर। ब्लॉक घोरड़ी में पड़ते मलाल में मौजूद सरकारी मिडिल स्कूल की खस्ताहाल इमारत की मरम्मत करवा दी गई है। इससे विद्यार्थियों और अभिभावकों ने राहत की सांस ली है।क्षेत्र के बच्चों को पढ़ाई के लिए दूर न जाना पड़े, इसलिए मिडिल स्कूल का निर्माण किया गया था।
पिछले सात सालों से स्कूल की हालत दयनीय बनी हुई थी। लोगों ने कई बार विभाग से स्कूल की जर्जर इमारत की मरम्मत की गुहार लगाई। लेकिन सिवाय आश्वासन के कुछ नहीं मिला। पूर्व सरपंच की ओर से इमारत की मरम्मत के लिए प्रस्ताव बनाकर ब्लॉक डेवलपमेंट आफिस भेजा जिसके बाद यह काम सफल हो पाया। स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या 70 से अधिक है। पूर्व सरपंच यशपाल ने बताया जर्जर इमारत के चलते विद्यार्थी काफी परेशान थे। अभिभावक भी कई बार स्कूल प्रशासन से इमारत की मरम्मत करवाने की गुहार लगा चुके थे।
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जब विभाग ने मरम्मत कार्य नहीं करवाया तो उन्होंने प्रस्ताव बनाकर बीडीओ कार्यालय भेजा ताकि पंचायती फंड से मरम्मत करवाई जा सके। पंचायत के 2024-25 के बजट में 2 लाख 50 हजार रुपये मरम्मत कार्य के लिए मंजूर हुए। इसके बाद काम करवाया गया। हालांकि यह कार्य विभाग की ओर से किया जाना चाहिए था।
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कोट... इस वित्त वर्ष प्लान में जिले के 300 स्कूलों की मरम्मत व नई इमारतों के लिए सूची बनाकर भेजी गई है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है कि अन्य स्कूलों की इमारत की मरम्मत का कार्य कब तक करवाया जा सकता है।
-कमल किशोर बडयाल, मुख्य शिक्षा अधिकारी